नई दिल्ली: नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर दिल्ली में हुए दंगे के दौरान हेड
कांस्टेबल रतनलाल की हत्या के मामले में पुलिस ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इन
आरोपियों के नाम हैं- सलीम मलिक, मोहम्मद जलालुद्दीन, मोहम्मद दानिश, मोहम्मद सलीम
खान, मोहम्मद अयूब, मोहम्मद मुस्ताक और मोहम्मद यूनुस.गिरफ्तार किए गए 7 आरोपियों में
से तीन आरोपी मोहम्मद सलीम, मोहम्मद जलालुद्दीन और मोहम्मद दानिश गाजियाबाद के रहने
वाले हैं. फिलहाल पुलिस गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है.
24 फरवरी 2020 को दिल्ली के उत्तर-पूर्वी भाग में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर हिंसा
भड़क गई थी. दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल रतनलाल गोकलपुरी क्षेत्र के मौजपुर इलाके में
तैनात थे. नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे उग्र भीड़ ने उन पर हमला कर
दिया था. हिंसक भीड़ के पत्थरबाजी के कारण रतनलाल गंभीर रूप से घायल हो गए थे. गंभीर रूप
से जख्मी रतनलाल को अस्पताल में भर्ती कराया गया था लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका और
उनकी मौत हो गई थी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा हुआ था कि उनकी मृत्यु गोली लगने से हुई थी.
42 वर्षीय शहीद कॉन्स्टेबल रतनलाल मूल रूप से राजस्थान के सीकर जिले के तिहावली गांव के
निवासी थे. 1998 में उनकी नियुक्ति दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल के पद पर हुई थी. वारदात के
वक्त वो गोकलपुरी एसीपी ऑफिस में नियुक्त थे. उनके परिवार में पत्नी, दो बेटियां और एक
बेटा है. उनकी पत्नी पूनम गृहिणी हैं. बड़ी बेटी सिद्धि सातवीं कक्षा की छात्रा है. छोटी बेटी कनक
पांचवी कक्षा की छात्रा है. बेटा राम पहली कक्षा में पढ़ता है. कॉन्स्टेबल रतनलाल अपने परिवार के
साथ बुराड़ी में रहते थे जबकि उनके माता-पिता और एक भाई राजस्थान में रहते थे. कांस्टेबल
रतन लाल का दूसरा भाई मनोज बंगलुरु में नौकरी करता है.
केंद्र सरकार में गृह मंत्री अमित शाह ने शहीद को हेड कांस्टेबल रतनलाल की मौत पर उनकी पत्नी पूनम को पत्र भेजकर शोक जताया था. पत्र में अमित शाह ने कहा था कि शहीद रतनलाल ने
कर्तव्य निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया है. दुख की इस घड़ी में पूरा देश बहादुर और बलिदानी पुलिसकर्मी के परिवार साथ खड़ा है.
Last updated: 13/03/2020 12:29 pm
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