Ranjeet Bhartiya 20/10/2019
जाट गायक सिद्धू मूसेवाला आज हमारे बीच नहीं है पर उनकी याद हमारे दिलों में हमेशा बनी रहेगी। अपने गानों के माध्यम से वह अमर हो गए हैं । सिद्धू मूसेवाला की 29 मई को मानसा जिले में उनके घर से कुछ किलोमीटर दूर ही गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. हत्या किसने और किस वजह से की यह तो जांच के बाद ही पता चल पाएगा लेकिन हमने जाट समाज का एक अनमोल रत्न खो दिया है। उनके फैंस पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा है। jankaritoday.com की टीम के तरफ से उनको एक सच्ची श्रद्धांजलि! Jankaritoday.com अब Google News पर। अपनेे जाति के ताजा अपडेट के लिए Subscribe करेेेेेेेेेेेें।
 

Last Updated on 20/10/2019 by Sarvan Kumar

कानपुर देहात भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित एक जिला है. गंगा-यमुना दोआब के दक्षिणी हिस्से में स्थित यह जिला कानपुर प्रमंडल के अंतर्गत आता है. अकबरपुर जिले का प्रशासनिक मुख्यालय है. कानपुर देहात जिला पौराणिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हिंदू धार्मिक स्थलों जैसे वाणेश्वर महादेव मंदिर, कात्यायनी देवी (कथरी देवी) का मंदिर और परहुल देवी मंदिर के लिए प्रसिद्ध है.

कानपुर देहात जिले का संक्षिप्त इतिहास

जिले के नामकरण के बारे में मान्यता है कि इसे पहले “कन्हैयापुरि” या “कान्हपुर” के नाम से जाना जाता था जो कालांतर में अपभ्रंश के कारण कानपुर हो गया. स्थानीय परंपरा के अनुसार, शहर की स्थापना सचेंदी राज्य के राजा हिंदू सिंह ने किया था. सन 1750 के आसपास राजा हिंदू सिंह जब यहां पवित्र गंगा नदी में स्नान करने आए थे तो उन्होंने यहां कान्हपुर नामक गांव को बसाया था, जो कालांतर में कानपुर में बदल गया.

कानपुर देहात जिला कब बना

एक स्वतंत्र जिले के रूप में अस्तित्व में आने से पहले कानपुर नगर जिला भूतपूर्व कानपुर जिले का हिस्सा हुआ करता था. 9 जून 1976 को इसे भूतपूर्व कानपुर जिले से अलग करके एक स्वतंत्र जिला बनाया गया. इस तरह से भूतपूर्व कानपुर जिले का शेष हिस्सा कानपुर देहात जिले के रूप में अस्तित्व में आया. 12 जुलाई 1977 को इन दोनों जिलो को एकीकरण करके फिर से कानपुर जिला बनाया गया. 23 अप्रैल 1981 को कानपुर जिले को पुनः कानपुर नगर और कानपुर देहात जिलों में विभाजित कर दिया गया.

कानपुर देहात जिले की भौगोलिक स्थिति

बाउंड्री (चौहद्दी)
कानपुर देहात जिला कुल 5 जिलों से घिरा हुआ है.
उत्तर में-कन्नौज जिला
दक्षिण में-हमीरपुर जिला और जालौन जिला
पूरब में-कानपुर नगर जिला
पश्चिम में-औरैया जिला और जालौन जिला

समुद्र तल से ऊंचाई
कानपुर देहात जिला समुद्र तल से लगभग 128-140 मीटर की औसत ऊंचाई पर स्थित है.

क्षेत्रफल
कानपुर देहात जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल 3021 वर्ग किलोमीटर है.

प्रमुख नदियां:
जिले के प्रमुख नदियां हैं: गंगा, यमुना, रिंद, पांडु और लोन.

अर्थव्यवस्था-कृषि, उद्योग और उत्पाद

कानपुर देहात जिले की अर्थव्यवस्था कृषि, पशुपालन, मछली पालन, वन, उद्योग और व्यवसाय पर आधारित है.

कृषि

कानपुर देहात जिले की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर आधारित है. जिले में उगाए जाने वाले प्रमुख फसल हैं: गेहूं, मक्का, धान , बाजरा, ज्वार, दलहन (चना, उड़द, मूंग, मटर, मशहूर और अरहर), कपास, तिलहन (सरसों), गन्ना, आलू और सब्जियां

पशुपालन

ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन जिले के लोगों के लिए आय का एक महत्वपूर्ण जरिया है. जिले के प्रमुख पशु धन हैं: गाय,भैंस, सूअर, बकरी और पोल्ट्री.

मछली पालन

जिले के नदियों, नहरों, तालाबों और जलाशयों से मछली का उत्पादन किया जाता है.

वन

2011 के जनगणना के अनुसार जिले का 1.9% भूभाग वनों से आच्छादित है. जिले में पाए जाने वाले प्रमुख वन संपदा हैं: ढाक, बबूल, इमली, आमला, नींबू, अर्जुन बरगद, पीपल अमरूद, महुआ, जामुन, नीम, आम और शीशम.

खनिज

कानपुर देहात जिला खनिज संपन्न नहीं है. जिले में पाए जाने वाले प्रमुख खनिज हैं: बालू, कंकर, ब्रिक अर्थ और मौरंग.

उद्योग

जिले में स्थित प्रमुख उद्योग हैं: हैंडलूम उद्योग, कृषि आधारित उद्योग और अन्य लघु औद्योगिक इकाइयां.

व्यापार और वाणिज्य

जिले से निर्यात किए जाने वाले प्रमुख पदार्थ हैं: चमड़े से बने सामान और नायलॉन से बना रस्सी. जिले में रोजमर्रा के सामानों अनाज सब्जी हस्त निर्मित वस्तुओं और नमक इत्यादि का खरीद बिक्री होता है.

प्रशासनिक सेटअप

प्रमंडल: कानपुर
प्रशासनिक सहूलियत के लिए कानपुर देहात जिले को 6 तहसीलों (अनुमंडल) और 10 विकासखंडो (प्रखंड/ ब्लॉक) में बांटा गया है.

तहसील (अनुमंडल):
कानपुर देहात जिले को कुल 6 तहसीलों में बांटा गया है:
रसूलाबाद, अकबरपुर, डेरापुर, सिकंदरा, भोगनीपुर और मैथा

विकासखंड (प्रखंड):
कानपुर देहात जिले को कुल 10 विकासखंडों (प्रखंडों) में बांटा गया है: रसूलाबाद, झींझक, मैथा, सरवनखेड़ा,
अकबरपुर, डेरापुर, संदलपुर, राजपुर, मलासा और अमरौधा.

पुलिस थानों की संख्या: 16
नगर पालिका परिषद की संख्या: 1
नगर पंचायतों की संख्या: 8
न्याय पंचायतों की संख्या: 102
ग्राम पंचायतों की संख्या: 612
गांवों की संख्या: 1031

निर्वाचन क्षेत्र

लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र: 4
कानपुर देहात जिला 4 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों का हिस्सा है: अकबरपुर, इटावा, कन्नौज और जालौन

विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र: 4
कानपुर देहात जिले जिले के अंतर्गत कुल 4 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र आते हैं: अकबरपुर-रनिया, भोगनीपुर, रसूलाबाद और सिकंदरा

कानपुर देहात जिले की डेमोग्राफीक्स (जनसांख्यिकी)

2011 के आधिकारिक जनगणना के अनुसार, कानपुर देहात जिले की जनसांख्यिकी इस प्रकार है-
कुल जनसंख्या: 17.96 लाख
पुरुष: 9.63 लाख
महिला: 8.32 लाख

जनसंख्या वृद्धि (दशकीय): 14.89%
जनसंख्या घनत्व (प्रति वर्ग किलोमीटर): 595
उत्तर प्रदेश की जनसंख्या में अनुपात: 0.90%
लिंगानुपात (महिलाएं प्रति 1000 पुरुष): 865

औसत साक्षरता: 75.78%
पुरुष साक्षरता: 83.45%
महिला साक्षरता: 66.86%

शहरी और ग्रामीण जनसंख्या
शहरी जनसंख्या: 9.66%
ग्रामीण जनसंख्या: 90.34%

धार्मिक जनसंख्या

2011 के आधिकारिक जनगणना के अनुसार, कानपुर देहात एक हिंदू बहुसंख्यक जिला है. जिले में हिंदुओं की जनसंख्या 89.80% है, जबकि मुस्लिमों की आबादी 9.82% है.अन्य धर्मों की बात करें तो जिले में ईसाई 0.07%, सिख 0.03%, बौद्ध 0.05%, जैन 0.01% और अन्य 0.01% हैं.

भाषाएं
कानपुर देहात जिले में बोली जाने वाली प्रमुख भाषाएं हैं: हिंदी और उर्दू.

कानपुर देहात में घूमने की जगह

कानपुर देहात जिले में पौराणिक, धार्मिक, पुरातात्विक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण कई दर्शनीय स्थल हैं. जिले में स्थित प्रमुख दर्शनीय स्थलों के बारे में संक्षिप्त विवरण:

कात्यायनी देवी (कथरी देवी) का मंदिर

दुर्गा माता के छठे रूप कात्यायनी देवी को समर्पित यह विख्यात मंदिर कानपुर देहात जिले के भोगनीपुर तहसील मुख्यालय से लगभग 16 किलोमीटर की दूरी पर अमरौधा ब्लाक के कथरी गांव में स्थित है.

दुर्वासा ऋषि आश्रम

ऋषि दुर्वासा आश्रम मलासा ब्लॉक के अंतर्गत बरौर कस्बे से लगभग 5 किलोमीटर दूरी पर निगोही गांव के पास सेंगर नदी के तट पर स्थित है

वाणेश्वर महादेव मंदिर, बनीपारा

भगवान शिव को समर्पित यह प्राचीन मंदिर जिले के रूरा नगर से 7 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में रूरा-रसूलाबाद रोड पर बनीपारा जिनई गांव में स्थित है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस मंदिर की स्थापना दैत्यराज वाणासुर ने किया था.

परहुल देवी मंदिर

परहुल देवी (माता काली) को समर्पित यह प्रसिद्ध मंदिर रूरा रेलवे स्टेशन से लगभग 9 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में मैथा विकासखंड के लम्हरा गांव में रिंद नदी के किनारे स्थित है. 12 वीं सदी में निर्मित इस ऐतिहासिक मंदिर का संबंध बुंदेलखंड के प्रसिद्ध योद्धा आल्हा से है.

कपालेश्वर मंदिर

यह प्रसिद्ध मंदिर जिला मुख्यालय अकबरपुर से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर डेरापुर नगर कस्बे में सेंगर नदी के तट पर स्थित है. इस मंदिर का निर्माण 1894 में किया गया था.

मुक्ता देवी मंदिर

आस्था का केंद्र यह प्राचीन मंदिर कानपुर देहात जिले के मूसानगर में यमुना नदी के तट पर स्थित है.ऐसी मान्यता है कि यह मंदिर 5000 साल पुराना है.

प्राचीन बरगद का वृक्ष (शिव बजरंग धाम किशनपुर)

500 साल पुराना यह बरगद का वृक्ष रूरा रेलवे स्टेशन से लगभग 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है.

शुक्ल तालाब अकबरपुर

यह ऐतिहासिक तालाब जिला मुख्यालय अकबरपुर से थोड़ी दूरी पर स्थित है. मुगल शासनकालीन इस तालाब का निर्माण 1578 में किया गया था.

देवयानी सरोवर (छोटा गया)

छोटी गया के नाम से प्रसिद्ध यह तालाब कानपुर-झांसी हाईवे पर जिले के भोगनीपुर चौराहे से 19 किलोमीटर दूरी पर मूसानगर कस्बे के बीच में स्थित है.

कानपुर देहात कैसे पहुंचे?

कानपुर देहात जिले का अपना हवाई अड्डा नहीं है. यहां के लिए डायरेक्ट हवाई सेवाएं उपलब्ध नहीं है. निकटतम हवाई अड्डा: कानपुर एयरपोर्ट (Code: KNU). यह हवाई अड्डा जिला मुख्यालय अकबरपुर से लगभग 51 किलोमीटर की दूरी पर कानपुर नगर जिले के चकेरी में स्थित है.

रेल मार्ग

कानपुर देहात जिला रेल मार्ग से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ तथा देश के विभिन्न हिस्सों से अच्छे से जुड़ा हुआ है.
निकटतम रेलवे स्टेशन: कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन (Code: CNB), रूरा रेलवे स्टेशन (Code: RURA), झींझक रेलवे स्टेशन (Code: JJK) और मैथा रेलवे स्टेशन (Code: MTO).

सड़क मार्ग

कानपुर देहात जिला सड़क मार्ग से उत्तर प्रदेश और देश के प्रमुख शहरों से अच्छे से जुड़ा हुआ है. यहां के लिए नियमित बस सेवाएं उपलब्ध है. आप यहां अपने निजी वाहन कार या बाइक से भी आ सकते हैं. नेशनल हाईवे 2 (NH 2) और नेशनल हाईवे 25 (NH 25) जिले से होकर गुजरती है.

कानपुर देहात जिले की कुछ रोचक बातें:

2011 के जनगणना के अनुसार,
1. जनसंख्या की दृष्टि से उत्तर प्रदेश में 54वां स्थान है.
2. लिंगानुपात के मामले में उत्तर प्रदेश में 64वां स्थान है.
3. साक्षरता के मामले में उत्तर प्रदेश में 8वां स्थान है.
4. सबसे ज्यादा बसे गांव वाला तहसील: अकबरपुर (267).
5. सबसे कम बसे गांव वाला तहसील: डेरापुर (138)
6. जिले में कुल निर्जन गांवों की संख्या: 63.

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