गोंडा भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित एक जिला है. उत्तर प्रदेश के उत्तर-पूर्व भाग में आने वाला यह जिला देवीपाटन प्रमंडल के अंतर्गत आता है. देवीपाटन प्रमंडल के अंतर्गत कुल 4 जिले आते हैं: गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती और बहराइच.गोंडा शहर देवीपाटन प्रमंडल और गोंडा जिले का प्रशासनिक मुख्यालय है. स्वतंत्रता संग्राम में इस जिले का महत्वपूर्ण योगदान रहा है. स्वतंत्रता आंदोलन में इस क्षेत्र के स्वतंत्रता सेनानियों जैसे राजा देवी बख्श सिंह, राजा कृष्ण दत्त राम और पृथ्वी पाल सिंह ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था. प्रसिद्ध क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद ने जिले में शरण लिया था. क्रांतिकारी राजेंद्र लाहिड़ी, ठाकुर रोशन सिंह, अशफाक उल्ला खान और राम प्रसाद बिस्मिल को तय तारीख से 2 दिन पहले गोंडा जेल में फांसी दे दी गई थी. जिले में कितनी तहसील है? कितनी जनसंख्या है? आईये जानते हैं गोंडा जिले की पूरी जानकारी.
जिले के नाम की उत्पत्ति के बारे में मान्यता है कि प्राचीन काल में यहां जंगल हुआ करता था. इस जंगल में गायें चरा करती थी और गौशालायें थे, जिसके कारण इस जगह को गोंथा कहा जाता था जो कालांतर में अपभ्रंश होकर गोंडा हो गया.
इस शहर की स्थापना राजा मानसिंह ने किया था. फरवरी 1856 में यह एक स्वतंत्र जिले के रूप में अस्तित्व में आया.
बाउंड्री (चौहद्दी)
यह जिला कुल 7 जिलों से घिरा हुआ है.
उत्तर में-श्रावस्ती जिला और बलरामपुर जिला
दक्षिण में-अयोध्या (फैजाबाद) जिला
पूरब में-सिद्धार्थनगर जिला और बस्ती जिला
पश्चिम में-बहराइच जिला और बाराबंकी जिला
समुद्र तल से ऊंचाई
यह जिला समुद्र तल से लगभग 310-390 फीट की ऊंचाई पर स्थित है.
क्षेत्रफल
जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल 4003 वर्ग किलोमीटर है.
प्रमुख नदियां:
घाघरा, सरयू, राप्ती, टेढ़ी और कुआनो.
इस जिले की अर्थव्यवस्था कृषि, पशुपालन, मछली पालन, वन, खनिज, उद्योग और व्यवसाय पर आधारित है.
जिले की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर आधारित है. जिले में उगाए जाने वाले प्रमुख फसल हैं: धान, मक्का, गेहूं, ज्वार, दलहन (अरहर, उड़द, मसूर, मूंग, चना और मटर), तिलहन (सरसों, तिल और राई), मूंगफली, गन्ना, हल्दी ,लहसुन आलू, प्याज, बैंगन, टमाटर और अन्य सब्जियां. जिले में उगाए जाने वाले प्रमुख फल हैं: आम, अमरूद, नींबू, कटहल, पपीता और केला.
ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन जिले के लोगों के लिए आय का एक महत्वपूर्ण जरिया है. जिले के प्रमुख पशु धन हैं: गाय, बैल, भैंस, सूअर, भेड़, बकरी और पोल्ट्री.
जिले के नदियों, नहरों, तालाबों, टैंको और जलाशयों से विभिन्न प्रकार के मछली का उत्पादन किया जाता है.
जिले में पाए जाने वाले प्रमुख वन उत्पाद हैं: महुआ, शीशम, साल, सेमल, जामुन, आंवला, बबूल, बेल, अमलतास, नीम, यूकेलिप्टस और कचनार.
यह जिला खनिज से समृद्ध नहीं है. जिले में पाए जाने वाले प्रमुख खनिज हैं: बालू, कंकर, रेह और ब्रिक अर्थ.
जिले में स्थित प्रमुख उद्योग हैं: टेलीफोन इंडस्ट्री (मनकापुर I.T.I), चीनी मिल, राइस मिल और हैंडीक्राफ्ट उद्योग.
यह जिला कृषि उत्पादों, गेहूं, धान, अरहर, चना, मटर, सरसों, मक्का, शहद, मोम, फूल, फल, बांस, जड़ी-बूटी, लकड़ी और तेंदू के पत्ते इत्यादि का व्यापार केंद्र है.
प्रमंडल: देवीपाटन
प्रशासनिक सहूलियत के लिए इस जिले को 4 तहसीलों (अनुमंडल) और 16 विकासखंडो (प्रखंड/ ब्लॉक) में बांटा गया है.
तहसील (अनुमंडल):
जिले को कुल 4 तहसीलों में बांटा गया है: गोंडा, करनैलगंज, तरबगंज और मनकापुर.
विकासखंड (प्रखंड): गोंडा जिले को 14 विकासखंडों (प्रखंडों) में बांटा गया है-
रुपईडीह, इटियाथोक, मुजेहना, पंडरी कृपाल, कटरा बाजार
हलधरमऊ, करनैलगंज, परसपुर, बेसलर, झंझरी, तरबगंज, वजीरगंज, नवाबगंज, मनकापुर, छपिया और बभनजोत.
पुलिस थानों की संख्या: 17
नगर पालिका परिषदों की संख्या: 3
नगर पंचायतों की संख्या: 3
न्याय पंचायतों की संख्या: 166
ग्राम पंचायतों की संख्या: 1054
गांवों की संख्या: 1821
निर्वाचन क्षेत्र
लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र: 2
गोंडा जिला दो लोक सभा निर्वाचन क्षेत्रों का हिस्सा है-गोंडा और कैसरगंज.
विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र: 7
जिले के अंतर्गत कुल 7 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र आते हैं: मेहनौन, गोंडा, कटरा बाजार, करनैलगंज, तरबगंज, मनकापुर और गौरा.
2011 के आधिकारिक जनगणना के अनुसार, इस जिले की जनसांख्यिकी इस प्रकार है-
कुल जनसंख्या: 34.34 लाख
पुरुष: 17.87 लाख
महिला: 16.46 लाख
जनसंख्या वृद्धि (दशकीय): 24.17%
जनसंख्या घनत्व (प्रति वर्ग किलोमीटर): 858
उत्तर प्रदेश की जनसंख्या में अनुपात: 1.72%
लिंगानुपात (महिलाएं प्रति 1000 पुरुष): 921
औसत साक्षरता: 58.71%
पुरुष साक्षरता: 69.41%
महिला साक्षरता: 47.09%
शहरी और ग्रामीण जनसंख्या
शहरी जनसंख्या: 6.55%
ग्रामीण जनसंख्या: 93.45%
2011 के आधिकारिक जनगणना के अनुसार, यह एक हिंदू बहुसंख्यक जिला है. जिले में हिंदुओं की जनसंख्या 79.77% है, जबकि मुस्लिमों की आबादी 19.76% है. अन्य धर्मों की बात करें तो जिले में ईसाई 0.14%, सिख 0.06%, बौद्ध 0.02% और जैन 0.01% हैं.
भाषाएं
जिले में बोली जाने वाली प्रमुख भाषाएं हैं: हिंदी, अवधी और उर्दू.
इस जिले में पौराणिक, धार्मिक, पुरातात्विक और ऐतिहासिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण कई दर्शनीय स्थल हैं. जिले में स्थित प्रमुख दर्शनीय स्थलों के बारे में संक्षिप्त विवरण:
भगवान शिव को समर्पित यह प्राचीन मंदिर जिला मुख्यालय के पश्चिम में 35 किलोमीटर की दूरी पर, इटियाथोक ब्लॉक में स्थित है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस मंदिर का संबंध द्वापर काल से है और इसकी स्थापना अज्ञातवास के दौरान पांडवों (भीम) ने किया था.
यह प्रसिद्ध मंदिर मनकापुर रेलवे स्टेशन से 15 किलोमीटर की दूरी पर छपिया में स्थित है.
यह प्रसिद्ध शक्तिपीठ जिला मुख्यालय से लगभग 35 किलोमीटर की दूरी पर तरबगंज तहसील के मुकंदपुर में स्थित है.
हवाई मार्ग
गोंडा जिले का अपना हवाई अड्डा नहीं है. यहां के लिए डायरेक्ट हवाई सेवा उपलब्ध नहीं है.
निकटतम हवाई अड्डा: चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट, लखनऊ (Code: LKO). यह हवाई अड्डा गोंडा से लगभग 132 किलोमीटर की दूरी पर लखनऊ में स्थित है.दूसरा नज़दीकी हवाई अड्डा: महायोगी गोरखनाथ एयरपोर्ट, (Code: GOP)
यह हवाई अड्डा गोंडा से लगभग 178 किलोमीटर की दूरी पर गोरखपुर में स्थित है.
गोंडा रेल मार्ग से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ तथा देश के विभिन्न भागों से अच्छे से जुड़ा हुआ है.निकटतम रेलवे स्टेशन: गोंडा जंक्शन रेलवे स्टेशन (Code: GD).
गोंडा सड़क मार्ग से उत्तर प्रदेश और देश के प्रमुख शहरों से अच्छे से जुड़ा हुआ है. यहां के लिए नियमित बस सेवाएं उपलब्ध है.आप यहां अपने निजी वाहन कार या बाइक से भी आ सकते हैं.
2011 के जनगणना के अनुसार,
1. जनसंख्या की दृष्टि से उत्तर प्रदेश में 26वां स्थान है.
2. लिंगानुपात के मामले में उत्तर प्रदेश में 20वां स्थान है.
3. साक्षरता के मामले में गोंडा जिले का उत्तर प्रदेश में 64वां स्थान है.
4. सबसे ज्यादा बसे गांव वाला तहसील: गोंडा (589).
5. सबसे कम बसे गांव वाला तहसील: तरबगंज (359)
6. जिले में कुल निर्जन गांवों की संख्या: 5.
Last updated: 07/09/2020 8:15 am
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