Ranjeet Bhartiya 04/05/2019

पश्चिमी सिंहभूम भारत के झारखंड राज्य में स्थित एक जिला है. झारखंड के दक्षिणी भाग में आने वाला यह जिला कोल्हान प्रमंडल के अंतर्गत आता है. चाईबासा, कोल्हान प्रमंडल तथा पश्चिमी सिंहभूम जिले का प्रशासनिक मुख्यालय है. कोल्हान प्रमंडल के अंतर्गत कुल 3 जिले आते हैं: पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला खरसावां और पूर्वी सिंहभूम. पश्चिमी सिंहभूम जिले में कितने ब्लाक है? कितनी जनसंख्या है? आईये जानते हैं  पश्चिमी सिंहभूम जिले की पूरी जानकारी

पश्चिमी सिंहभूम जिला कब बना

एक स्वतंत्र जिला के रूप में अस्तित्व में आने से पहले पश्चिमी सिंहभूम, पुराने सिंहभूम जिले का हिस्सा हुआ करता था. 12 जनवरी 1990 को पुराने सिंहभूम जिले को विभाजित करके एक नया जिला बनाया गया- पूर्वी सिंहभूम. इस तरह से पुराने सिंहभूम जिले का शेष हिस्सा पश्चिमी सिंहभूम जिले के रूप में अस्तित्व में आया.

पश्चिमी सिंहभूम जिले की भौगोलिक स्थिति

बाउंड्री (चौहद्दी)
उत्तर में – खूंटी जिला और सरायकेला खरसावां जिला
दक्षिण में – उड़ीसा का केंदुझर, मयूरभंज और सुंदरगढ़ जिला
पूरब में- सरायकेला खरसावां और उड़ीसा का मयूरभंज जिला
पश्चिम में – सिमडेगा जिला और उड़ीसा का सुंदरगढ़ जिला

समुद्र तल से ऊंचाई 

ये जिला समुद्र तल से लगभग 244 मीटर (800.50 फीट) की औसत ऊंचाई पर स्थित है.

क्षेत्रफल

इस जिले  का भौगोलिक क्षेत्रफल 7224 वर्ग किलोमीटर है.

पश्चिमी सिंहभूम जिले की प्रमुख नदियां : दक्षिणी कोयल, कारो, खरकई, स्वर्णरेखा, देव, कोयल और संजय.

अर्थव्यवस्था- कृषि उद्योग और उत्पाद

इस जिले की अर्थव्यवस्था कृषि, पशुपालन, वन ,खनिज, उद्योग और व्यवसाय परपर आधारित है.

कृषि
पश्चिमी सिंहभूम जिले की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर आधारित है. जिले में उगाए जाने वाले प्रमुख फसल हैं: धान, तिलहन, और सब्जियां ( फूलगोभी, पत्तागोभी, टमाटर , मूली ,गाजर , इत्यादि.

वन
इस जिले का एक बड़ा हिस्सा वनों से आच्छादित है. पश्चिमी सिंहभूम जिले के प्रमुख वन उत्पाद हैं : साल, जामुन, सीमल, केंदू, अर्जुन, बांस, महुआ और कुसुम, इत्यादि.

खनिज
पश्चिमी सिंहभूम जिला में पाए जाने वाले प्रमुख खनिज हैं: क्रोनाइट, प्ले क्ले, मैग्नेटाइट, मैग्नीज, लाइमस्टोन, सिलिका ,एस्बेस्टस, सोप स्टोन, इत्यादि

उद्योग
इस जिले में स्थित प्रमुख उद्योग हैं: खनिज खनन उद्योग, स्टील उद्योग, लोहा उद्योग, तंबाकू उद्योग, आटा मिल, चावल मिल, इत्यादि.

व्यवसाय
ये जिला लोहा, मैग्नीज, बीड़ी, टिंबर, बास ,इत्यादि का व्यवसाय केंद्र है.

पश्चिमी सिंहभूम जिले की प्रशासनिक सेटअप

प्रमंडल: कोल्हान
प्रशासनिक सहूलियत के लिए इस जिले को 3 अनुमंडलों और 18 प्रखंडों में बांटा गया है.

अनुमंडल:
इस जिले को कुल 3 अनुमंडलों में बांटा गया है: पोड़ाहाट चक्रधरपुर, सदर चाईबासा और जगन्नाथपुर.

प्रखंड:
पोड़ाहाट चक्रधरपुर अनुमंडल के अंतर्गत कुल 7 प्रखंड आते हैं: चक्रधरपुर, बंदगांव, सोनुवा, गुदड़ी, गोइलकेरा, आनंदपुर और मनोहरपुर.

सदर चाईबासा अनुमंडल के अंतर्गत कुल 7 प्रखंड आते हैं: चाईबासा, खूंटपानी, टोंटो, हाटगम्हरिया, तांतनगर, झींकपानी और मंझारी.

जगन्नाथपुर अनुमंडल के अंतर्गत कुल 4 प्रखंड आते हैं: नोआमुंडी, जगन्नाथपुर, मझगांव और कुमारडुंगी.

पुलिस थानों की संख्या : 18
नगर पालिका की संख्या : 2, चक्रधरपुर और चाईबासा

ग्राम पंचायतों की संख्या: 1069
कुल गांवों की संख्या: 1691

निर्वाचन क्षेत्र
लोक सभा : सिंहभूम लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र.
इस लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत पूरा पश्चिमी सिंहभूम जिला तथा सरायकेला खरसावां जिले के हिस्से आते हैं.

विधानसभा
इस जिले के अंतर्गत कुल पांच विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र आते हैं: चाईबासा, मझगांव, जगन्नाथपुर, मनोहरपुर और चक्रधरपुर.

पश्चिमी सिंहभूम जिले की डेमोग्राफीक्स (जनसांख्यिकी)

2011 के आधिकारिक जनगणना के अनुसार इस जिले की जनसांख्यिकी इस प्रकार है-
कुल जनसंख्या : 15.02 लाख
पुरुष : 7.49 लाख
महिला: 7.52 लाख

जनसंख्या वृद्धि (दशकीय): 21.75%
जनसंख्या घनत्व (प्रति वर्ग किलोमीटर): 208
झारखंड की जनसंख्या में अनुपात: 4.55%
लिंगानुपात (महिलाएं प्रति 1000 पुरुष) : 1005

औसत साक्षरता: 58.63%
पुरुष साक्षरता : 71.13%
महिला साक्षरता: 46.25%

शहरी और ग्रामीण जनसंख्या
शहरी जनसंख्या : 14.51%
ग्रामीण जनसंख्या: 85.49%

पश्चिम सिंहभूम की धार्मिक जनसंख्या 

2011 के आधिकारिक जनगणना के अनुसार, पश्चिम सिंहभूम जिले में हिंदुओं की जनसंख्या 28.22% है. जिले में ईसाई 5.83%, मुस्लिम 2.54%, सिख 0.06%, बौद्ध 0.03% हैं, जबकि अन्य 62.96% हैं.

पश्चिमी सिंहभूम जिला आकर्षक स्थल

शहीद पार्क

शहीद पार्क प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर एक नवनिर्मित पार्क है. यहां आप अपने परिवार और बच्चों के साथ अच्छा समय बिता सकते हैं.

बिद्री

बिद्री पहाड़ों से घिरा एक छोटा सा गांव है. यहां एक छोटा सा झील है

चेनपुर

चैनपुर चक्रधरपुर प्रखंड में स्थित एक गांव है. यहां का शिव मंदिर काफी प्रसिद्ध है.

हिरनी

हिरनी चाईबासा से लगभग 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक छोटा सा गांव है. सुंदर हरे भरे जंगलों के बीच स्थित यह गांव जिले का एक लोकप्रिय पर्यटन लोकप्रिय पिकनिक स्पॉट है.

लुपंगुत

यह चाईबासा शहर के पश्चिम में 2 किलोमीटर दूरी पर स्थित एक सुंदर गांव है. यहां का एक लोकप्रिय पिकनिक स्पॉट है.

पश्चिमी सिंहभूम कैसे पहुंचे?

हवाई मार्ग

पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले का अपना हवाई अड्डा नहीं है. यहाँ के लिए डायरेक्ट हवाई सुविधाएं उपलब्ध नहीं है.

निकटतम हवाई अड्डा: सोनारी हवाई अड्डा, जमशेदपुर (Code: IXW). यह हवाई अड्डा चाईबासा से लगभग 62 किलोमीटर की दूरी पर जमशेदपुर में स्थित है.

दूसरा नजदीकी हवाई अड्डा : बिरसा मुंडा एयरपोर्ट, रांची
(Code: IXR) .
यह हवाई अड्डा चाईबासा से लगभग 138 किलोमीटर की दूरी पर झारखंड की राजधानी रांची में स्थित है.

रेल मार्ग

झारखंड की राजधानी रांची से चाईबासा के लिए डायरेक्ट ट्रेन सुविधा उपलब्ध नहीं है. फिर भी कुछ ट्रेन उपलब्ध है जो चाईबासा को टाटानगर रेलवे स्टेशन होते हुए रांची से कनेक्ट करते हैं.

सड़क मार्ग

सड़कों के नेटवर्क के माध्यम से ये जिला राज्य और देश के प्रमुख शहरों से अच्छे से जुड़ा हुआ है. रांची से नेशनल हाईवे 20 के द्वारा यहां पहुंचा जा सकता है. आप यहां अपने निजी वाहन कार या बाइक से भी आ सकते हैं.

पश्चिमी सिंहभूम जिले की कुछ रोचक बातें

1. जनसंख्या की दृष्टि से झारखंड का 8वां बड़ा जिला है.

2. क्षेत्रफल की दृष्टि से  झारखंड का सबसे बड़ा राज्य जिला है.

3. जनसंख्या घनत्व के मामले में  जिले का झारखंड में 21वां स्थान है.

4. लैंगिक अनुपात के मामले में जिले का झारखंड में पहला स्थान है.

5. चाईबासा प्रखंड के अंतर्गत आने वाला नरसंडा गांव पलामू जिले का सबसे बड़ी आबादी वाला गांव है.

6. सबसे ज्यादा गांव वाला प्रखंड: बंदगांव (216)

7. सबसे कम गांव वाला प्रखंड : झींकपानी (27)

8. क्षेत्रफल की दृष्टि से जिले का सबसे बड़ा गांव:
टोंटो प्रखंड के अंतर्गत आने वाला गांव केंजरा (क्षेत्रफल -लगभग 2930.33 हेक्टेयर).

9. क्षेत्रफल की दृष्टि से जिले का सबसे छोटा गांव:
गोइलकेरा प्रखंड के अंतर्गत आने वाला गांव भातरभूईं (क्षेत्रफल- 3 हेक्टेयर)

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