Sarvan Kumar 02/09/2019

हरदोई भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित एक जिला है. उत्तर प्रदेश राज्य के मध्य भाग में स्थित यह जिला लखनऊ प्रमंडल के अंतर्गत आता है. हरदोई शहर जिले का प्रशासनिक मुख्यालय है. जिले में कितने तहसील है? कितनी जनसंख्या है? आईये जानते हैं हरदोई जिले की पूरी जानकारी.

हरदोई जिले का इतिहास

जिले का प्रारंभिक इतिहास शिव पुराण के परंपराओं और कथाओं पर आधारित है. शिव पुराण के अनुसार इस स्थान का संबंध हिरण कश्यप से है. ऐसी मान्यता है कि प्राचीन काल में हिरणकश्यप नाम के दैत्य का इस स्थान पर शासन था. वह भगवान विष्णु का शत्रु था और खुद को ईश्वर कहता था. हिरण कश्यप का पुत्र प्रह्लाद भगवान विष्णु का परम भक्त था. भगवान विष्णु के भक्त होने के कारण प्रह्लाद को उसके पिता ने उसे कठोर से कठोर दंड दिए थे. इसके बाद भगवान विष्णु ने नरसिंह अवतार लेकर हिरण्यकश्यप का वध किया था. चूंकि हिरण कश्यप भगवान विष्णु से नफरत करता था इसीलिए इस स्थान का नाम “हरीद्रोही” पड़ा जो कालांतर में “हरदोई” हो गया.

हरदोई जिले की भौगोलिक स्थिति

बाउंड्री (चौहद्दी)

हरदोई 8 जिलों से घिरा हुआ है.
उत्तर में-लखीमपुर खीरी जिला और शाहजहांपुर जिला
दक्षिण में-लखनऊ जिला, उन्नाव जिला और कानपुर नगर जिला
पूरब में-सीतापुर जिला
पश्चिम में-शाहजहांपुर जिला, फ़र्रूख़ाबाद जिला और कन्नौज जिला

समुद्र तल से ऊंचाई
यह शहर समुद्र तल से लगभग 140 मीटर (460 फीट) की औसत ऊंचाई पर स्थित है.

क्षेत्रफल
इस जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल 5986 वर्ग किलोमीटर है.

प्रमुख नदियां:
पूरब में गोमती नदी इस जिले को सीतापुर और लखीमपुर खीरी जिले से अलग करती है. जिले की प्रमुख नदियां है: गंगा, गोमती, गर्रा, नीलम, रामगंगा, कुंदा, सुखेता और सई.

अर्थव्यवस्था-कृषि, उद्योग और उत्पाद

हरदोई जिले की अर्थव्यवस्था कृषि, पशुपालन, मछली पालन, वन, खनिज, उद्योग और व्यवसाय पर आधारित है.

कृषि

इस जिले की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर आधारित है. जिले में उगाए जाने वाले प्रमुख फसल हैं: धान, मक्का, गेहूं, ज्वार, बाजरा, दलहन (मसूर, चना, मूंग, उरद, अरहर और मटर), तिलहन (मूंगफली, सरसों, राई, सूर्यमुखी और तिल), गन्ना, आलू, प्याज, लहसुन और सब्जियां. यहाँ उगाए जाने वाले प्रमुख फल हैं: आम, अमरूद, नींबू, कटहल, पपीता और केला.

पशुपालन

ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन जिले के लोगों के लिए आय का एक महत्वपूर्ण जरिया है. जिले के प्रमुख पशु धन हैं: गाय, बैल, भैंस, सूअर, भेड़, बकरी और पोल्ट्री.

मछली पालन

जिले के नदियों, नहरों, तालाबों, टैंको और जलाशयों से विभिन्न प्रकार के मछली का उत्पादन किया जाता है.

वन

इस जिले में पाए जाने वाले प्रमुख वन संपदा हैं: बरगद, बांस, शीशम, नीम, महुआ, साल,जामुन और आम.

खनिज

यह जिला खनिज से समृद्ध नहीं है. यहाँ पाए जाने वाले प्रमुख खनिज हैं: कंकर, रेह और बालू.

उद्योग

इस जिले में बड़े उद्योगों का अभाव है. यह जिला कृषि आधारित उद्योग के लिए प्रसिद्ध है. जिले में स्थित प्रमुख उद्योग हैं: चावल मिल, चीनी मिल, आटा मिल और बेकरी उद्योग.

व्यवसाय

जिले से निर्यात किए जाने वाले प्रमुख पदार्थ हैं: खाद्य पदार्थ, अनाज, तिलहन, चीनी और तंबाकू. जिले में आयात किए जाने वाले प्रमुख पदार्थ हैं: विदेशी सामान, कपड़ा नमक और कपास.

प्रशासनिक सेटअप

प्रमंडल: लखनऊ
प्रशासनिक सहूलियत के लिए इस जिले को 5 तहसीलों (अनुमंडल) और 19 विकासखंडो (प्रखंड/ ब्लॉक) में बांटा गया है.

तहसील (अनुमंडल):
हरदोई जिले को कुल 5 तहसीलों में बांटा गया है:
शाहाबाद, सवायजपुर, हरदोई, बिलग्राम और संडीला.

विकासखंड (प्रखंड):
इस जिले को कुल 19 विकासखंडों (प्रखंडों) में बांटा गया है-भरखनी, शाहाबाद, टोडरपुर, पिहानी, हरियावां, टडियावां, बावन, हरपालपुर, सांडी, बिलग्राम, सुरसा, अहिरोरी, माधोगंज, मल्लावां, बेहंदर, कछौना, कोथावां, संडीला और भरावन.

पुलिस थानों की संख्या: 25
नगर पालिका परिषदों की संख्या: 7
नगर पंचायतों की संख्या: 6
न्याय पंचायतों की संख्या: 191
ग्राम पंचायतों की संख्या: 1101
गांवों की संख्या: 2070

निर्वाचन क्षेत्र
लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र: 2, हरदोई और मिश्रिख (पार्ट). यह जिला दो लोक सभा निर्वाचन क्षेत्रों का हिस्सा है हरदोई और मिश्रिख (आंशिक रूप से).

विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र: 8
इस जिले के अंतर्गत कुल 8 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र आते हैं: सवायजपुर, शाहाबाद, हरदोई, गोपामऊ, सांडी बिलग्राम, बालामऊ और संडीला.

हरदोई जिले की डेमोग्राफीक्स  (जनसांख्यिकी)

2011 के आधिकारिक जनगणना के अनुसार, इस  जिले की जनसांख्यिकी इस प्रकार है-
कुल जनसंख्या: 40.93 लाख
पुरुष: 21.91 लाख
महिला: 19.01 लाख

जनसंख्या वृद्धि (दशकीय): 20.44%
जनसंख्या घनत्व (प्रति वर्ग किलोमीटर): 684
उत्तर प्रदेश की जनसंख्या में अनुपात: 2.05%
लिंगानुपात (महिलाएं प्रति 1000 पुरुष): 868

औसत साक्षरता: 64.57%
पुरुष साक्षरता: 74.39%
महिला साक्षरता: 53.19%

शहरी और ग्रामीण जनसंख्या
शहरी जनसंख्या: 13.24%
ग्रामीण जनसंख्या: 86.76%

धार्मिक जनसंख्या

2011 के आधिकारिक जनगणना के अनुसार, यह एक हिंदू बहुसंख्यक जिला है. जिले में हिंदुओं की जनसंख्या 85.71% है, जबकि मुस्लिमों की आबादी 13.59% है. अन्य धर्मों की बात करें तो जिले में ईसाई 0.14%, सिख 0.14%, बौद्ध 0.16% और जैन 0.01% हैं.

भाषाएं
इस जिले में बोली जाने वाली प्रमुख भाषाएं हैं: हिंदी और उर्दू.

हरदोई जिले के दर्शनीय स्थल

जिले में पौराणिक, धार्मिक, पुरातात्विक और ऐतिहासिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण कई दर्शनीय स्थल हैं. यहाँ स्थित प्रमुख दर्शनीय स्थलों के बारे में संक्षिप्त विवरण:

संकट हरण मंदिर, सकाहा

भगवान शिव को समर्पित यह प्राचीन मंदिर जिला मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर सकाहा गांव में स्थित है.

रौजा सदरे जहां, पिहानी

जिला मुख्यालय से लगभग 27 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित पिहानी का ऐतिहासिक महत्व है. 1540 में मुगल बादशाह हुमायूं और शेरशाह सूरी के बीच हुई जंग में हुमायूं के हार के बाद हुमायूं की सेना के मंत्री नवाब सदर जहां ने इसी स्थान पर शरण लिया था. यहां दो गुंबदों वाला ऐतिहासिक मकबरा है जिसके मुख्य गुंबद के नीचे सदर जहां को दफनाया गया है तथा दूसरे गुंबद के नीचे उनके भाई बदर जहां का कब्र है.

प्रह्लाद घाट

यह प्रसिद्ध धार्मिक स्थल हरदोई शहर के नजदीक सांडी रोड पर स्थित है. ऐसी मान्यता है कि भगवान विष्णु के भक्ति से नाराज होकर हिरण कश्यप द्वारा ऊंचे टीले से नीचे फेंके जाने के बाद प्रह्लाद इसी घाट में गिरे थे.

राजा नरपत सिंह स्मारक, माधोगंज

आजादी की लड़ाई में अंग्रेजों के छक्के छुड़ाने वाले राजा नरपत सिंह का यह ऐतिहासिक स्मारक हरदोई जिला मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूरी पर, माधोगंज कस्बे के उत्तर में 2 किलोमीटर की दूरी पर, रुइया गढ़ी गांव में स्थित है.

धोबिया आश्रम, पिहानी

गोमती नदी के तट पर स्थित इस स्थल का पौराणिक महत्व है. पिहानी शहर से लगभग 7 किलोमीटर पूर्व में स्थित इस स्थल के बारे में मान्यता है कि यहां पर 84000 वैष्णवों ने एक साथ तपस्या किया था.

हत्या हरण तीर्थ, संडीला

यह प्रसिद्ध तीर्थ स्थल हरदोई जिले के संडीला तहसील में स्थित है. ऐसी मान्यता है कि रावण वध के उपरांत ब्राह्मण हत्या के पाप से मुक्त होने के लिए भगवान राम यहां स्थित सरोवर में स्नान करने आए थे.

बाबा मंदिर

लगभग 400 साल पुराना यह ऐतिहासिक मंदिर प्रह्लाद घाट से थोड़ी दूरी पर स्थित है.

नवाब दिलेर खान का मकबरा, शाहाबाद

यह ऐतिहासिक मकबरा शाहाबाद तहसील में स्थित है

सांडी पक्षी विहार

लगभग 309 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला यह खूबसूरत पक्षी विहार हरदोई रेलवे स्टेशन से लगभग 19 किलोमीटर की दूरी पर तथा सांडी शहर से 1 किलोमीटर दूरी पर स्थित है.

हरदोई कैसे पहुंचे?

हवाई मार्ग
इस जिले का अपना हवाई अड्डा नहीं है. यहां के लिए डायरेक्ट हवाई सेवा उपलब्ध नहीं है. निकटतम हवाई अड्डा: चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट, लखनऊ (Code: LKO).
यह हवाई अड्डा हरदोई से लगभग 115 किलोमीटर की दूरी पर लखनऊ में स्थित है. दूसरा नजदीकी हवाई अड्डा: कानपुर एयरपोर्ट (Code: 141). हवाई अड्डा हरदोई से लगभग 141 किलोमीटर की दूरी पर कानपुर में स्थित है.

रेल मार्ग
हरदोई रेल मार्ग से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ तथा देश के विभिन्न हिस्सों से अच्छे से जुड़ा हुआ है. निकटतम रेलवे स्टेशन: हरदोई रेलवे स्टेशन (Code: HRI).

सड़क मार्ग
हरदोई सड़क मार्ग से उत्तर प्रदेश और देश के प्रमुख शहरों से अच्छे से जुड़ा हुआ है. यहां के लिए नियमित बस सेवाएं उपलब्ध है. आप यहां अपने निजी वाहन कार या बाइक से भी आ सकते हैं.

हरदोई जिले की कुछ रोचक बातें:

2011 के जनगणना के अनुसार,
1. जनसंख्या की दृष्टि से उत्तर प्रदेश में 13वां स्थान है.
2. लिंगानुपात के मामले में उत्तर प्रदेश में 62वां स्थान है.
3. साक्षरता के मामले में उत्तर प्रदेश में 51वां स्थान है.
4. सबसे ज्यादा बसे गांव वाला तहसील: हरदोई (443).
5. सबसे कम बसे गांव वाला तहसील: बिलग्राम (312)
6. जिले में कुल निर्जन गांवों की संख्या: 163.

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