उन्नाव जिले की मैप
उन्नाव भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित एक जिला है. उत्तर प्रदेश राज्य के मध्य भाग में स्थित यह जिला लखनऊ प्रमंडल के अंतर्गत आता है.यह जिला नवाबगंज पंक्षी अभयारण्य और चमड़ा उद्योग के लिए प्रसिद्ध है. जिले में कितने थाने हैं? कितनी जनसंख्या है? आईये जानते हैं उन्नाव जिले की पूरी जानकारी.
जिले का नामकरण इसके मुख्यालय शहर “उन्नाव” पर किया गया है. लगभग 1200 साल पहले यह स्थान घने जंगलों से आच्छादित था. 12वीं शताब्दी में गोडो सिंह नाम के एक चौहान राजपूत ने जंगलों को साफ करके एक नए शहर की स्थापना किया जिसका नाम रखा-सवाई गोडो. गोडो सिंह की मृत्यु के पश्चात यह शहर कन्नौज के शासकों के नियंत्रण में चला गया. कन्नौज के शासकों ने खंडे सिंह को इस शहर का सूबेदार बनाया. बाद में उनवंत सिंह नामक एक सैनिक ने खंडे सिंह की हत्या करके यहां एक किले का निर्माण कराया और शहर का नाम बदलकर अपने नाम पर “उन्नाव” रख दिया.
सीतापुर 5 जिलों से घिरा हुआ है.
उत्तर में–हरदोई जिला
दक्षिण में-रायबरेली जिला
पूरब में-लखनऊ जिला
पश्चिम में-कानपुर नगर जिला और फतेहपुर जिला
समुद्र तल से ऊंचाई
उन्नाव शहर समुद्र तल से लगभग 123 मीटर (404 फीट) की औसत ऊंचाई पर स्थित है.
क्षेत्रफल
इस जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल 4558 वर्ग किलोमीटर है.
प्रमुख नदियां:
जिले की प्रमुख नदियां है: गंगा और सई.
जिले की अर्थव्यवस्था कृषि, पशुपालन, मछली पालन, वन, खनिज, उद्योग और व्यवसाय पर आधारित है.
इस जिले की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर आधारित है. जिले में उगाए जाने वाले प्रमुख फसल हैं:धान, मक्का, गेहूं, ज्वार, बाजरा, दलहन (मसूर, चना, मूंग, उरद, अरहर और मटर), तिलहन (मूंगफली, सरसों, राई, सूर्यमुखी और तिल), गन्ना, आलू और सब्जियां. जिले में उगाए जाने वाले प्रमुख फल हैं: आम, अमरूद, नींबू, कटहल, पपीता और केला.
ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन जिले के लोगों के लिए आय का एक महत्वपूर्ण जरिया है. जिले के प्रमुख पशु धन हैं: गाय, बैल, भैंस, सूअर, भेड़, बकरी और पोल्ट्री.
जिले के नदियों, नहरों, तालाबों, टैंको और जलाशयों से विभिन्न प्रकार के मछली का उत्पादन किया जाता है.
जिले में पाए जाने वाले प्रमुख वन संपदा हैं: ढाक, शीशम, नीम, बबूल, बेल, पीपल, बरगद, गूलर, महुआ, खैर, कचनार, अमलतास, जामुन, आम, साल, सगुन, सेमल, अर्जुन और बांस.
उन्नाव जिला खनिज से समृद्ध नहीं है. जिले में पाए जाने वाले प्रमुख खनिज हैं: कंकर, रेह और बालू.
यह जिला चमड़ा उद्योग और चमड़े के सामान के लिए प्रसिद्ध है.
जिले में स्थित प्रमुख उद्योग हैं: चमड़ा उद्योग, टेक्सटाइल उद्योग, पेपर उद्योग, ब्रासवेयर उद्योग, फर्नीचर उद्योग, फुटवेयर उद्योग, बेकरी उद्योग और कृषि आधारित उद्योग.
जिले से निर्यात किए जाने वाले प्रमुख पदार्थ हैं: चमड़ा, चमड़े के सामान, खाद्य पदार्थ, तिलहन, चना, चावल, अरहर, मछली, लकड़ी, मटर,आम, केला और महुआ. जिले में आयात किए जाने वाले प्रमुख पदार्थ हैं पेट्रोकेमिकल, वनस्पति तेल, उर्वरक और दवाई.
प्रमंडल: लखनऊ
प्रशासनिक सहूलियत के लिए उन्नाव जिले को 6 तहसीलों (अनुमंडल) और 16 विकासखंडो (प्रखंड/ ब्लॉक) में बांटा गया है.
तहसील (अनुमंडल):
जिले को कुल तहसीलों में बांटा गया है: बांगरमऊ, सफीपुर, हसनगंज, उन्नाव, पुरवा और बीघापुर.
विकासखंड (प्रखंड):
उन्नाव जिले को कुल 16 विकासखंडों (प्रखंडों) में बांटा गया है-गंज मुरादाबाद, बांगरमऊ, फतेहपुर चौरासी, औरस, हसनगंज, नवाबगंज, मियागंज, बिछिया, सफीपुर, सिकंदरपुर सरोसी, सिकंदरपुर करन, बीघापुर, सुमेरपुर, पुरवा, असोहा और हिलौली.
पुलिस थानों की संख्या: 18
नगर पालिका परिषदों की संख्या: 3
नगर पंचायतों की संख्या: 15
ग्राम पंचायतों की संख्या: 954
गांवों की संख्या: 1795
निर्वाचन क्षेत्र
लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र: 1, उन्नाव
विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र: 6
जिले के अंतर्गत कुल 6 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र आते हैं: बांगरमऊ, सफीपुर, मोहान, उन्नाव, भगवंत नगर और पुरवा.
2011 के आधिकारिक जनगणना के अनुसार, इस जिले की जनसांख्यिकी इस प्रकार है-
कुल जनसंख्या: 31.08 लाख
पुरुष: 16.30 लाख
महिला: 14.78 लाख
जनसंख्या वृद्धि (दशकीय): 15.11%
जनसंख्या घनत्व (प्रति वर्ग किलोमीटर): 682
उत्तर प्रदेश की जनसंख्या में अनुपात: 1.56%
लिंगानुपात (महिलाएं प्रति 1000 पुरुष): 907
औसत साक्षरता: 66.37%
पुरुष साक्षरता: 75.05%
महिला साक्षरता: 56.76%
शहरी और ग्रामीण जनसंख्या
शहरी जनसंख्या: 17.10%
ग्रामीण जनसंख्या: 82.90%
2011 के आधिकारिक जनगणना के अनुसार, उन्नाव एक हिंदू बहुसंख्यक जिला है. जिले में हिंदुओं की जनसंख्या 87.89% है, जबकि मुस्लिमों की आबादी 11.69% है. अन्य धर्मों की बात करें तो जिले में ईसाई 0.11%, सिख 0.04%, बौद्ध 0.03% और जैन 0.01% हैं.
भाषाएं
जिले में बोली जाने वाली प्रमुख भाषाएं हैं: हिंदी, अवधि, बैसवाड़ी और उर्दू.
उन्नाव जिले में पौराणिक, धार्मिक, पुरातात्विक और ऐतिहासिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण कई दर्शनीय स्थल हैं. जिले में स्थित प्रमुख दर्शनीय स्थलों के बारे में संक्षिप्त विवरण:
यह खूबसूरत पक्षी अभयारण्य कानपुर रेलवे स्टेशन से लगभग 45 किलोमीटर की दूरी पर तथा लखनऊ रेलवे स्टेशन से लगभग 55 किलोमीटर की दूरी पर कानपुर-लखनऊ हाईवे पर स्थित है. यहां आप लगभग 1250 प्रजातियों के पक्षियों को देख सकते हैं.
सर्दी के मौसम में तिब्बत, चीन, यूरोप और साइबेरिया से आने वाले प्रवासी पक्षी यहां के मुख्य आकर्षण है.
बदरका हरबंस कानपुर-रायबरेली मार्ग पर उन्नाव तहसील में स्थित एक छोटा सा गांव है. इस गांव को प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी मचंद्रशेखर आजाद के माता जगरानी देवी तथा पिता पंडित सीताराम तिवारी के मूल पैतृक स्थान होने का गौरव प्राप्त है.
पुराणों में वर्णित यह प्रसिद्ध शक्तिपीठ लखनऊ से लगभग 55 किलोमीटर की दूरी पर उन्नाव जिले के बीघापुर तहसील में गंगा नदी के तट पर स्थित है.
हवाई मार्ग
उन्नाव जिले का अपना हवाई अड्डा नहीं है. यहां के लिए डायरेक्ट हवाई सेवा उपलब्ध नहीं है. निकटतम हवाई अड्डा: कानपुर एयरपोर्ट (Code: KNU). यह हवाई अड्डा उन्नाव शहर से लगभग 22 किलोमीटर की दूरी पर कानपुर में स्थित है.
दूसरा नजदीकी हवाई अड्डा: चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट, लखनऊ (Code: LKO). यह हवाई अड्डा उन्नाव शहर से लगभग 51 किलोमीटर की दूरी पर लखनऊ में स्थित है.
रेल मार्ग
उन्नाव रेल मार्ग से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ तथा देश के विभिन्न हिस्सों से अच्छे से जुड़ा हुआ है.
निकटतम रेलवे स्टेशन: उन्नाव जंक्शन रेलवे स्टेशन (Code: ON).
सड़क मार्ग
उन्नाव सड़क मार्ग से उत्तर प्रदेश और देश के प्रमुख शहरों से अच्छे से जुड़ा हुआ है. नेशनल हाईवे 25 जिले से होकर गुजरती है. यहां के लिए नियमित बस सेवाएं उपलब्ध है. आप यहां अपने निजी वाहन कार या बाइक से भी आ सकते हैं.
2011 के जनगणना के अनुसार,
1. जनसंख्या की दृष्टि से उत्तर प्रदेश में 31वां स्थान है.
2. लिंगानुपात के मामले में उत्तर प्रदेश में 30वां स्थान है.
3. साक्षरता के मामले में उत्तर प्रदेश में 47वां स्थान है.
4. सबसे ज्यादा बसे गांव वाला तहसील: हसनगंज (485).
5. सबसे कम बसे गांव वाला तहसील: पुरवा (258)
6. जिले में कुल निर्जन गांवों की संख्या: 102.
Last updated: 07/09/2019 3:10 pm
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