2009 Malaysian Annual Congregation of Tablighi Jamaat Sepang Selangor, Malaysia Image link: https://commons.m.wikimedia.org/wiki/File 2009_Malaysian_Tablighi_Ijtema.jpg#mw-jump-to-license
क्या तबलीगी जमात ने फैलाया देश भर में कोरोना? 18 मार्च 2020 दिल्ली का निजामुद्दीन इलाका और एक जलसा। देश भर में फैल रहे कोरोना का बन गया एपिक सेन्टर। दिल्ली में जो हुआ यह देश के लिए किसी बड़े भूकंप से कम नहीं है। इसकी गंभीरता इस बात से लगाया जा सकता है कि इस जलसे में शामिल कई लोग कोरोना पॉजिटिव थे और जलसा खत्म होने के बाद वे पूरे देश भर में फैल गए।
कोरोना एपिक सेन्टर
18 मार्च को देश और विदेश से कई लोग इस जलसे में शामिल होने के लिए आते हैं ,ये सारे लोग तबलीगी जमात के थे। देश को इसका पता तब चला जब जम्मू कश्मीर में 65 साल के एक बुजुर्ग कोरोना की शिकार हो गए। जब बुजुर्ग का ट्रैवल हिस्ट्री खंगाला गया तो पता चला कि वह तक तबलीगी जमात के जलसे में 2 से 3 दिन रुके थे। अधिकारियों में हड़कंप मच गया और तेजी से दूसरे उन लोगों की खोज की जाने लगी जो इस जलसे में शामिल थे। इसी बीच एक और बुरी खबर आई तेलंगाना में 6 और लोग कोरोना के शिकार हो गए और पता चला कि ये लोग भी जलसे में शामिल होने आए थे। अब पूरे देश से ऐसे मरीज मिल रहे हैं जो कोरोना पॉजिटिव है और इस जलसे में शामिल थे।
अब सवाल यह उठता है की इस जलसे को पहले क्यों नहीं रोका गया । यह खबर दिल्ली सरकार को समय रहते क्यों नहीं लगी।
अब इस घटना का राजनीतिकरण भी किया जा रहा है दिल्ली सरकार केंद्र पर और केंद्र दिल्ली सरकार पर इल्जाम लगा रहे हैं ।
क्या जलसे में शामिल विदेशी लोग क्या पहले से ही कोरोना पॉजिटिव थे या भारत में आने के बाद संक्रमित हुए। अगर वह पहले से कोरोना पॉजिटिव थे तो हवाई अड्डे पर उनकी सही तरीके से स्क्रीनिंग क्यों नहीं की गई।
तबलीगी जमात का यह कर्तव्य नहीं बनता कि समस्या को देखते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखते और जलसे को रद्द कर देते। क्या सब कुछ सरकार के भरोसे ही करेंगे? क्या खुद का कोई कर्त्तव्य नहीं बनता ?क्या बीमार लोग को जलसे में शामिल होना जरूरी था? ऐसे कई प्रश्न कानून और जनता दोनों ही तबलीगी जमात से पूछेंगे।
Last updated: 31/03/2020 11:09 am
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