कुशीनगर भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित एक जिला है. उत्तर प्रदेश के पूर्वी सीमा पर स्थित यह जिला गोरखपुर प्रमंडल के अंतर्गत आता है. पडरौना कुशीनगर जिला का प्रशासनिक मुख्यालय है.कुशीनगर का इतिहास अत्यंत प्राचीन और गौरवशाली है. बौद्ध धर्म के संस्थापक भगवान गौतम बुद्ध के महापरिनिर्वाण स्थली होने के कारण कुशीनगर बौद्ध धर्मावलंबियों के लिए एक अंतरराष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विश्व विख्यात है.कुशीनगर जिले में कितने ब्लाक हैं? कितनी जनसंख्या है? आईये जानते हैं कुशीनगर जिले की पूरी जानकारी
जिले के नामकरण के बारे में दो मत हैं. पहला मत यह है कि कुशावती कौशल साम्राज्य की राजधानी थी. भगवान राम के बड़े पुत्र कुश यहां के राजा थे. उन्हीं के नाम पर इस स्थान का नाम कुशावती पड़ा. दूसरा मत यह है कि बौद्ध परंपरा के अनुसार कुशावती का नाम राजा कुश से पहले रखा गया था. माना जाता है कि कुशावती का नामकरण इस क्षेत्र में पाए जाने वाली कुश घास की प्रचुरता के कारण पड़ा.
एक स्वतंत्र जिले के रूप में अस्तित्व में आने से पहले कुशीनगर देवरिया जिले का हिस्सा हुआ करता था. 13 मई 1994 को इसे देवरिया जिले से अलग करके एक स्वतंत्र जिला बनाया गया.
बाउंड्री (चौहद्दी)
उत्तर में – महाराजगंज जिला और बिहार का पश्चिम चंपारण जिला.
दक्षिण में – देवरिया जिला और बिहार का गोपालगंज जिला.
पूरब में- बिहार का पश्चिम चंपारण जिला
पश्चिम में – महाराजगंज जिला और गोरखपुर जिला
समुद्र तल से ऊंचाई :
कुशीनगर समुद्र तल से लगभग 400 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है.
क्षेत्रफल
कुशीनगर जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल 2905 वर्ग किलोमीटर है.
प्रमुख नदियां : गंडक
कुशीनगर जिले की अर्थव्यवस्था कृषि, पशुपालन और उद्योग पर आधारित है.
कृषि
कुशीनगर जिले की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर आधारित है. जिले में उगाए जाने वाले प्रमुख फसल हैं:
धान, मक्का, गेंहू, दलहन, हल्दी, गन्ना, आलू और सब्जियां.
जिले में उगाए जाने वाले प्रमुख फल हैं: आम, अमरूद और केला.
पशुपालन
पशुपालन जिले के लोगों के लिए अतिरिक्त आय का जरिया है. जिले के प्रमुख पशु धन हैं: गाय, भैंस और बकरी.
वन
कुशीनगर जिले के प्रमुख उत्पाद हैं: नीम, आम, महुआ, साल और बाांस.
उद्योग
जिले में स्थित प्रमुख उद्योग हैं: चीनी मिल और कृषि आधारित उद्योग (आटा और तेल).
प्रमंडल: गोरखपुर
प्रशासनिक सहूलियत के लिए कुशीनगर जिले को 6 तहसीलों (अनुमंडल) और 14 विकासखंडो (प्रखंड/ ब्लॉक) में बांटा गया है.
तहसील (अनुमंडल):
कुशीनगर जिले कुल 6 तहसीलों में बांटा गया है:
कुशीनगर, पडरौना, हाटा, तमकुहीराज, खड्डा और कप्तानगंज.
विकासखंड (प्रखंड):
कुशीनगर जिले को कुल 14 विकासखंडों (प्रखंडों) में बांटा गया है- कुशीनगर, कसया, फाजिलनगर, तुमकुही, दुदही, सेवरही, हाटा, मोतीचक, सुकरौली, बिशुनपुरा, पडरौना ,खड्डा, नेबुआ नौरंगिया, कप्तानगंज और रामकोला.
पुलिस थानों की संख्या : 16
न्याय पंचायतों की संख्या : 140
ग्राम पंचायतों की संख्या: 944
गांवों की संख्या: 1620
निर्वाचन क्षेत्र
लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र : 1, कुशीनगर
विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र : 5, कुशीनगर, रामकोला, हाटा खड्डा और पडरौना.
2011 के आधिकारिक जनगणना के अनुसार कुशीनगर जिले की जनसांख्यिकी इस प्रकार है-
कुल जनसंख्या : 35.65 लाख
पुरुष : 18.18 लाख
महिला: 17.46 लाख
जनसंख्या वृद्धि (दशकीय): 23.20%
जनसंख्या घनत्व (प्रति वर्ग किलोमीटर): 1227
उत्तर प्रदेश की जनसंख्या में अनुपात: 1.78%
लिंगानुपात (महिलाएं प्रति 1000 पुरुष) : 961
औसत साक्षरता: 65.25%
पुरुष साक्षरता : 77.71%
महिला साक्षरता: 52.36%
शहरी और ग्रामीण जनसंख्या
शहरी जनसंख्या : 4.72%
ग्रामीण जनसंख्या: 95.28%
2011 के आधिकारिक जनगणना के अनुसार, ये एक हिंदू बहुसंख्यक जिला है. जिले में हिंदुओं की जनसंख्या 82.16% है, जबकि मुस्लिमों की आबादी 17.40% है.अन्य धर्मों की बात करें तो जिले में ईसाई 0.14%, सिख 0.02%, बौद्ध 0.13%, और जैन 0.01% हैं.
भाषाएं
जिले में बोली जाने वाली प्रमुख भाषाएं हैं: हिंदी और भोजपुरी.
जिले में ऐतिहासिक, पुरातात्विक और धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण कई दर्शनीय स्थान हैं. जिले में स्थित महत्वपूर्ण दर्शनीय स्थलों के बारे में संक्षिप्त विवरण:
जिले में स्थित यह बौद्ध मंदिर विश्व भर के बौद्ध धर्मावलंबियों के लिए सबसे पवित्रतम धर्म स्थलों में से एक है. इस मंदिर का मुख्य आकर्षण भगवान गौतम बुद्ध की 6.1 मीटर की लेटी हुई प्रतिमा है. यह प्रतिमा इस बात का प्रतीक है की 80 साल की उम्र में भगवान बुद्ध ने देह त्याग कर,जीवन मृत्यु के बंधन से मुक्त होकर, मोक्ष को प्राप्त कर लिया था.
इस संग्रहालय में आप पुरातात्विक महत्व के प्राचीन वस्तुओं, कलाकृतियों, मूर्तियों और सिक्कों इत्यादि को देख सकते हैं.
15 मीटर ऊंचा यह स्तूप बौद्ध धर्मावलंबियों के लिए एक पवित्र तीर्थ स्थल है.यह स्तूप उस स्थान का प्रतीक है जहां पर भगवान गौतम बुद्ध को अंतिम ज्ञान (महापरिनिर्वाण) की प्राप्ति हुई थी.
सूर्यदेव को समर्पित यह प्राचीन मंदिर जिला मुख्यालय से लगभग 17 किलोमीटर दूरी पर कासिया- तमकुही मार्ग पर स्थित है. इस मंदिर का उल्लेख स्कंद पुराण और मार्कंडेय पुराण में किया गया है.यह मंदिर काले पत्थर (नीलमणि पत्थर) से बने सूर्य देव की दो प्रतिमाओं के लिए प्रसिद्ध है. कहा जाता है कि चौथी और पांचवी सदी की ये प्रतिमाएं यहां पर हुए खुदाई के दौरान मिली थी. इस मंदिर का निर्माण गुप्त काल में हुआ था.
महापरिनिर्वाण मंदिर के दक्षिण पश्चिम दिशा में स्थित इस मंदिर के बारे में मान्यता है कि भगवान गौतम बुद्ध ने को यहीं पर महापरिनिर्वाण प्राप्त हुआ था.
लिन सुन चाइनीज मंदिर के नाम से प्रसिद्ध इस बौद्ध मंदिर को चीनी और वियतनाम के मिश्रित वास्तु शैली में बनाया गया है. इस मंदिर में भगवान बुद्ध की चीनी शैली में बनी प्रतिमा स्थापित है जो बौद्ध धर्मावलंबियों और पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है.
यह बौद्ध मंदिर देवरिया सदर रेलवे स्टेशन से लगभग 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है.
हवाई मार्ग
इस जिले का अपना हवाई अड्डा नहीं है. यहां के लिए डायरेक्ट हवाई सेवा उपलब्ध नहीं है.
निकटतम हवाई अड्डा : महायोगी गोरखनाथ एयरपोर्ट, गोरखपुर (Code: GOP).
यह हवाई अड्डा कुशीनगर से लगभग 45 किलोमीटर की दूरी पर गोरखपुर में स्थित है.
दूसरा नजदीकी हवाई अड्डा : लाल बहादुर शास्त्री इंटरनेशनल एयरपोर्ट, वाराणसी (Code:230)यह हवाई अड्डा कुशीनगर से लगभग 230 किलोमीटर की दूरी पर वाराणसी में स्थित है.
रेल मार्ग
कुशीनगर रेल मार्ग से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ तथा देश के विभिन्न भागों से अच्छे से जुड़ा हुआ है.
निकटतम रेलवे स्टेशन : रामकोला रेलवे स्टेशन (Station Code : RKL) और पडरौना रेलवे स्टेशन (Station Code : POU).
सड़क मार्ग
ये जिला सड़क मार्ग से उत्तर प्रदेश और देश के प्रमुख शहरों से अच्छे से जुड़ा हुआ है. यहां के लिए नियमित बस सेवाएं उपलब्ध है. आप यहां अपने निजी वाहन कार या बाइक से भी आ सकते हैं.
1. जनसंख्या की दृष्टि से उत्तर प्रदेश में 21वां स्थान है.
2. लिंगानुपात के मामले में उत्तर प्रदेश में 12वां स्थान है.
3. साक्षरता के मामले में उत्तर प्रदेश में 49वां स्थान है.
4. सबसे ज्यादा बसे गांव वाला तहसील : पडरौना (519).
5. सबसे कम बसे गांव वाला तहसील : कसया (286).
6. जिले में निर्जन गांव की संख्या : 60.
Last updated: 25/09/2019 2:11 pm
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