Ranjeet Bhartiya 05/03/2019
जाट गायक सिद्धू मूसेवाला आज हमारे बीच नहीं है पर उनकी याद हमारे दिलों में हमेशा बनी रहेगी। अपने गानों के माध्यम से वह अमर हो गए हैं । सिद्धू मूसेवाला की 29 मई को मानसा जिले में उनके घर से कुछ किलोमीटर दूर ही गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. हत्या किसने और किस वजह से की यह तो जांच के बाद ही पता चल पाएगा लेकिन हमने जाट समाज का एक अनमोल रत्न खो दिया है। उनके फैंस पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा है। jankaritoday.com की टीम के तरफ से उनको एक सच्ची श्रद्धांजलि! Jankaritoday.com अब Google News पर। अपनेे जाति के ताजा अपडेट के लिए Subscribe करेेेेेेेेेेेें।
 

Last Updated on 06/09/2020 by Sarvan Kumar

लखीसराय भारत के बिहार राज्य में स्थित एक जिला है. दक्षिण बिहार में आने वाला यह जिला मुंगेर प्रमंडल के अंतर्गत आता है.लखीसराय में एक प्रसिद्ध मंदिर है उसकाा नाम है अशोक धाम.अशोक धाम की कहानी अत्यंत रोचक है.आईये जानते हैं इस मंदिर और और लखीसराय जिले की पूरी जानकारी.

गठन
एक स्वतंत्र जिले के रूप में अस्तित्व में आने से पहले लखीसराय मुंगेर जिले का एक अनुमंडल था. 3 जुलाई 1994 को इसे मुंगेर जिले से अलग करके एक स्वतंत्र जिला बनाया गया.

लखीसराय जिले की भौगोलिक स्थिति

बाउंड्री (चौहद्दी)
उत्तर में – बेगूसराय और पटना जिला
दक्षिण में – जमुई जिला
पूरब में- मुंगेर जिला
पश्चिम में – शेखपुरा और नालंदा जिला

क्षेत्रफल
लखीसराय जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल 1228 वर्ग किलोमीटर है.

प्रमुख नदियां : गंगा, मोहनी, हरोहर और किऊल

अर्थव्यवस्था- कृषि ,उद्योग और उत्पाद

कृषि
लखीसराय जिले की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर आधारित है. जिले में उगाए जाने वाले प्रमुख फसल हैं: धान, गेहूं और दलहन.

उद्योग
जिले में कई फर्टिलाइजर और कीटनाशक फैक्ट्री है.जिले में फैब्रिक्स के मार्केट में विस्तार हो रहा है कई छोटे-बड़े दुकान खुल रहे है .यहां सिंदूर बनाने की कई फैक्ट्रियां कार्यरत है.

लखीसराय जिले का  प्रशासनिक सेटअप

प्रमंडल: मुंगेर

अनुमंडल: लखीसराय जिले मे सिर्फ एक अनुमंडल है -लखीसराय.

प्रखंड: लखीसराय जिले को कुल 7 प्रखंडों में बांटा गया है- सदर लखीसराय, बड़हिया, पिपरिया, हलसी, चानन, रामगढ़ चौक और सूर्यगढ़ा.

शहरी क्षेत्र : 2
ग्राम पंचायतों की संख्या: 79
कुल गांवों की संख्या: 479

निर्वाचन क्षेत्र
लोकसभा
लखीसराय जिला मुंगेर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है.

विधानसभा
लखीसराय जिले के अंतर्गत 2 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र आते हैं: सूर्यगढ़ा और लखीसराय.

लखीसराय जिले की डेमोग्राफी (जनसांख्यिकी)

2011 की आधिकारिक जनगणना के अनुसार,
कुल जनसंख्या : 10.01 लाख
पुरुष : 5.26 लाख
महिला: 4.74 लाख

जनसंख्या वृद्धि (दशकीय): 24.77%
जनसंख्या घनत्व (प्रति वर्ग किलोमीटर): 815
बिहार की जनसंख्या में अनुपात: 0.96%
लिंगानुपात (महिलाएं प्रति 1000 पुरुष) : 902

औसत साक्षरता: 62.42%
पुरुष साक्षरता : 71.26%
महिला साक्षरता: 52.57%

शहरी और ग्रामीण जनसंख्या
शहरी जनसंख्या : 14.29%
ग्रामीण जनसंख्या: 85.71%

धर्म

अधिकारिक जनगणना 2011 के अनुसार, लखीसराय एक हिंदू बहुसंख्यक जिला है. जिले में हिंदुओं की जनसंख्या 95.55% है, जबकि मुस्लिमों की आबादी 4.08% है.अन्य धर्मो की बात करें तो जिले में ईसाई 0.05%, सिख 0.01% , बौद्ध 0.01%और जैन 0.01% हैं.

लखीसराय जिले की  पर्यटन स्थल

अशोक धाम मंदिर

जिले में स्थित भगवान शिव को समर्पित अशोक धाम मंदिर हिंदुओं के लिए एक पवित्र तीर्थ स्थान है.

अशोक धाम की  कहानी अत्यंत ही रोचक है

बात 7 अप्रैल 1977 की है. अशोक नाम का चरवाहा प्रतिदिन गाय चराने के लिए जाया करता था. एक दिन गिल्ली-डंडा खेलने के क्रम में उसने एक विशाल शिवलिंग को धरती के अंदर पड़ा देखा. उसने शिवलिंग को उखाड़ने की कोशिश की. लेकिन वह उसे जरा सा भी हिला तक नहीं पाया. इसके बाद उसी स्थान पर इस मंदिर का निर्माण किया गया. तभी से इस मंदिर का नाम अशोक धाम मंदिर पड़ गया.11 फरवरी 1993 को जगन्नाथ पुरी के शंकराचार्य ने मंदिर परिसर के पुनर्निर्माण का उद्घाटन किया.इस मंदिर में शिवरात्रि और सावन के महीने में श्रद्धालु भारी संख्या में इकट्ठा होते हैं. धार्मिक अनुष्ठानों के साथ साथ यह मंदिर मुंडन संस्कार के लिए भी बहुत लोकप्रिय है.

जलप्पा स्थान

मुख्य रूप से गौ पूजा के लिए जाने जाने वाला यह धार्मिक स्थान पहाड़ियों पर स्थित है. यहां पर स्थानीय लोगों के साथ साथ दूरदराज से भी श्रद्धालु (खासकर मंगलवार) को भारी संख्या में आते हैं.

मां दुर्गा स्थान

मां दुर्गा का यह मंदिर लखीसराय जंक्शन से 10 किलोमीटर दक्षिण में, लखीसराय थाना क्षेत्र के शरमा में, किऊल नदी के किनारे स्थित है. दशहरे के अवसर पर यहां बहुत बड़ा मेला लगता है जो देखने लायक होता है.

गोविंद बाबा स्थान

धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण यह स्थान पूरे क्षेत्र में पूजनीय है. यह मंदिर मानो- रामपुर गांव में स्थित है.

श्रृंगी ऋषि

लखीसराय जिले के दक्षिण-पूर्व में स्थित यह तीर्थस्थान खड़गपुर की पहाड़ियों पर स्थित है. इस जगह का नाम ऋषि श्रृंगी के नाम पर रखा गया है. यहां पर शिवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ इकट्ठा होती है.

पोखरामा

यह दर्शनीय स्थान बहुत सारे मंदिर और तालाब के लिए जाना जाता है. यहां स्थित दुखभंजन स्थान, काली स्थान, ठाकुरबाड़ी, क्षेमतरिणी, सूर्य मंदिर और साधबाबा पूरे क्षेत्र में पूजनीय हैं. महापर्व छठ के अवसर पर यहां पर भारी संख्या में श्रद्धालु पूजा अर्चना करने आते हैं.

अभयनाथ स्थान

अभय पुर गांव के दक्षिण में पहाड़ की चोटी पर स्थित अभयनाथ स्थान एक प्रसिद्ध पवित्र स्थल है. हर सप्ताह मंगलवार के दिन यहां पर श्रद्धालु विशेष रूप से पूजा-पाठ करने आते हैं. हर साल आषाढ़ के पूर्णिमा के अवसर पर यहां पर भव्य पूजा अर्चना होती है.

 लखीसराय कैसे पहुंचे?

हवाई मार्ग
लखीसराय में कोई हवाई अड्डा नहीं है.
निकटतम हवाई अड्डा: जयप्रकाश नारायण एयरपोर्ट (Code: PAT) लखीसराय जिले से लगभग 140 किलोमीटर दूर पटना में स्थित है.

रेल मार्ग
रेल मार्ग से आप आसानी से लखीसराय आ सकते हैं . देश के अन्य प्रमुख शहरों से लखीसराय के लिए नियमित ट्रेन चलती है.
नजदीकी रेलवे स्टेशन: लखीसराय जंक्शन रेलवे स्टेशन (LKR) और किउल जंक्शन (KIUL)

सड़क मार्ग
लखीसराय राज्य और देश के प्रमुख नगरों से शहरों से सड़क मार्ग से अच्छे से जुड़ा हुआ है. यह नेशनल हाईवे 80 पर स्थित है.

आप चाहे तो अपने निजी वाहन कार या बाइक से भी यहां आ सकते हैं.

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