Religion

Ranjeet Bhartiya 24/09/2022

इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि भारत आज भी जातिगत भेदभाव और छुआछूत जैसी समस्याओं से जूझ रहा है. जातिवादी मानसिकता भारत के विकास में सबसे बड़ी रुकावट है. जातिवाद और छुआछूत सभ्य समाज के माथे पर एक कलंक है. जातिवाद के कारण इंसान के प्रति ना केवल असंवेदनशील बन जाता है,‌ […]

Ranjeet Bhartiya 21/09/2022

बनिया शब्द का उपयोग वैश्यों की सामाजिक-सांस्कृतिक वर्ग को संदर्भित करने के लिए किया जाता है, जो पुजारियों /विद्वानों (ब्राह्मणों),  योद्धाओं /शासकों (क्षत्रिय) के बाद और मजदूर/ वर्ग (शूद्रों) के ऊपर, तीसरे स्थान पर आते हैं. वैश्य एक वर्ग का गठन करते हैं जो विभिन्न जातियों द्वारा निर्मित है. मोढ बनिया/मोध वाणिक वैश्य समुदाय के […]

Ranjeet Bhartiya 20/09/2022

बनिया शब्द का प्रयोग व्यापक रूप से भारत के पारंपरिक व्यापारिक जातियों या बिजनेस समुदाय के सदस्यों लिए किया जाता है. इस प्रकार इस शब्द का प्रयोग व्यापारी, दुकानदार, साहूकार और बैंकर आदि के लिए किया जाता है. आइए जानते हैं बनिया कितने प्रकार के होते हैं? बनिया कितने प्रकार के होते हैं मनुष्य के […]

Ranjeet Bhartiya 19/09/2022

बनिया भारत में निवास करने वाला एक महत्वपूर्ण समुदाय हैं जिसे अपने तीक्ष्ण व्यापारिक कौशल के कारण व्यापार और वाणिज्य के क्षेत्र में महारत हासिल है. बनिया समुदाय ने पिछले 3000 साल  से भी अधिक समय से भारत की आर्थिक शक्ति को आगे बढ़ाया है, और आज भी इसे जारी रखे हुए हैं. बनिया समूह […]

Ranjeet Bhartiya 17/09/2022

भारत के उत्थान में और राष्ट्र निर्माण में वैश्य समाज का बड़ा योगदान है. दानवीर भामाशाह ने मातृभूमि के मान सम्मान के लिए अपनी सारी संपदा लुटा दी थी. ‘वैश्य’ शब्द बहुत व्यापक है और इसमें अग्रवाल, माहेश्वरी, खंडेलवाल, ओसवाल, जायसवाल और महाजन जैसे कई व्यापारिक समुदाय शामिल हैं. महावर वैश्य बनिया समुदाय की एक […]