Ranjeet Bhartiya 12/04/2019

तिलैया डैम कोडरमा का आकर्षक स्थल है. ये जिला भारत के झारखंड राज्य में स्थित है. झारखंड के उत्तरी सीमा पर स्थित यह जिला उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के अंतर्गत आता है. इसे झारखंड राज्य का प्रवेश द्वार भी कहा जाता है. कोडरमा शहर, जिले का मुख्य शहर और प्रशासनिक मुख्यालय हैं. तिलैया डैम किस नदी पर है? कोडरमा की जनसंख्या कितनी है? आईये जानते हैं कोडरमा जिले की पूरी जानकारी.

नामकरण
ऐसा कहा जाता है कि कदरम ऋषि नाम के एक महान तपस्वी ध्वजाधारी पर्वत पर निवास करते थे. इन्हीं के नाम पर इस स्थान का नाम कोडरमा पड़ा.

कोडरमा जिला कब बना

एक स्वतंत्र जिले के रूप में अस्तित्व में आने से पहले कोडरमा हजारीबाग जिले का हिस्सा हुआ करता था. 1973 में इसे हजारीबाग जिले के अंतर्गत एक अनुमंडल बनाया गया था. 10 अप्रैल 1994 को इसे हजारीबाग जिले से अलग कर के एक स्वतंत्र जिला बनाया गया.

कोडरमा जिले की भौगोलिक स्थिति

बाउंड्री (चौहद्दी)
उत्तर में – बिहार का नवादा जिला
दक्षिण में – हजारीबाग जिला
पूरब में- गिरिडीह जिला
पश्चिम में – बिहार का गया जिला

समुद्र तल से ऊंचाई :
कोडरमा समुद्र तल से लगभग 1302 फीट (लगभग 397 मीटर) की ऊंचाई पर स्थित है.

क्षेत्रफल
जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल 2540 वर्ग किलोमीटर है.

प्रमुख नदियां : सकरी, बराकर और बरसोती

अर्थव्यवस्था- कृषि ,उद्योग और उत्पाद

इस जिले की अर्थव्यवस्था कृषि, पशुपालन, वन ,खनिज, उद्योग और व्यवसाय परपर आधारित है.

कृषि
इस जिले की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर आधारित है.
यहाँ उगाए जाने वाले प्रमुख फसल हैं: गेहूं, धान, मक्का, दलहन और तिलहन.

जिले में उगाए जाने वाले प्रमुख फल हैं: आम, अमरूद , केला और कटहल.इसके अलावा यहाँ  सब्जियों की खेती भी होती है. यहाँ  उगाए जाने वाले प्रमुख सब्जियां हैं: आलू, फूल गोभी ,टमाटर और बैगन.

वन संपदा
जिले के प्रमुख वन उत्पाद हैं: कटहल, महुआ, सखुआ,बनियान, नीम, पलाश, पीपल, बांस, खजूर, कंदू पत्ता और जामुन.

पशुपालन
भेड़ , बकरी और सुअर पालन यहाँ के लोगों के लिए अतिरिक्त आय का स्रोत है.

खनिज

कोडरमा फैक्ट्स
कोडरमा फैक्ट्स

ये  जिला माइका (अभ्रक) उत्पादन के लिए विश्व प्रसिद्ध है. अभ्रक नगरी और माइका कैपिटल ऑफ इंडिया के नाम से मशहूर इस जिले में विश्व का  90% माइका उत्पादन होता है.

इस जिले में पाए जाने वाले प्रमुख खनिज हैं: माइका (अभ्रक), लाइमस्टोन (चूना पत्थर), ब्लू स्टोन क्वार्ट्ज, फेल्सफर और फायर क्ले.

उद्योग
इस जिले में स्थित मुख्य उद्योग हैं : क्रेशर (स्टोन चिप्स), तंबाकू आधारित उद्योग, लकड़ी आधारित उद्योग और फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स.

व्यवसाय
ट्रेडिंग, रेस्टोरेंट, होटल और पर्यटन का जिले की अर्थव्यवस्था में अहम योगदान है.

प्रशासनिक सेटअप

प्रमंडल: उत्तरी छोटानागपुर
प्रशासनिक सहूलियत के लिए इस जिले को 1 अनुमंडलऔर 6 प्रखंडों में बांटा गया है.

अनुमंडल: इस जिले के अंतर्गत केवल एक अनुमंडल है –कोडरमा.

प्रखंड:
इस जिले को 6 प्रखंडों में बांटा गया है: कोडरमा, जयनगर, डोमचांच, मरकच्चो, सतगांव और चंदवारा.

ग्राम पंचायतों की संख्या: 109
कुल गांवों की संख्या: 717

निर्वाचन क्षेत्र

लोक सभा : कोडरमा लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र.
कोडरमा लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत पूरा कोडरमा जिला , ,हजारीबाग तथा गिरिडीह जिले के हिस्से आते हैं.

विधानसभा
विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की बात करें तो कोडरमा लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत कुल 6 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र आते हैं. इनमें से 1 विधानसभा क्षेत्र कोडरमा जिले के अंतर्गत आता है जबकि बांकी हजारीबाग और गिरिडीह जिले के अंतर्गत आते हैं.

कोडरमा लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले विधानसभा क्षेत्रों के नाम: कोडरमा (जिला कोडरमा), बरकट्ठा (जिला हजारीबाग), धनवर (जिला गिरिडीह), बगोदर (जिला गिरिडीह) , जमुआ (जिला गिरिडीह) और गांडे (जिला गिरिडीह).

 कोडरमा जिले की डेमोग्राफी (जनसांख्यिकी)

2011 के आधिकारिक जनगणना के अनुसार इस जिले की जनसांख्यिकी इस प्रकार है-
कुल जनसंख्या : 7.16 लाख
पुरुष : 3.67 लाख
महिला: 3.49 लाख

जनसंख्या वृद्धि (दशकीय): 43.42%
जनसंख्या घनत्व (प्रति वर्ग किलोमीटर): 282
झारखंड की जनसंख्या में अनुपात: 2.17%
लिंगानुपात (महिलाएं प्रति 1000 पुरुष) : 950

औसत साक्षरता: 66.84%
पुरुष साक्षरता : 79.78%
महिला साक्षरता: 53.23%

शहरी और ग्रामीण जनसंख्या
शहरी जनसंख्या : 19.72%
ग्रामीण जनसंख्या: 80.28%

कोडरमा जिला रिलिजन

2011 के आधिकारिक जनगणना के अनुसार, ये  एक हिंदू बहुसंख्यक जिला है. जिले में हिंदुओं की जनसंख्या 84.49% है, जबकि मुस्लिमों की आबादी 14.94% है. दूसरे धर्मो की बात करें तो जिले में ईसाई 0.17%, सिख 0.13%, जैन 0.14% और अन्य 0.04% हैं.

कोडरमा टूरिस्ट प्लेसेस

इस जिले में ऐतिहासिक, पुरातात्विक और धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण कई दर्शनीय स्थान हैं. जिले में स्थित महत्वपूर्ण दर्शनीय स्थलों के बारे में संक्षिप्त विवरण:

चंचला देवी शक्तिपीठ

माता दुर्गा को समर्पित यह प्रसिद्ध शक्तिपीठ  जिला मुख्यालय से लगभग 33 किलोमीटर की दूरी पर एक पहाड़ी पर स्थित है जिसकी ऊंचाई 400 फीट है. यहां मंगलवार और शनिवार के दिन भक्तों का तांता लगा रहता है. ऐसी मान्यता है कि जो श्रद्धालु यहां सच्चे मन से माता से मनोकामना मांगते हैं तो उनकी मनोकामना जरूर पूरी होती है.

घोड़सिमर धाम

जिला मुख्यालय से लगभग 70 किलोमीटर दूरी पर स्थित यह स्थान पुरातात्विक और धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है. यहां पर 4 फीट ऊंचा एक शिवलिंग है. शिवरात्रि के पावन अवसर पर भारी संख्या में श्रद्धालु पूजा अर्चना और जलाभिषेक करने के लिए आते हैं.

तिलैया डैम

बराकर नदी पर बना तिलैया डैम कोडरमा जिले का एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है. प्रकृतिक सुंदरता से भरपूर यह स्थान लगभग 36 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है और सुंदर झील से घिरा हुआ है.

कोडरमा कैसे पहुंचे?

हवाई मार्ग
इस जिले का अपना हवाई अड्डा नहीं है. यहाँ के लिए डायरेक्ट हवाई सुविधाएं उपलब्ध नहीं है.

निकटतम हवाई अड्डा:बिरसा मुंडा एयरपोर्ट ,रांची (Code: IXR) . यह हवाई अड्डा कोडरमा जिले से लगभग 166 किलोमीटर की दूरी पर झारखंड की राजधानी रांची में स्थित है.

दूसरा नजदीकी हवाई अड्डा : जय प्रकाश नारायण हवाई अड्डा (Code:PAT) कोडरमा से 169 किलोमीटर की दूरी पर बिहार की राजधानी पटना में स्थित है.

रेल मार्ग
रेल मार्ग से आप आसानी से यहाँ  आ सकते हैं. कोडरमा रेल मार्ग से झारखंड के शहरों के साथ-साथ देश के अन्य भागों से जुड़ा हुआ है. देश के अन्य प्रमुख शहरों से कोडरमा के लिए नियमित ट्रेन चलती है. नजदीकी रेलवे स्टेशन: कोडरमा जंक्शन रेलवे स्टेशन (Code: KQR).

सड़क मार्ग
सड़कों के नेटवर्क के माध्यम से ये  जिला राज्य और देश के प्रमुख शहरों से अच्छे से जुड़ा हुआ है. रांची धनबाद पटना इत्यादि प्रमुख शहरों से कोडरमा के लिए नियमित बस सुविधाएं उपलब्ध हैं.
आप यहां अपने निजी वाहन कार या बाइक से भी आ सकते हैं.

कोडरमा जिले के बारे में कुछ रोचक बातें:

1. जनसंख्या की दृष्टि से  झारखंड का 21वां बड़ा जिला है.

2. क्षेत्रफल की दृष्टि से  झारखंड का 15वां बड़ा जिला है.

3. जनसंख्या घनत्व के मामले में झारखंड में 18वां स्थान है.

4. लैंगिक अनुपात के मामले में झारखंड में 13वां स्थान है.

5. मरकच्चो प्रखंड के अंतर्गत आने वाला मरकच्चो कोडरमा जिले का सबसे बड़ी आबादी वाला गांव है.

6. सबसे ज्यादा गांव वाला प्रखंड: सतगांव (144)

7. सबसे कम गांव वाला प्रखंड : चंदवारा (88)

8. क्षेत्रफल की दृष्टि से जिले का सबसे बड़ा गांव:
सतगांव प्रखंड के अंतर्गत आने वाला गांव कोठीअर ( क्षेत्रफल -लगभग 3039.32 हेक्टेयर).

9. क्षेत्रफल की दृष्टि से जिले का सबसे छोटा गांव:
डोमचांच प्रखंड के अंतर्गत आने वाला गांव नावदपुर (क्षेत्रफल- 1.29 हेक्टेयर)

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