Religion

Ranjeet Bhartiya 03/10/2021

सुनार भारत और नेपाल में पाया जाने वाला एक हिंदू जाति है. इस वीर और महान जाति का इतिहास स्वर्णिम और गौरवशाली रहा है. यह भारत की मूल निवासी जाति है. यह सुंदर, चरित्रवान और साहसी होते हैं. इन्हें सोनार या स्वर्णकार भी कहा जाता है. मूलतः यह क्षत्रिय वर्ण में आते हैं, इसीलिए इन्हें […]

Ranjeet Bhartiya 02/10/2021

कुम्हार भारत, पाकिस्तान और नेपाल में पाया जाने वाला एक जाति या समुदाय है. इनका इतिहास अति प्राचीन और गौरवशाली है. मानव सभ्यता के विकास में कुम्हारों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है. कहा जाता है कि कला का जन्म कुम्हार के घर में ही हुआ है. इन्हें उच्च कोटि का शिल्पकार वर्ग माना गया है. […]

Ranjeet Bhartiya 02/10/2021

भाषा, क्षेत्र और सांस्कृतिक विविधताओं के आधार पर इस जाति में कई उप समूह या उपजातियां पाई जाती  हैं. जैसे मालवा के मालवी, हैदराबाद और तेलुगु क्षेत्र के तेलंगा, उत्तर भारत के परदेसी और मराठा क्षेत्र के मराठा. गढेवाल या गढे जो टाइल्स बनाते हैं और उन्हें गधों पर ढोते हैं, बर्दिया जो परिवहन के […]

Sarvan Kumar 30/09/2021

वेदों के अनुसार प्राचीन समाज चार वर्णॉ में बंटी हुई थी। उनके नाम थे ब्राह्मण (Brahamin) , क्षत्रिय (Kshatriya) , वैश्य (Vaishya) और शूद्र (Shudra)। तीन वेद ( ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद) चारो वर्णॉ के संबंधित कर्तव्यों का निर्धारण करते हैं।  इन चार वर्णॉ में ब्राह्मण का कर्त्तव्य अध्ययन, अध्यापन, यज्ञ करना और करवाना , दान […]

Sarvan Kumar 29/09/2021

ये ब्राह्मण ही थे जिन्होंने हमारी संस्कृति, पांडुलिपियों को बचाया। उन्होंने कभी भी इस्लामवादियों की तरह व्यवहार नहीं किया, फिर भी उन्हें दोष देना है। प्राचीन जमाने में क्षत्रियों को शास्त्र , अस्त्र- शस्त्र की शिक्षा देने का दायित्व ब्राह्मणों पर ही था। राजा के मुख्य सलाहकार ब्राह्मण ही थे जो उन्हें न्याय कूटनीति, धर्म […]