Ranjeet Bhartiya 28/05/2018

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे के फेज-1 के उद्घाटन के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी की कड़ी सिक्योरिटी को तोड़कर एक महिला उनकी गाड़ी के करीब जा पहुंची थी. इस दौरान SPG का एक अधिकारी गाड़ी से गिर पड़ा, लेकिन उसने फ़ौरन मोर्चा संभाल लिया. जानिए कैसी होती है प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था.

प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था

क्या है SPG ?

भारत के प्रधानमंत्री, उनके परिवार तथा पूर्व प्रधानमंत्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी SPG सुरक्षा टुकड़ी पर होती है. SPG (Special Protection Group/ विशेष सुरक्षा दल) एक विशेष सुरक्षा बल है यह देश की सबसे पेशेवर एवं आधुनिकतम सुरक्षा बलों में से एक है. SPG के जवान प्रधानमंत्री को २४ घंटे एक विशेष सुरक्षा घेरा प्रदान करते है. SPG के जवान प्रधानमंत्री की अंगरक्षा, अनुरक्षण,आवासों, विमानों और वाहनों की सुरक्षा करते हैं.राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, देश के अन्य हिस्से तथा विदेशी दौरों पर हर स्थान, हर क्षण प्रधानमंत्री की अंगरक्षा एवं किसी भी प्रकार के हमले से उनकी सुरक्षा SPG की ही ज़िम्मेदारी होती है. प्रधानमंत्री  अंगरक्षा के अलावे एसपीजी प्रधानमंत्री आवास, प्रधानमंत्री कार्यालय तथा हर वह स्थान जहाँ प्रधानमंत्री वास करते है  उसकी सुरक्षा करती है. SPG का गठन 1985 में आईबी की एक विशेष अंग के रूप में सीधे केंद्र सरकार के अंतर्गत एक सुरक्षा टुकड़ी के रूप में की गई  थी.

 VIP सिक्योरिटी किसको मिलती है?

इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के अधिकारियों की एक कमेटी होती है जिसमें होम सेक्रेटरी और होम मिनिस्टर शामिल होते हैं. यही कमेटी तय करती है कि किसको कौन सी सिक्योरिटी देना है. खतरे के लेवल के हिसाब से सिक्योरिटी का लेवल तय किया जाता है. Z+ हाईएस्ट सिक्योरिटी लेवल होता है. यह प्रधानमंत्री, पूर्व प्रधानमंत्री की सुरक्षा संभालती है. Z+ सिक्योरिटी में 55 सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं.

SPG सुरक्षा क्या है?

● SPG के जवानों को सुरक्षा हेतु विशेष एवं पेशेवर परिक्षण, उपकरण और पोषाक प्रदान की जाती है. इन्हे दृढ अनुशासन में रखा जाता है ताकि प्रधानमंत्री को सुरक्षा प्रदान करने में वे लोग पूर्णतः सक्षम रहें.
● प्रधानमंत्री जहां भी जाते हैं, वहां हर एक स्टेप पर अचूक शूटर्स तैनात होते हैं. ये शूटर्स प्रधानमंत्री को खतरा पहुंचा सकने वाले लोगों को कुछ ही सेकंड्स में मारने की क्षमता रखते हैं.
● SPG में करीब 3 हजार जवान हैं. ये SPG जवान प्रधानमंत्री, पूर्व प्रधानमंत्री और उनके परिवारों के सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालते हैं . इन जवानों को अमेरिका की सीक्रेट सर्विस की गाइडलाइन के आधार पर तैयार किया जाता है.
●  SPG के जवान FNF-2000 असॉल्ट राइफल, ऑटोमैटिक गन, 17M रिवोल्वर्स जैसे मॉर्डन इक्विपमेंट से लैस होते हैं.
●  SPG कमांडोज बेल्जियम से इम्पोर्ट की गई 3.5kg की राइफल से लैस होते हैं. यह राइफल 1 मिनट में 850 राउंड फायर कर सकता है. इनकी रेंज 500 मीटर तक होती है.
SPG  कमांडोज के पास सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल होती हैं. ये बुलेटप्रूफ जैकेट पहने रहते हैं जिसका वजन 2.2Kg होता है. ये घुटनों और कोहनी पर पैड पहने रहते हैं और आंखों पर काला चश्मा लगाए रखते हैं. ये चश्में ऐसे बने होते हैं कि अटैक होने पर भी जवानों को देखने में किसी तरह की दिक्कत नहीं होती. एकदम से फायरिंग होने पर एसपीजी कमांडोज पीएम के सामने खड़े होकर अटैक करने वाले को खत्म करने की ताकत रखते हैं.
● SPG जवान हमेशा एल्बो गार्ड और एक खास तरह के शूज पहने रहते हैं. यह शूज ऐसे होते हैं जो कभी स्लिप नहीं करते. स्पेशल ग्लव्ज भी सोल्जर के पास होते हैं, इसको पहनने से हथियार हाथों से स्लिप नहीं होते और चोट से भी बचाए रखते हैं.
● ट्रेनिंग के दौरान इन जवानों को मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग भी दी जाती है. ऐसे में हथियार न होने पर भी यह अटैक करने वाले को रोक सकते हैं और अपने काबू में कर सकते हैं.

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