Ranjeet Bhartiya 12/09/2022
नहीं रहे सबके प्यारे ‘गजोधर भैया’। राजू श्रीवास्तव ने 58 की उम्र में ली अंतिम सांस। राजू श्रीवास्तव को दिल का दौरा पड़ा था जिसके बाद से वो 41 दिनों से दिल्ली के एम्स में भर्ती थे। उनकी आत्मा को शांति मिले, मुझे विश्वास है कि भगवान ने उसे इस धरती पर रहते हुए जो भी अच्छा काम किया है, उसके लिए खुले हाथों से स्वीकार करेंगे #RajuSrivastav #IndianComedian #Delhi #AIMS Jankaritoday.com अब Google News पर। अपनेे जाति के ताजा अपडेट के लिए Subscribe करेेेेेेेेेेेें।
 

Last Updated on 12/09/2022 by Sarvan Kumar

बिहार पूर्वी भारत का एक राज्य है. यह 94,163 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल के साथ क्षेत्रफल के हिसाब से बारहवां सबसे बड़ा राज्य है. लेकिन अगर जनसंख्या की बात करें तो यह भारत का तीसरा सबसे बड़ा राज्य है. राज्य में कई जातियों और समुदायों का निवास है. पासवान बिहार में पाई जाने वाली एक महत्वपूर्ण जाति है. आइए जानते हैं बिहार में पासवान जाति की जनसंख्या के बारे में-

बिहार में पासवान जाति की जनसंख्या

बिहार में सामान्य वर्ग, पिछड़ा वर्ग और दलित समुदाय की कई जातियां पाई जाती हैं. जातियों की जनसंख्या संरचना की बात करें तो बिहार में पिछड़ी जातियों की जनसंख्या सबसे अधिक है, जिसमें तीन महत्वपूर्ण जातियां यादव, कुशवाहा और कुर्मी शामिल हैं. दलित समुदायों की बात करें तो बिहार में इनकी अच्छी खासी आबादी है. राज्य में निवास करने वाली प्रमुख दलित जातियां हैं- चमार, पासवान (दुसाध) और मुसहर. बिहार में, दलितों की आबादी 16% है, इसमें 31.3% चमार हैं, उसके बाद पासवान 30.9 फीसदी और मुसहर 13.9% हैं. पासवान समुदाय को ऊर्ध्व गतिमान तथा राज्य के अन्य दलित समूहों की तुलना में अपेक्षाकृत अधिक शक्तिशाली, सामाजिक-आर्थिक रूप से बहुत अधिक समृद्ध और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है. जाति पदानुक्रम में सबसे निचले स्तर से संबंधित होने के बावजूद भी ऐतिहासिक रूप से आर्थिक संसाधन और राजनीतिक शक्ति तक इनकी पहुंच रही है. राजनीति और सरकारी नौकरियों में पासवान समुदाय का सबसे अधिक प्रतिनिधित्व है. दलित समुदायों में इन्हें सबसे अधिक “संस्कृत संस्कारयुक्त” माना जाता है और इसीलिए कई लोग पासवान को “दलितों के बीच ब्राह्मण” के रूप में देखते हैं. बिहार में पासवान समुदाय की जनसंख्या की बात करें तो अलग-अलग स्रोतों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार बिहार में पासवान जाति की जनसंख्या इस प्रकार है-

•प्रतिष्ठित समाचार पत्र “दैनिक भास्कर” में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, बिहार में पासवान जाति की जनसंख्या करीब 4 फीसदी है.

•भारत के जाने-माने डिजिटल न्यूज़ प्लेटफार्म प्लेटफार्म “The Print” के अनुसार, पासवान दुसाध समुदाय बिहार की कुल जनसंख्या का लगभग 5 प्रतिशत हैं, जिनके क़रीब 45.6 लाख सदस्य हैं.

•2011 की जनगणना में बिहार की जनसंख्या 10.41 करोड़ दर्ज की गई थी. 2011 के जनगणना विवरण के अनुसार, बिहार में पासवान जाति की आबादी 4,945,165 बताई गई थी, यानी कि बिहार की कुल जनसंख्या का 4.75%.


References

•https://www.bhaskar.com/news/NAT-bjp-is-eyeing-14-4534264-NOR.html

•https://hindi.theprint.in/politics/who-are-the-paswans-upwardly-mobile-powerful-dalit-group-at-centre-of-bihar-polls-buzz/179065/?amp

•DATA HIGHLIGHTS : THE SCHEDULED CASTES Census of India 2001″ (PDF). censusindia.gov.in. Retrieved 8 March 2014

•https://timesofindia.indiatimes.com/city/patna/with-paswans-in-mahadalit-category-no-more-dalits-left-in-state/articleshow/63871946.cms

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