Sarvan Kumar 17/04/2020

बागपत भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित एक जिला है. यह जिला राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के अंतर्गत आता है.उत्तर प्रदेश के पश्चिमी भाग में आने वाला यह जिला मेरठ मंडल के अंतर्गत आता है. बागपत शहर जिले का प्रशासनिक मुख्यालय है। यह जिला महाभारत में वर्णित लाक्षागृह, प्राचीन पुरा महादेव मंदिर तथा बड़ागांव में स्थित दिगंबर जैन मंदिर के लिए प्रसिद्ध है. साथ ही यह जिला गन्ने की खेती, चीनी उद्योग, रिम, धूरा और कृषि उपकरणों के उत्पादन के लिए भी जाना जाता है.

बागपत जिले का इतिहास

हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, इस नगर की स्थापना महाभारत काल में पांडवों ने किया था. बाघों की आबादी होने के कारण इस स्थान को “व्याघ्रप्रस्थ” (बाघों का नगर) कहा जाता था. जिले के नामकरण के बारे में दूसरी परिकल्पना यह है कि इसकी उत्पत्ति संस्कृत के शब्द “वाक्यप्रस्थ” से हुई है, जिसका अर्थ है “भाषण देने का शहर”. मुग़ल काल से इस शहर को बागपत के नाम से जाना जाने लगा.

बागपत जिला कब बना था

एक स्वतंत्र जिले के रूप में अस्तित्व में आने से पहले बागपत मेरठ जिले का हिस्सा हुआ करता था. 1997 में इसे मेरठ जिले से अलग करके एक स्वतंत्र जिला बनाया गया.

बागपत जिले की भौगोलिक स्थिति

बाउंड्री (चौहद्दी)
जिले की सीमा हरियाणा से लगती है.यह जिला कुल 6 जिलों से घिरा हुआ है.
उत्तर में- मुजफ्फरनगर जिला और शामली जिला
दक्षिण में-गाजियाबाद जिला
पूरब में-मेरठ जिला
पश्चिम में-हरियाणा सोनीपत जिला और पानीपत जिला
समुद्र तल से ऊंचाई
बागपत शहर समुद्र तल से लगभग 253 मीटर (830 फीट) की औसत ऊंचाई पर स्थित है.
क्षेत्रफल
जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल 1321 वर्ग किलोमीटर है.

प्रमुख नदियां:

जिले के प्रमुख नदियां हैं: यमुना, हिंडन और कृष्णा.
बागपत यमुना नदी के पूर्वी किनारे पर स्थित है. यह जिला यमुना और हिंडन नदी के दुआब में स्थित है.  यमुना नदी जिले के पश्चिमी सीमा का निर्माण करती है और इसे हरियाणा से अलग करती है. हिंडन नदी जिले के पूर्वी सीमा का निर्माण करती है और इसे मेरठ जिले से अलग करती है.

अर्थव्यवस्था-कृषि, उद्योग और उत्पाद

इस जिले की अर्थव्यवस्था कृषि, पशुपालन, मछली पालन, वन, उद्योग और व्यवसाय पर आधारित है.

कृषि/पशुपालन/मछली पालन

जिले की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर है. जिले में रबी, खरीफ और जायद फसलों की खेती होती है. जिले में उगाए जाने वाले प्रमुख फसल हैं: गेहूं, धान, मक्का, बार्ली, दलहन (मसूर, चना, मटर, अरहर, उड़द और मूंग), तिलहन (सरसों और रेपसीड), कपास, तंबाकू, आलू गन्ना फल और सब्जियां. जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुपालन का महत्वपूर्ण स्थान है. जिले के प्रमुख पशु धन हैं: गाय, बैल, भेड़, बकरी, सूअर, भैंस और पोल्ट्री. जिले के नदियों और जलाशयों से मछली का उत्पादन किया जाता है. लेकिन जिले में मत्स्य पालन कृषि के तुलना में ज्यादा लाभप्रद नहीं है.

वन/खनिज

यहां पाए जाने वाले महत्वपूर्ण पेड़ हैं: शीशम, आम, नीलगिरी, यूकेलिप्टस, अमरुद और बबूल. जिले में महत्वपूर्ण खनिजों का अभाव है. जिले में पाए जाने वाले प्रमुख खनिज हैं: पत्थर और बालू.

उद्योग/व्यापार और वाणिज्य

यह जिला चीनी उद्योग के लिए प्रसिद्ध है. जिले में 3 बड़े चीनी मिल स्थित हैं. बड़ोत शहर कृषि उपकरणों के उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है.
जिले में स्थित अन्य उद्योग हैं: हस्तशिल्प और हथकरघा उद्योग, इंजीनियरिंग उद्योग, ईट उद्योग, मशीनरी उद्योग और खांडसारी उद्योग.
व्यापार और वाणिज्य
जिले से निर्यात किए जाने वाले प्रमुख पदार्थ हैं:
खांडसारी, चीनी, गुड़, कृषि उपकरण, कॉटन फैब्रिक, अनाज, सब्जियां, फल, हथकरघा और हस्तशिल्प. जिले में उगाए जाने वाले फलों और सब्जियों को मेरठ और दिल्ली में निर्यात किया जाता है.जिले में आयात किए जाने वाले प्रमुख पदार्थ हैं: पेट्रोलियम, दवाई, नमक, रेडीमेड गारमेंट, उर्वरक और रोजमर्रा के सामान.

प्रशासनिक सेटअप

प्रमंडल: मेरठ
प्रशासनिक सहूलियत के लिए इस जिले को 3 तहसीलों (अनुमंडल) और 6 विकासखंडो (प्रखंड/ ब्लॉक) में बांटा गया है.
तहसील (अनुमंडल):
जिले को कुल 3 तहसीलों में बांटा गया है:
बड़ौत, बागपत और खेकड़ा.
विकासखंड (प्रखंड):
जिले को कुल 6 विकासखंडों (प्रखंडों) में बांटा गया है: छपरौली, बड़ौत, बिनौली, पिलाना, बागपत और
खेकड़ा.
पुलिस थानों की संख्या: 11
नगर पालिका परिषदों की संख्या: 3
शहरी क्षेत्रों की संख्या: 8
ग्राम सभाओं की संख्या: 237
गांवों की संख्या: 315
लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र: 1, बागपत
विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र: 3
इस जिले के अंतर्गत कुल 3 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र आते हैं: छपरौली, बड़ोत और बागपत.

बागपत  जिले की डेमोग्राफीक्स (जनसांख्यिकी)

2011 के आधिकारिक जनगणना के अनुसार, इस जिले की जनसांख्यिकी इस प्रकार है-
कुल जनसंख्या: 13.03 लाख
पुरुष: 7.00 लाख
महिला: 6.02 लाख
जनसंख्या वृद्धि (दशकीय): 11.95%
जनसंख्या घनत्व (प्रति वर्ग किलोमीटर): 986
उत्तर प्रदेश की जनसंख्या में अनुपात: 0.65%
लिंगानुपात (महिलाएं प्रति 1000 पुरुष): 861
औसत साक्षरता: 72.01%
पुरुष साक्षरता: 82.45%
महिला साक्षरता: 59.95%
शहरी जनसंख्या: 21.11%
ग्रामीण जनसंख्या: 78.89%

धार्मिक जनसंख्या

2011 के आधिकारिक जनगणना के अनुसार, यह एक हिंदू बहुसंख्यक जिला है. जिले में हिंदुओं की जनसंख्या 70.41% है, जबकि मुस्लिमों की आबादी 27.98% है. अन्य धर्मों की बात करें तो जिले में ईसाई 0.14%, सिख 0.04%, बौद्ध 0.01% और जैन 1.24% हैं.
भाषाएं
जिले में बोली जाने वाली प्रमुख भाषाएं हैं: हिंदी, उर्दू और खड़ीबोली.

बागपत जिलेे में पर्यटन स्थल

इस जिले में पौराणिक, धार्मिक, पुरातात्विक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण कई दर्शनीय स्थल हैं. जिले में स्थित प्रमुख दर्शनीय स्थलों के बारे में संक्षिप्त विवरण:

लाक्षागृह

पौराणिक दृष्टि से महत्वपूर्ण यह स्थल बागपत से लगभग 35 किलोमीटर दूरी पर बिनौली के पास बरनावा में, हिंडन और कृष्णा नदी के संगम पर स्थित है. लाक्षागृह का उल्लेख महाभारत में मिलता है.

त्रिलोक तीर्थ धाम

यह प्रसिद्ध जैन मंदिर खेड़का तहसील के बड़ा गांव में स्थित है. यह मंदिर 317 फीट ऊंचा है, जिसमें से 100 फीट जमीन के अंदर है जबकि 217 फीट जमीन के ऊपर है. मंदिर के ऊपरी भाग में 31 फीट ऊंची भगवान ऋषभदेव की पद्मासन मुद्रा में बैठे अष्टधातु की मूर्ति विराजमान है.बड़ागांव जैन मंदिर (श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र). जैन धर्मावलंबियों के लिए आस्था का केंद्र, 23वें तीर्थंकर श्री पार्श्वनाथ को समर्पित यह प्रसिद्ध जैन मंदिर खेकड़ा तहसील से लगभग 7 किलोमीटर दूरी पर बड़ा गांव में स्थित है.

पुरा महादेव (परशुरामेश्वर मंदिर)

भगवान शिव को समर्पित यह अति प्राचीन मंदिर बागपत से लगभग 4.5 किलोमीटर की दूरी पर, बालौनी कस्बे में, हिंडन नदी के किनारे बसे पुरा गांव में स्थित है. पौराणिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस मंदिर के बारे में मान्यता है कि यहां स्थित शिवलिंग की स्थापना स्वयं भगवान परशुराम ने किया था.

बाल्मीकि आश्रम

बागपत शहर से लगभग 25 किलोमीटर दूरी पर हिंडन नदी के किनारे स्थित बाल्मीकि आश्रम के बारे में मान्यता है कि भगवान श्री राम के पुत्र लव-कुश का जन्म यहीं हुआ था.

बागपत कैसे पहुंचे?

हवाई मार्ग

इस जिले का अपना हवाई अड्डा नहीं है. यहां के लिए डायरेक्ट हवाई सेवाएं उपलब्ध नहीं है. निकटतम हवाई अड्डा: इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट, नई दिल्ली (Code: DEL). यह हवाई अड्डा बागपत से लगभग 55 किलोमीटर की दूरी पर भारत की राजधानी दिल्ली में स्थित है.

रेल मार्ग

यह जिला  रेल मार्ग से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ, देश की राजधानी दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों से अच्छे से जुड़ा हुआ है. निकटतम रेलवे स्टेशन: बड़ौत रेलवे स्टेशन (Code: BTU)

सड़क मार्ग

बागपत सड़क मार्ग से उत्तर प्रदेश और देश के प्रमुख शहरों से अच्छे से जुड़ा हुआ है. यहां के लिए नियमित बस सेवाएं उपलब्ध है. आप यहां अपने निजी वाहन कार या बाइक से भी आ सकते हैं. स्टेट हाईवे 57 (DH 57) और स्टेट हाईवे 14 ( SH 14) जिले से होकर गुजरती है.

बागपत जिले की कुछ रोचक बातें:

2011 के जनगणना के अनुसार
1. जनसंख्या की दृष्टि से उत्तर प्रदेश में 66वां स्थान है.
2. लिंगानुपात के मामले में उत्तर प्रदेश में 69वां स्थान है.
3. साक्षरता के मामले में उत्तर प्रदेश में 17वां स्थान है.
4. सबसे ज्यादा बसे गांव वाला तहसील: बड़ौत (139).
5. सबसे कम बसे गांव वाला तहसील: खेकड़ा (48)
6. जिले में कुल निर्जन गांवों की संख्या: 25.

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