Sarvan Kumar

Sarvan Kumar 28/11/2021

रबारी (Rabari) भारत में पाई जाने वाली एक प्राचीन जाति है. मूल रूप से यह एक चरवाहा जाति है. इनका पारंपरिक कार्य कृषि और पशुपालन है. इन्हें रैबारी, राईका, गोपालक और देवासी के नाम से भी जाना जाता है. यह एक क्षत्रिय जाति है इस जाति के लोग निडर, साहसी और बेहद ईमानदार होते हैं. […]

Sarvan Kumar 28/11/2021

धोबी (Dhobi) भारत और भारतीय उपमहाद्वीप में पाया जाने वाला एक जातीय समूह है. पारंपरिक रूप से इनका मुख्य कार्य कपड़े धोना, रंगना और इस्त्री करना है. भारत के अलग-अलग राज्यों में इन्हें अलग-अलग नामों से जाना जाता है, जैसे-रजक, धूपी, धोबा आदि. यह एक बड़ा जातीय समूह है, जो उत्तरी, पश्चिमी और पूर्वी भारत […]

Sarvan Kumar 23/11/2021

भूमिहार, जिसे बाभन भी कहा जाता है, एक हिंदू जाति है जो मुख्य रूप से बिहार (मिथिला क्षेत्र सहित), उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र, झारखंड, मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र और नेपाल में पाई जाती है। स्वतन्त्र भारत में जातिगत गणना नहीं हुई है, 1911 के जनगणना के अनुसार बिहार की कुल आबादी 10,38,04,637 थी। […]

Sarvan Kumar 23/11/2021

एक वाक्या जो जस्टिस काटजू से संबंधित है, मार्कंडेय काटजू एक भारतीय विधिवेत्ता और भारत के सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश हैं। लोगों को भूमिहारों केेे बारे मेें कितना समझ है, यह इस वाक्या से पता चलता है। वे Facebook लिखते हुए कहते हैं “उच्च न्यायालय में एक वरिष्ठ वकील आर.एन. सिंह, जो एक भूमिहार […]

Sarvan Kumar 22/11/2021

भूमिहार शब्द के शाब्दिक अर्थ से इनके उत्पत्ति के  बारे में अनुमान लगाए जाते रहे हैं। भूमिहार दो शब्दों के मेल से बना हुआ है एक है भूमि और दूसरा हार ,अर्थात भूमि + हार = भूमिहार। भूमि का अर्थ तो सबको पता है भूमि का मतलब है जमीन, हार का अलग-अलग अर्थ निकाले जाते […]