Ranjeet Bhartiya 05/03/2020

पीलीभीत भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित एक जिला है. रोहिलखंड क्षेत्र में स्थित यह जिला बरेली मंडल के सबसे उत्तर-पूर्वी भाग में स्थित है. पीलीभीत शहर जिले का प्रशासनिक मुख्यालय है. पीलीभीत हरे-भरे जंगलों, पीलीभीत टाइगर रिजर्व और बांसुरी निर्माण के लिए प्रसिद्ध है. भारत में निर्माण किए जाने वाले 95% बांसुरी का निर्माण पीलीभीत जिले में किया जाता है, इसीलिए इसे “बांसुरी नगरी” भी कहा जाता है. जिले में कितने तहसील है? कितनी जनसंख्या है?आइये जानते हैं पीलीभीत जिले की पूरी जानकारी.

पीलीभीत का नाम पीलीभीत क्यों पड़ा

खाकरा नदी के बाएं किनारे पर लगभग 5 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में “पुराना पीलीभीत” नाम का एक गांव स्थित है. माना जाता है कि इसी गांव के नाम पर जिले का नाम पीलीभीत पड़ा. जिले के नाम की उत्पत्ति “पीली+भीत” से हुई है. स्थानीय भाषा में “भीत” का अर्थ होता है-“मिट्टी का दीवार”. कहा जाता है कि पहले यह जिला पीली मिट्टी के दीवार से चारों तरफ से घिरा हुआ था, इसी कारण जिले का नाम पीलीभीत पड़ा. जिले के प्रारंभिक इतिहास के बारे में पुराणों और महाभारत से पता चलता है. ऐसी मान्यता है कि महाभारत काल में यहां मयूरध्वज नाम के राजा का शासन था जो भगवान कृष्ण के बड़े भक्त और अर्जुन के मित्र थे.

पीलीभीत जिला कब बना

एक स्वतंत्र जिले के रूप में अस्तित्व में आने से पहले यह जिला  बरेली जिले का हिस्सा हुआ करता था. 1871 में इसे बरेली जिले के अंतर्गत एक अलग सबडिवीजन बनाया गया. 1879 में पीलीभीत सबडिवीजन को बरेली जिले से अलग करके एक स्वतंत्र जिला बनाया गया.

पीलीभीत जिले की भौगोलिक स्थिति

बाउंड्री (चौहद्दी) 
इस जिले की उत्तरी सीमा उत्तराखंड से लगती है. यह जिला कुल 4 जिलों से घिरा हुआ है.
उत्तर में-नेपाल और उत्तराखंड का उधम सिंह नगर जिला
दक्षिण में-शाहजहांपुर जिला
पूरब में-लखीमपुर खीरी जिला और शाहजहांपुर जिला
पश्चिम में-बरेली जिला

समुद्र तल से ऊंचाई
पीलीभीत शहर समुद्र तल से लगभग 170 मीटर (564.30 फीट) की औसत ऊंचाई पर स्थित है.
क्षेत्रफल
इस जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल 3686 वर्ग किलोमीटर है.
प्रमुख नदियां:
जिले के प्रमुख नदियां हैं: देवहा, शारदा, खकरा और माला.

अर्थव्यवस्था-कृषि, उद्योग और उत्पाद

इस जिले की अर्थव्यवस्था कृषि, पशुपालन, वन, उद्योग और व्यवसाय पर आधारित है.

कृषि और पशुपालन

जिले की अर्थव्यवस्था में कृषि का महत्वपूर्ण स्थान है. गन्ना जिले का महत्वपूर्ण फसल है. जिले में उगाए जाने वाले प्रमुख फसल हैं: धान, गेहूं, ज्वार, बाजरा, मक्का, दलहन (चना, अरहर, मटर, मसूर और मूंग), तिलहन, गन्ना, जूट और सब्जियां. जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुपालन का महत्वपूर्ण स्थान है. जिले के प्रमुख पशु धन हैं: गाय, बैल, भेड़, बकरी, सूअर, भैंस और पोल्ट्री.

वन

जिले की अर्थव्यवस्था में वन की महत्वपूर्ण भूमिका है.
जिले के वनों में पाए जाने वाले प्रमुख पेड़ हैं: साल, शीशम, हल्दु, टीक, नीम, जामुन, खैर, सेमल, बनियान, अमरुद, महुआ, आमला और कटहल.

उद्योग और व्यापार और वाणिज्य

जिले में स्थित प्रमुख उद्योग हैं: चीनी उद्योग (चीनी मिल), फर्नीचर उद्योग और तारकशी उद्योग.
जिले में धातु का काम किया जाता है. धातु से बने हुए बर्तनों का नेपाल निर्यात किया जाता है. जिले में बड़े पैमाने पर लघु औद्योगिक इकाइयां कार्यरत है. जिले के प्रमुख औद्योगिक उत्पाद हैं: कृषि उपकरण, इंजीनियरिंग के समान, लकड़ी के फर्नीचर, गुड़, बांसुरी, मोमबत्तियां, बिस्किट, कपड़ा, साबुन, तेल, आयुर्वेदिक और यूनानी दवाइयां. पीलीभीत जिला चावल, गेहूं, बांसुरी, गुड़, अनाज और कृषि उत्पादों का व्यापार केंद्र है.

प्रशासनिक सेटअप

प्रमंडल: बरेली
प्रशासनिक सहूलियत के लिए इस जिले को 5 तहसीलों (अनुमंडल) और 7 विकासखंडो (प्रखंड/ ब्लॉक) में बांटा गया है.
तहसील (अनुमंडल):
 जिले को कुल 5 तहसीलों में बांटा गया है:
पूरनपुर, कलीनगर, पीलीभीत, अमरिया और बीसलपुर.
विकासखंड (प्रखंड):
इस जिले को कुल 7 विकासखंडों (प्रखंडों) में बांटा गया है: पूरनपुर, मरौरी, अमरिया, लालौरीखेड़ा,
बरखेड़ा, बिलसंडा और बीसलपुर
पुलिस थानों की संख्या: 15
नगर पालिका परिषदों की संख्या: 3
नगर पंचायतों की संख्या: 6
ग्राम पंचायतों की संख्या: 599
गांवों की संख्या: 1435
निर्वाचन क्षेत्र
लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र: 1, पीलीभीत
विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र: 4
पीलीभीत जिले के अंतर्गत कुल 4 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र आते हैं: पीलीभीत, बरखेड़ा, पूरनपुर और बीसलपुर.

पीलीभीत की डेमोग्राफीक्स (जनसांख्यिकी)

2011 के आधिकारिक जनगणना के अनुसार, इस जिले की जनसांख्यिकी इस प्रकार है-
कुल जनसंख्या: 20.31 लाख
पुरुष: 10.72 लाख
महिला: 9.59 लाख
जनसंख्या वृद्धि (दशकीय): 23.45%
जनसंख्या घनत्व (प्रति वर्ग किलोमीटर): 551
उत्तर प्रदेश की जनसंख्या में अनुपात: 1.02%
लिंगानुपात (महिलाएं प्रति 1000 पुरुष): 895
औसत साक्षरता: 61.47%
पुरुष साक्षरता: 71.70%
महिला साक्षरता: 50.00%
शहरी और ग्रामीण जनसंख्या
शहरी जनसंख्या: 17.30%
ग्रामीण जनसंख्या: 82.70%

धार्मिक जनसंख्या

2011 के आधिकारिक जनगणना के अनुसार, यह एक हिंदू बहुसंख्यक जिला है. जिले में हिंदुओं की जनसंख्या 71.34% है, जबकि मुस्लिमों की आबादी 24.11% है. अन्य धर्मों की बात करें तो जिले में ईसाई 0.17%, सिख 4.17%, बौद्ध 0.02% और जैन 0.01% हैं.
भाषाएं
जिले में बोली जाने वाली प्रमुख भाषाएं हैं: हिंदी और उर्दू.

पीलीभीत जिले मे पर्यटन स्थल

इस जिले में पौराणिक, धार्मिक, पुरातात्विक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण कई दर्शनीय स्थल हैं. जिले में स्थित प्रमुख दर्शनीय स्थलों के बारे में संक्षिप्त विवरण:

गौरी शंकर मंदिर

भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित 450 साल पुराना यह प्रसिद्ध मंदिर पीलीभीत जंक्शन रेलवे स्टेशन से लगभग 3.5 किलोमीटर दूरी पर देवहा और खकरा नदी के तट पर स्थित है.

राजा वेणु का टीला

खंडहर में तब्दील हो चुका यह किला कभी राजा वेणु का महल हुआ करता था. पुरातात्विक दृष्टि से महत्वपूर्ण यह स्थल जिले के पूरनपुर तहसील में स्थित है.

छटवी पादशाही गुरुद्वारा

400 साल पुराना यह गुरुद्वारा पीलीभीत जंक्शन रेलवे स्टेशन से लगभग 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. कहा जाता है कि नानकमत्ता साहिब गुरुद्वारा जाने के क्रम में गुरु गोविंद सिंह जी ने यहां पर विश्राम किया था. उन्होंने सिख धर्म के छठे गुरु श्री हरगोविंद सिंह जी के स्मृति में इस गुरुद्वारे को स्थापित किया था और इसका नाम छटवी पादशाही गुरुद्वारा रखा.

हजरत शाह मोहम्मद शेर मियां की दरगाह

मुस्लिम धर्मावलंबियों के लिए आस्था का केंद्र यह पवित्र तीर्थ स्थल पीलीभीत जंक्शन रेलवे स्टेशन से लगभग 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है.

जामा मस्जिद

250 साल पुराने इस मस्जिद का निर्माण मुगल काल में हाफिज रहमत खान ने करवाया था. उनकी मृत्यु के पश्चात उन्हें यही दफनाया गया था. यह खूबसूरत मस्जिद पीलीभीत जंक्शन रेलवे स्टेशन से लगभग 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

पीलीभीत टाइगर रिजर्व

शारदा और घाघरा नदी से घिरा, लगभग 800 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला यह टाइगर रिजर्व हिमालय के तलहटी में स्थित है. यहां आप 125 प्रजाति के जंतुओं, 550 प्रजाति के पक्षियों और 2100 प्रजाति के फूलों को देख सकते हैं. पीलीभीत टाइगर रिजर्व मेंं  लगभग 36 टाइगर है.

पीलीभीत कैसे पहुंचे?

हवाई मार्ग

पीलीभीत जिले का अपना हवाई अड्डा नहीं है. यहां के लिए डायरेक्ट हवाई सेवाएं उपलब्ध नहीं है. निकटतम हवाई अड्डा: पंतनगर एयरपोर्ट (Code: PGH). यह हवाई अड्डा पीलीभीत से लगभग 80 किलोमीटर की दूरी पर उत्तराखंड के उधम सिंह नगर में जिले में स्थित है.

रेल मार्ग

पीलीभीत रेलवे के नेटवर्क के माध्यम से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ, देश की राजधानी दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों से अच्छे से जुड़ा हुआ है. निकटतम रेलवे स्टेशन: पीलीभीत जंक्शन रेलवे स्टेशन. (Code: PBE)

सड़क मार्ग

पीलीभीत सड़क मार्ग से उत्तर प्रदेश और देश के प्रमुख शहरों से अच्छे से जुड़ा हुआ है. यहां के लिए नियमित बस सेवाएं उपलब्ध है. आप यहां अपने निजी वाहन कार या बाइक से भी आ सकते हैं.
नेशनल हाईवे 74 (NH 74) और स्टेट हाईवे 26 ( SH 26) जिले से होकर गुजरती है.

पीलीभीत जिले की कुछ रोचक बातें:

2011 के जनगणना के अनुसार,
1. जनसंख्या की दृष्टि से उत्तर प्रदेश में 46वां स्थान है.
2. लिंगानुपात के मामले में उत्तर प्रदेश में 37वां स्थान है.
3. साक्षरता के मामले में  उत्तर प्रदेश में 57वां स्थान है.
4. सबसे ज्यादा बसे गांव वाला तहसील: पूरनपुर (445).
5. सबसे कम बसे गांव वाला तहसील: पीलीभीत(424)
6. जिले में कुल निर्जन गांवों की संख्या: 140

Leave a Reply