Pinki Bharti 13/04/2019
माता रानी ये वरदान देना,बस थोड़ा सा प्यार देना,आपकी चरणों में बीते जीवन सारा ऐसा आशीर्वाद देना। आप सभी को नवरात्रि की शुभकामनाएं। नव दुर्गा का पहला रूप शैलपुत्री देवी का है। ये माता पार्वती का ही एक रूप हैं हिमालयराज की पुत्री होने के कारण इन्हें शैलपुत्री भी कहा जाता है। नवरात्रि के पहले दिन मां के शैलपुत्री रूप का पूजन होता है. Jankaritoday.com अब Google News पर। अपनेे जाति के ताजा अपडेट के लिए Subscribe करेेेेेेेेेेेें।
 

Last Updated on 13/04/2019 by Sarvan Kumar

हमारा पर्यावरण कई सारे समस्याओं से जूझ रहा है जैसे वायु प्रदूषण, जल ,प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग, कचड़े की समस्या इत्यादि. जाहिर सी बात है हम ऐसी समस्याओं से अनजान नहीं रहना चाहते हमारा मन भी आहत होता है. ऐसे में कई बार हमारा मन पूछता है कि आखिर पर्यावरण संरक्षण के लिए हम क्या कर सकते हैं? जाने अनजाने में हम खुद ही नुकसान पहुंचा रहे हैं. आज हम आपको एक उपाय बताने जा रहे हैं जिससे हम भी पर्यावरण को बचाने के लिए योगदान कर सकते हैंं.

कचड़े की समस्या

कचड़े की समस्या आजकल बड़ी समस्या बन गई है. हम प्लास्टिक की बोतल का यूज करते हैं जैसे कि कोल्ड ड्रिंक्स, पानी की बोतल इत्यादी. बहुत सारे लिक्विड चीजें प्लास्टिक की बोतल में ही आती है. हम इनके अंदर रखे चीजों का प्रयोग कर इसे कचड़े में डाल देते हैं. हम यह नहीं सोचते की हमारे इस कदम से पर्यावरण को कितना नुकसान होता है. नए-नए गैजेट्स आ जाने से ई – वेस्ट की मात्रा बढ गई है. हम मोबाइल फोन खरीदते हैं और ऐसे कई सारे दूसरे इलेक्ट्रॉनिक चीजें भी खरीदते हैं .खराब हो जाने के बाद हम इसे फेंक देते हैं. ई -वेस्ट आजकल बहुत बड़ी समस्या बन गई है.

पेड़ों से क्या लाभ है?

पेड़ करतें हैं हवा स्वच्छ
               पेड़ करतें हैं हवा स्वच्छ

पेड़ पौधे करते हैं हवा स्वच्छ.

वायु प्रदूषण हमारे स्वास्थ्य के लिए काफी खतरा बन गया है. ऐसे में हम ज्यादा से ज्यादा पेड़/पौधे लगाकर वायु प्रदूषण कम कर सकते है. पत्तियों में बने स्टोमेटा प्रदूषित कण को सोख लेते हैं.

ग्लोबल वार्मिंग कम करने में है इक पेड़/पौधे. 

पेड़ भी सांस लेते हैं और पर वह हमारी तरह ऑक्सीजन गैस नहीं लेते बल्कि वह कार्बन डाइऑक्साइड लेते हैं. कार्बन डाइऑक्साइड गैस ग्लोबल वार्मिंग का एक प्रमुख कारण है .ज्यादा से ज्यादा पेड़/पौधे लगा कर हम हवा में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बैलेंस में रख सकते हैं.इससे वातावरण के ताापमान को नियंत्रित रखा जा सकता है.

शेड का काम करते हैं पेड़/पौधे 

जब हम गर्मी से परेशान हो जाते हैं तो इसके छाया में आकर आराम महसूस करते हैं. पक्षियों के लिए आवास की तरह काम करता है पेड़. बहुत सारे पक्षियों का का घोंसला पेड़ पर ही होता है. पक्षियां भी वातावरण संतुलन करने में हमारी मदद करते हैं. ऐसे में हम ज्यादा से ज्यादा पेड़ पौधे लगाकर पर्यावरण बचाने में योगदान कर सकते हैं.

भूमि कटाव से भी मदद करते हैं पेड़

नदियों में तेज बहाव और बारिश के बाद भूमि कटाव की समस्या रहती है। ऐसे में पेड़ इस समस्या का हल बन जाता है.

रीसाइक्लिंग से करें पर्यावरण को बचाने के लिए योगदान

प्लास्टिक के बोतल में पौधे
प्लास्टिक के बोतल में पौधे

रीसाइक्लिंग से कचड़े की समस्या से पूरी तरह से निजात पाया जा सकता है. हम कुछ भी ना फेंके नहीं उसका यूज कर ले तो कचड़ा का समस्या अपने आप ही खत्म हो जाएगा. आज हम आपको प्लास्टिक के बोतल का यूज कैसे करें बताने जा रहे हैं.

प्लास्टिक की बोतल में छोटे-छोटे पौधे लगाए और करेंं पर्यावरण को बचाने के लिए योगदान

गमले में मिर्ची के पौधे
गमले में मिर्ची के पौधे

पानी का बोतल ,कोल्ड ड्रिंक्स या दूसरे पदार्थ जो प्लास्टिक की बोतल में आते हैं इसका हम काफी प्रयोग करते हैं. इससे हमारे घर में काफी प्लास्टिक की बोतल इकट्ठे हो जाते हैं. इसका रीसाइक्लिंग कर हम पर्यावरण को बचाने के लिए योगदान कर सकते हैं. प्लास्टिक के बोतल को ऊपर से थोड़ा काट लीजिए, इसमें मिट्टी डाल दीजिए और इसमें छोटे छोटे पौधे लगाएं. छोटे मिर्ची के पौधे, पुदीना के पौधे, धनिया के पौधे, टमाटर के पौधे  फ्लावर्स, एलोवेरा इत्यादि. यह सारे पौधे को हम रोज प्रयोग में भी ला सकते हैं. ये पौधे हमारे स्वास्थ्य के लिए काफी लाभदायक है.

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