रविन्द्र कुशवाहा
रविन्द्र कुशवाहा सलेमपुर लोकसभा क्षेत्र से पहली बार 2014 में भाजपा के टिकट से चुनाव लड़े और सांसद बने. वे कुशवाहा समुदाय से आते हैं। सलेमपुर, राज्य उत्तर प्रदेश के जिला देवरिया का एक लोकसभा क्षेत्र है। रविन्द्र कुशवाहा राम मंदिर मुद्दे के मामले में भी कई बयान दे चुके हैं। जिनमें से एक बयान था –
“सुप्रीम कोर्ट के भरोसे मंदिर नहीं बनने वाला. जो जज हैं,ये सब ईसाई मिशनरियों मांटेसरी स्कूलों से पढ़ कर आए हैं. इन्हें श्रीराम और कृष्ण से कोई लेना देना नहीं”.
उनका जन्म जिला देवरिया, उत्तर प्रदेश में 1 दिसंबर 1962 को हुआ । उनके पिता का नाम हरि केवल प्रसाद है। पिता हरि केवल प्रसाद का जन्म 15 मार्च 1940 ई. को हुआ था। वे राजनितिक रूप से 1950-60 के दशक से हीं एक्टिव हो गये थे।देश के प्रमुख आंदोलनों में भी उन्होने प्रमुख रोल निभाया. वे 2 बार विधायक तथा 4 बार के सांसद भी रहे. हरि केवल पहली बार विधायक के रूप में 1974 में चुने गये और दूसरी बार 1977 में। 1989 में राम नगीना मिश्रा को हराकर पहली बार सांसद बने। फिर 1991, 1998 तथा 2009 में सांसद के रूप चुने गये.देश के ये महान आत्मा 78 वर्ष की आयु में दुनिया से चले गये। समाज इनसे बहुत कुछ सीख ले सकता है।कठोर परिश्रम और संघर्ष से हम कहीं भी अपना स्थान बना सकते हैं.
1. 2014 से रविन्द्र कुशवाहा सलेमपुर से सांसद हैं। रविन्द्र कुशवाहा सलेमपुर के लोकप्रिय नेता हैं ।
2.वे पूरे यूपी में सलेमपुर सांसद रविन्द्र कुशवाहा के नाम से प्रसिद्ध हैं।
3.इनका सलेमपुर के हर वर्ग की जनता पर मजबूत पकड़ है। 2019 के लोकसभा चुनाव में इनकी उम्मीदवारी पक्का माना जा रहा है।
4.अपने क्षेत्र की जनता के सुविधाओं की मांग हमेशा करते रहे हैं।
5.कई बार अपने हीं सरकार के खिलाफ बगावती तेवर में भी दिखाई दिए हैं। अपने मांग मनवाने में वे कई बार कामयाब भी रहे।
1.वे अपने संसदीय क्षेत्र में भ्रमण करते हैं।
2. जनता का बात सुनते हैं।
3.उनकी जो मांग रहती है उन मांगो को वे ऊपर तक पहुंचाते हैं।
Last updated: 10/04/2019 6:54 pm
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