Religion

Ranjeet Bhartiya 20/05/2022

चाहे दैनिक जीवन हो या सामाजिक व्यवस्था या राजनीति, जाति या जाति व्यवस्था बिहारी समाज के हर क्षेत्र को प्रभावित करती है. हालांकि अलग-अलग आंकलनों में विभिन्न जातियों की अलग-अलग संख्या बताई जाती है, लेकिन फिर भी आइए जानते हैं मोटे तौर पर बिहार में किस जाति की कितनी जनसंख्या है तथा बिहार में सबसे […]

Ranjeet Bhartiya 17/04/2022

सिकलीगर (Sikligar) भारत में पाया जाने वाला एक जाति समुदाय है. इन्हें बर्धिया (Bardhia), सैक्कलगर (Saiqalgar), मोयाल (Moyal) और पांचाल (Panchal) के नाम से भी जाना जाता है. इस समुदाय के लोग हथियार बनाने की कला के लिए जाने जाते हैं. यह हथियार बनाने में इतने माहिर होते हैं कि खराब पाइप और कबाड़ी में […]

Ranjeet Bhartiya 15/04/2022

कोटवार (Kotwar) भारत में पाया जाने वाला एक जातीय समुदाय है. कोटवार का अर्थ होता है- “ग्राम चौकीदार का पद धारण करने वाला व्यक्ति”. पुराने जमाने में यह पद आमतौर पर मूल निवासी आदिम जातियों के सदस्यों को दिया जाता था, जैसे कि महार, रामोशी, गंडास, पनका, मीना और खंगार .मध्य प्रदेश के होशंगाबाद में […]

Ranjeet Bhartiya 14/04/2022

समाज में कुमरावतों को सम्मानजनक स्थिति प्राप्त है. सामाजिक पद-सोपान में इन्हें कई स्थानों (जैसे जबलपुर आदि) पर काछी के समान दर्जा प्राप्त है. कई इलाकों (जैसे बैतूल आदि) में डांगुर सामाजिक स्थिति में कुणबी के समान हैं. कोई भी समाज भोजन के बिना जिंदा नहीं रह सकता है. इसके लिए अनाज उपजाने के बाद […]

Ranjeet Bhartiya 11/04/2022

(Featured image: Pexels – only Representative) of बिरहोर/बिरहुल (Birhor/Birhul भारत में पाई जाने वाली एक आदिवासी जनजाति है. पारंपरिक रूप से यह एक खानाबदोश (nomadic) जनजाति है. जातीय रूप से, यह संथाल, मुंडा और हो के समान हैं. स्थानीय लोगों द्वारा इन्हें अलग-अलग नामों से पुकारा जाता है. उदाहरणार्थ, कालाहांडी और सुंदरगढ़ जिलों में इन्हें […]