आगरा भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित एक जिला है. भारत की राजधानी नई दिल्ली से लगभग 215 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह जिला उत्तर प्रदेश के पश्चिमी भाग में ब्रज सांस्कृतिक क्षेत्र में स्थित है. यह जिला आगरा प्रमंडल के अंतर्गत आता है. इस प्रमंडल के अंतर्गत कुल 4 जिले आते हैं: आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी और मथुरा. आगरा शहर आगरा प्रमंडल और जिले का प्रशासनिक मुख्यालय है. यह जिला मुगलकालीन ऐतिहासिक इमारतों विशेष रुप से ताजमहल की उपस्थिति के कारण एक विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है. यह शहर लेदर उद्योग, चमड़े के सामान, जूते, कालीन हस्तशिल्प, जरी-जरदोजी तथा अपनी मिठाइयों जैसे पेठा, गजक और स्नैक्स (दालमोठ) के लिए भी मशहूर है.
इस जिले के बारे में आम सहमति है कि यह एक प्राचीन नगर है. प्राचीन काल में आर्यों के निवास स्थान होने के कारण इस नगर को “आर्य गृह” के नाम से जाना जाता था. महाभारत काल में यह नगर अग्रवन था. प्रसिद्ध यूनानी गणितज्ञ, खगोलशास्त्री, भूगोलवेत्ता और ज्योतिष क्लॉडियस टॉलेमी आगरा को इसके आधुनिक नाम से संबोधित करने वाले पहले इंसान थे. आगरा शहर को सिकंदर लोदी ने सन् 1504 ई. में बसाया था। आगरा मुगल साम्राजय की चहेती जगह थी, यह 1526 से 1658 तक मुग़ल साम्राज्य की राजधानी रहा.
यह भूभाग 1489-1511 तक सिकंदर लोदी के अधीन था. अपने शासनकाल के दौरान सिकंदर लोदी ने आगरा में सैन्य मुख्यालय स्थापित किया तथा 1504 ईसवी में आधुनिक आगरा शहर को बसाया था. आगरा 1526-1658 तक मुगल साम्राज्य की राजधानी रहा.
जिले की सीमा राजस्थान और मध्य प्रदेश से लगती है. यह जिला कुल 9 जिलों से घिरा हुआ है.
उत्तर में- मथुरा जिला, हाथरस जिला और एटा जिला
दक्षिण में- मध्य प्रदेश का भिंड जिला और मुरैना जिला
पूरब में- फिरोजाबाद जिला और इटावा जिला
पश्चिम में-राजस्थान का भारतपुर जिला और धौलपुर जिला
समुद्र तल से ऊंचाई
यह जिला समुद्र तल से लगभग 169 मीटर की औसत ऊंचाई पर स्थित है.
क्षेत्रफल
आगरा जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल 4041 वर्ग किलोमीटर है.
यह जिला यमुना नदी के तट पर स्थित है.
जिले के प्रमुख नदियां हैं: यमुना, चंबल और उटंगन
उटांगन नदी पश्चिम दिशा से जिले में प्रवेश करती है. पार्वती और खारी इनकी सहायक नदियां हैं.
चंबल नदी जिले के दक्षिणी सीमा पर बहती है और इसे मध्य प्रदेश के मुरैना और भिंड जिलों से अलग करती है.
इस जिले की अर्थव्यवस्था कृषि, पशुपालन, मछली पालन, वन, पर्यटन, उद्योग और व्यवसाय पर आधारित है.
इस जिले की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर आधारित है. जिले में उगाए जाने वाले प्रमुख फसल हैं: गेहूं, बाजरा, धान, बार्ली, ज्वार, मक्का, दलहन (उड़द, मूंग, मसूर, चना, मटर और अरहर), तिलहन (सरसों, सूर्यमुखी, लाही और तिल), आलू, कपास और सब्जियां
ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन जिले के लोगों के लिए आय का एक महत्वपूर्ण जरिया है. जिले के प्रमुख पशु धन हैं: गाय, भैंस, सूअर, बकरी और पोल्ट्री.
मछली पालन
जिले के नदियों और जलाशयों से मछली का उत्पादन किया जाता है.
वन
जिले में पाए जाने वाले प्रमुख वन संपदा हैं: बबूल, नीम, शीशम, जामुन, आम, अमलतास और इमली.
खनिज
यह जिला खनिज संपन्न नहीं है. जिले में पाए जाने वाले प्रमुख खनिज हैं: बालू, सिलिका, कंकर और लाल सेंड स्टोन
पर्यटन
आगरा जिले की अर्थव्यवस्था में पर्यटन का महत्वपूर्ण योगदान है. दुनिया के सात अजूबों में से एक ताजमहल तथा अन्य मुगलकालीन ऐतिहासिक इमारतों और किले के कारण आगरा देश-विदेश के पर्यटकों के लिए एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है.
औद्योगिकरण के मामले में आगरा एक महत्वपूर्ण जिला है. यह जिला चमड़ा उद्योग, लोहा उद्योग, फाउंडिंग स्टोन उद्योग, कालीन (कारपेट) उद्योग, हस्तशिल्प उद्योग, जरदोजी उद्योग और मार्बल उद्योग के लिए प्रसिद्ध है.
जिले में स्थित प्रमुख मध्यम उद्योगों की बात करें तो यहां बिजली के सामान, पंखा, पाइप, चमड़े के सामान, जूते, स्टील रोलिंग, पैकिंग और दूध उत्पाद बनाए जाते हैं.
जिले में बड़े पैमाने पर लघु औद्योगिक इकाइयां कार्यरत हैं जिनमें कपास के कपड़े, लकड़ी के सामान, स्टेशनरी प्रोडक्ट्स, चमड़े के सामान, धातु के सामान, ऑटो इंजन पार्ट्स और इलेक्ट्रॉनिक के सामान बनाए जाते हैं.
हस्तशिल्प उद्योग की दृष्टि से आगरा भारत का एक महत्वपूर्ण शहर है. यहां बड़े पैमाने कुटीर औद्योगिक इकाइयां कार्यरत हैं जिसमें जरदोजी, मार्बल नक्काशी, स्टोन नक्काशी और जूते बनाने का कार्य किया जाता है.
आगरा शहर, दयालबाग, फतेहपुर सीकरी, किरावली, एत्मादपुर, फतेहाबाद, वाह खेरागढ़, अकोला, बरौली अहीर और सैया जिले के प्रमुख व्यापार केंद्र हैं.
जिले से निर्यात किए जाने वाले प्रमुख पदार्थ हैं:
इंजीनियरिंग गुड्स, रसायन, चमड़े के सामान, लेदर फुटवियर, हैंडलूम, हैंडीक्राफ्ट के सामान, दाल, घी और तेल.
रोचक जानकारी: भारत में जूते की घरेलू जरूरत का लगभग 65% सप्लाई आगरा से किया जाता है.
जिले में आयात किए जाने वाले प्रमुख पदार्थ हैं: रोजमर्रा के सामान, चीनी, लकड़ी, गैस, कपास, नमक और दवाइयां.
प्रमंडल: आगरा
प्रशासनिक सहूलियत के लिए इस जिले को 6 तहसीलों (अनुमंडल) और 15 विकासखंडो (प्रखंड/ ब्लॉक) में बांटा गया है.
तहसील (अनुमंडल):
जिले को कुल 6 तहसीलों में बांटा गया है:
एत्मादपुर, आगरा, किरावली, खेरागढ़, फतेहाबाद और बाह.
विकासखंड (प्रखंड):
जिले को कुल 15 विकासखंडों (प्रखंडों) में बांटा गया है: एत्मादपुर, खंदौली, बिचपुरी, अछनेरा, फतेहपुर सीकरी, जगनेर, खेरागढ़, सैया, अकोला, बरौली अहीर, शमशाबाद, फतेहाबाद, पिनाहट, बाह और जैतपुर कलां.
पुलिस थानों की संख्या: 40
नगर निगम की संख्या: 1
नगरपालिका परिषदों की संख्या: 5
नगर पंचायतों की संख्या: 7
छावनी बोर्ड की संख्या: 1
ग्राम पंचायतों की संख्या: 640
गांवों की संख्या: 929
निर्वाचन क्षेत्र
लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र: 2; आगरा और फतेहपुर सिकरी
विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र: 9
आगरा जिले के अंतर्गत कुल 9 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र आते हैं: एत्मादपुर, आगरा कैंट, आगरा दक्षिण, आगरा उत्तर, आगरा ग्रामीण, फतेहपुर सीकरी, खेरागढ़, फतेहाबाद और बाह.
2011 के आधिकारिक जनगणना के अनुसार, इस जिले की जनसांख्यिकी इस प्रकार है-
कुल जनसंख्या: 44.19 लाख
पुरुष: 23.64 लाख
महिला: 20.53 लाख
जनसंख्या वृद्धि (दशकीय): 22.05%
जनसंख्या घनत्व (प्रति वर्ग किलोमीटर): 1093
उत्तर प्रदेश की जनसंख्या में अनुपात: 2.21%
लिंगानुपात (महिलाएं प्रति 1000 पुरुष): 868
औसत साक्षरता: 71.58%
पुरुष साक्षरता: 80.62%
महिला साक्षरता: 61.18 %
शहरी जनसंख्या: 45.81%
ग्रामीण जनसंख्या: 54.19%
2011 के आधिकारिक जनगणना के अनुसार, यह एक हिंदू बहुसंख्यक जिला है. जिले में हिंदुओं की जनसंख्या 88.77% है, जबकि मुस्लिमों की आबादी 9.31% है. अन्य धर्मों की बात करें तो जिले में ईसाई 0.23%, सिख 0.27%, बौद्ध 0.09%, जैन 0.49% और अन्य 0.01% हैं.
भाषाएं
इस जिले में बोली जाने वाली प्रमुख भाषाएं हैं: हिंदी, उर्दू और ब्रज भाषा.
इस जिले में पौराणिक, धार्मिक, पुरातात्विक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण कई दर्शनीय स्थल हैं. जिले में स्थित प्रमुख दर्शनीय स्थलों के बारे में संक्षिप्त विवरण:
भगवान शिव को समर्पित यह प्रसिद्ध मंदिर आगरा कैंट रेलवे स्टेशन से लगभग 6 किलोमीटर की दूरी पर रावतपाड़ा में स्थित है. यह मंदिर ताजमहल से लगभग 4.5 किलोमीटर तथा आगरा किले से लगभग 1 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. इस मंदिर के बारे में मान्यता है कि इसकी स्थापना स्वयं भगवान शिव ने द्वापर युग में किया था.
पर्यटन स्थलों की बात करें तो आगरा में स्थित यूनेस्को विश्व विरासत स्थलों ( UNESOCO World Heritage Site) का जिक्र जरूरी है.आगरा में 3 विश्व धरोहर स्थल स्थित हैं जिनका निर्माण मुगल काल में किया गया था.
विश्व के सात अजूबों में शामिल ताजमहल आगरा का सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थल है. यह खेरिया हवाई अड्डे से लगभग 10 किलोमीटर दूरी पर स्थित है. इसे देखने के लिए देश के ही नहीं बल्कि विदेशों से भी भारी संख्या में पर्यटक आते हैं. इस विश्व धरोहर ऐतिहासिक मकबरे का निर्माण मुगल बादशाह शाहजहां ने अपनी बेगम मुमताज महल के याद में करवाया था. हाथी दांत और सफेद संगमरमर से निर्मित यह मकबरा मुगलकालीन इस्लामी वास्तुकला का बेजोड़ नमूना है.
यह ऐतिहासिक किला ताजमहल से लगभग ढाई किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में स्थित है. इसे आगरा के लाल किले के नाम से भी जाना जाता है. 1638 तक यह ऐतिहासिक किला मुगल राजवंश के बादशाहों का मुख्य निवास स्थान था, इसके बाद मुगलों ने राजधानी को आगरा से दिल्ली स्थानांतरित कर दिया था.
आगरा से लगभग 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस शहर को मुगल बादशाह अकबर ने 1569 में बसाया था. 1571 से 1585 तक फतेहपुर सिकरी मुगल साम्राज्य की राजधानी रही. यहां आप मुगलकालीन भव्य इमारतें और स्मारक देख सकते हैं.
आगरा कैंट रेलवे स्टेशन से लगभग 40 किलोमीटर दूरी पर फतेहपुर सीकरी में स्थित इस ऐतिहासिक स्मारक का निर्माण 1601 में मुगल बादशाह अकबर ने गुजरात विजय के बाद करवाया था. यह भव्य स्मारक हिंदू और फारसी वास्तुकला का अनूठा नमूना है.
लगभग 119 एकड़ में फैला मुगल बादशाह अकबर का मकबरा जिले के सिकंदरा में स्थित है. मुगल वास्तुकला के बेजोड़ नमूने इस मकबरे का निर्माण बादशाह अकबर के पुत्र जहांगीर ने करवाया था.
कीठम झील और सुर सरोवर पक्षी अभयारण्य आगरा जिले के लोकप्रिय पिकनिक स्पॉट हैं. यहां आप रोजमर्रा के भागदौड़ कि जिंदगी से समय निकालकर कुछ फुर्सत के पल बिता सकते हैं.
लगभग 7 वर्ग किलोमीटर जलक्षेत्र में फैला यह मनोरम झील आगरा से लगभग 20 किलोमीटर तथा सिकंदरा से लगभग 12 किलोमीटर की दूरी पर नेशनल हाईवे 2 पर स्थित है. यहां आप विभिन्न प्रकार की मछलियों तथा जल के पक्षियों को देख सकते हैं. इस झील के नजदीक स्थित इस सुंदर पक्षी अभयारण्य में आप 100 से ज्यादा प्रजातियों के स्थानीय और प्रवासी पक्षियों को देख सकते हैं.
यह मुगलकालीन इमारत आगरा से लगभग 43 किलोमीटर की दूरी पर फतेहपुर सिकरी में स्थित है. इस पांच मंजिले महल का निर्माण मुगल बादशाह अकबर ने अपने बेगम और शाही महिलाओं के रहने के लिए करवाया था.
मुगल वास्तुकला का बेहतरीन नमूना सूफी संत सलीम चिश्ती का दरगाह आगरा से लगभग 35 किलोमीटर की दूरी पर फतेहपुर सिकरी में स्थित है.
यह खूबसूरत बाग ताजमहल से लगभग 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. इसका निर्माण प्रथम मुगल बादशाह बाबर ने 1528 में करवाया था.
आगरा कैंट रेलवे स्टेशन से लगभग 5 किलोमीटर दूरी पर स्थित इस विशाल मस्जिद का निर्माण शाहजहां की पुत्री जहां बेगम ने 1648 में करवाया था.
एक छोटे झील तथा विभिन्न प्रकार के वनस्पतियों से सुसज्जित लगभग 70 एकड़ भूभाग में फैला यह खूबसूरत पार्क आगरा शहर के मध्य में स्थित है.
यह जिला हवाई मार्ग से दिल्ली तथा देश के विभिन्न हिस्सों से अच्छे से जुड़ा हुआ है. इस जिले का अपना हवाई अड्डा है. यहां के लिए डायरेक्ट हवाई सेवा उपलब्ध हैं.
निकटतम हवाई अड्डा: पंडित दीनदयाल उपाध्याय एयरपोर्ट/आगरा एयरपोर्ट (Code: AGR).यह हवाई अड्डा आगरा मुख्य शहर से 13 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है.
दूसरा नजदीकी हवाई अड्डा: ग्वालियर एयरपोर्ट (Code: GWL)
यह हवाई अड्डा आगरा से लगभग 120 किलोमीटर की दूरी पर मध्य प्रदेश के ग्वालियर में स्थित है.
यह जिला रेल मार्ग से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ, भारत के राजधानी दिल्ली तथा देश के विभिन्न हिस्सों से अच्छे से जुड़ा हुआ है.
निकटतम रेलवे स्टेशन: आगरा कैंट रेलवे स्टेशन (Code: AGC), आगरा किला रेलवे स्टेशन (Code: AF), राजा की मंडी रेलवे स्टेशन (Code: RKM), आगरा शहर रेलवे स्टेशन (Code: AGA) और ईदगाह रेलवे स्टेशन (Code: IDH).
यह जिला सड़क मार्ग से उत्तर प्रदेश और देश के प्रमुख शहरों से अच्छे से जुड़ा हुआ है. यहां के लिए नियमित बस सेवाएं उपलब्ध है. आप यहां अपने निजी वाहन कार या बाइक से भी आ सकते हैं.
नेशनल हाईवे 2 (NH 2), नेशनल हाईवे 3 (NH 3), नेशनल हाईवे 76 (NH 76) और नेशनल हाईवे 93 (NH 93) जिले से होकर गुजरती है.
2011 के जनगणना के अनुसार,
1. जनसंख्या की दृष्टि से उत्तर प्रदेश में 11वां स्थान है.
2. लिंगानुपात के मामले में उत्तर प्रदेश में 61वां स्थान है.
3. साक्षरता के मामले में उत्तर प्रदेश में 21वां स्थान है.
4. सबसे ज्यादा बसे गांव वाला तहसील: बाह (207).
5. सबसे कम बसे गांव वाला तहसील: एत्मादपुर और आगरा (105)
6. जिले में कुल निर्जन गांवों की संख्या: 36.
Last updated: 07/09/2020 8:42 am
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