चंदौली , भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित एक जिला है. उत्तर प्रदेश के दक्षिण-पूर्वी भाग में आने वाला यह जिला वाराणसी प्रमंडल के अंतर्गत आता है. चंदौली शहर, जिले का प्रशासनिक मुख्यालय है. चंदौली को स्वतंत्रता सेनानी और भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के जन्म स्थली होने का गौरव प्राप्त है. चंदौली जिले में मुगलसराय स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन रेलवे स्टेशन (मुगलसराय जंक्शन) एशिया की सबसे बड़ा रेलवे मार्शलिंग यार्ड है. चंदौली अपने प्राकृतिक सुंदरता, चंद्रप्रभा अभयारण्य तथा कई खूबसूरत झरनों के लिए प्रसिद्ध है. चंदौली जिले में कितने तहसील है? कितनी जनसंख्या? आईये जानते हैं चंदौली जिले की पूूरी जानकारी।
जिले का नाम इसके मुख्यालय चंदौली पर पड़ा है.
एक स्वतंत्र जिले के रूप में अस्तित्व में आने से पहले चंदौली वाराणसी जिले का हिस्सा हुआ करता था. 1997 में इसे वाराणसी जिले से अलग कर के स्वतंत्र जिला बनाया गया.
बाउंड्री (चौहद्दी)
चंदौली जिले की पूर्वी सीमा बिहार से लगती है.
उत्तर में – गाजीपुर जिला, दक्षिण में – सोनभद्र जिला, पूरब में– बिहार का कैमूर जिला, पश्चिम में – वाराणसी जिला और मिर्जापुर जिला
समुद्र तल से ऊंचाई :
चंदौली शहर समुद्र तल से लगभग 70 मीटर (230 फीट) की औसत ऊंचाई पर स्थित है.
क्षेत्रफल
इस जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल 2541 वर्ग किलोमीटर है.
प्रमुख नदियां :
ये जिला, पवित्र गंगा नदी के पूर्वी और दक्षिण दिशा में स्थित है. गंगा नदी जिले को वाराणसी और गाजीपुर से अलग करती है जबकि कर्मनाशा नदी चंदौली जिले को बिहार राज्य से अलग करती है.
जिले की प्रमुख नदियां हैं: गंगा, करमनाशा और चंद्रप्रभा
इस जिले की अर्थव्यवस्था कृषि, पशुपालन, मछली पालन, वन, खनिज, उद्योग और व्यापार पर आधारित है.
कृषि
चंदौली जिले की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर आधारित है. जिले में उगाए जाने वाले प्रमुख फसल हैं: गेंहू, धान, बाजरा, मक्का, जुआर, दलहन (अरहर, मसूर , उड़द, मूंग, चना और मटर), तिलहन (राई, तिल और सरसों), मसाले (हल्दी और मिर्च), गन्ना, आलू , टमाटर, मिर्च, बैंगन, मूली, शिमला मिर्च और अन्य सब्जियां.
जिले में उगाए जाने वाले प्रमुख फल हैं: आम, अमरूद, बेर, कटहल और केला.
पशुपालन
पशुपालन जिले के लोगों के लिए अतिरिक्त आय का जरिया है. जिले के प्रमुख पशु धन हैं: गाय, भैंस, बैल, भेड़ और बकरी.
यहां के नदियों और जलाशयों से मछली का उत्पादन होता है.
वन
इस जिले में पाए जाने वाले प्रमुख वन उत्पाद हैं: साल (साखू), सागौन (टीक वुड), शीशम, आमला और महुआ.
खनिज
ये जिला खनिज संपदा से संपन्न नहीं है. यहां पाए जाने वाले प्रमुख खनिज हैं – बालू और पत्थर.
जिले में स्थित प्रमुख उद्योग हैं- श्री हनुमान इंडस्ट्रीज, अलकनंदा सीमेंट प्राइवेट लिमिटेड, अग्रवाल अल्मुनियम इंडस्ट्री और लक्ष्मी बिजनेस प्रमोशन प्राइवेट लिमिटेड. जिले में अल्मुनियम के बर्तन, सीमेंट और लोहे के पाइप बनाने का कार्य होता है.
जिले के अर्थव्यवस्था में शिल्प उद्योग का महत्वपूर्ण योगदान है. यहां बनारसी साड़ी, जरी, जरदोजी, लकड़ी के खिलौने, दरी, कारपेट, पत्थरों को तराश कर कलाकृति बनाने का कार्य होता है.
व्यापार
यहां से कालीन, दरी, जरी जरदोजी, कढ़ाई किए गए कपड़े, लकड़ी और पत्थर के कलात्मक खिलौनों का दूसरों जिलों में तथा विदेशों में निर्यात किया जाता है.
प्रमंडल : वाराणसी
प्रशासनिक सहूलियत के लिए चंदौली जिले को 5 तहसीलों (अनुमंडल) और 9 विकासखंडो (प्रखंड/ ब्लॉक) में बांटा गया है.
तहसील (अनुमंडल):
इस जिले को कुल 5 तहसीलों में बांटा गया है: चंदौली सदर, मुगलसराय , सकलडीहा, चकिया और नौगढ़
विकासखंड (प्रखंड):
जिले को 9 विकासखंडों (प्रखंडों) में बांटा गया है: चंदौली, बरहनी, सकलडीहा, नियामताबाद, शहाबगंज, चकिया, चहनिया, धानापुर और नौगढ़.
पुलिस थानों की संख्या : 16
नगर निकायों की संख्या : 4
नगर पंचायतों की संख्या : 5
गांवों की संख्या: 1651
निर्वाचन क्षेत्र
लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र : 1, चंदौली
विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र : 5
चंदौली लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र अंतर्गत कुल 5 क्षेत्र विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र आते हैं- मुगलसराय, सकलडीहा, सैयदराजा, चकिया और अजगरा ( वाराणसी जिला).
2011 के आधिकारिक जनगणना के अनुसार चंदौली जिले की जनसांख्यिकी इस प्रकार है-
कुल जनसंख्या : 19.53 लाख
पुरुष : 10.17 लाख
महिला: 9.34 लाख
जनसंख्या वृद्धि (दशकीय): 18.83%
जनसंख्या घनत्व (प्रति वर्ग किलोमीटर): 768
उत्तर प्रदेश की जनसंख्या में अनुपात: 0.98%
लिंगानुपात (महिलाएं प्रति 1000 पुरुष) : 918
औसत साक्षरता: 71.48%
पुरुष साक्षरता : 81.72%
महिला साक्षरता: 60.35%
शहरी और ग्रामीण जनसंख्या
शहरी जनसंख्या : 12.42%
ग्रामीण जनसंख्या: 87.58%
2011 के आधिकारिक जनगणना के अनुसार, ये एक हिंदू बहुसंख्यक जिला है. जिले में हिंदुओं की जनसंख्या 88.48% है, जबकि मुस्लिमों की आबादी 11.01% है. अन्य धर्मों की बात करें तो जिले में ईसाई 0.11%, सिख 0.07%, बौद्ध 0.02%, जैन 0.01% और अन्य 0.06% हैं.
भाषाएं
चंदौली जिले में बोली जाने वाली प्रमुख भाषाएं हैं: हिंदी और भोजपुरी.
इस जिले में पौराणिक, धार्मिक पुरातात्विक और ऐतिहासिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण कई दर्शनीय स्थल हैं. जिले में स्थित प्रमुख दर्शनीय स्थलों के बारे में संक्षिप्त विवरण:
धार्मिक आस्था का केंद्र माता काली को समर्पित यह प्रसिद्ध मंदिर चकिया में स्थित है. इस मंदिर का निर्माण बनारस स्टेट के राजा तत्कालीन राजा उदित नारायण सिंह ने 16वीं सदी में (1793) करवाया था.
लगभग 9600 हेक्टेयर में फैला यह सुंदर अभयारण्य चकिया और नौगढ़ के बीच में स्थित है. यहां भारी संख्या में पर्यटक वन्य जीव, हरे-भरे भरे जंगल, प्राकृतिक सुंदरता और जलप्रपात को देखने आते हैं.यहां आप कई प्रकार के जीव-जंतुओं, जैसे- तेंदुआ, ब्लैक बक, चीतल, सांभर, नीलगाय, जंगली सूअर, खरगोश, बंदर, चिंकारा, जंगली लोमड़ी, जंगली बिल्ली हायना और विभिन्न प्रकार के पक्षियों- को देख सकते हैं.
प्रसिद्ध सूफी संत बाबा हजरत लतीफ शाह का यह मकबरा चकिया से लगभग 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है.
देश के सबसे पुराने बांधों में से एक यह डैम कर्मनाशा नदी पर बनाया गया है.
चंद्रप्रभा अभयारण्य में स्थित ये दो खूबसूरत झरने यहां के मुख्य पर्यटन आकर्षण हैं.
हवाई मार्ग
चंदौली जिले का अपना हवाई अड्डा नहीं है. यहां के लिए डायरेक्ट हवाई सेवा उपलब्ध नहीं है.
निकटतम हवाई अड्डा : लाल बहादुर शास्त्री एयरपोर्ट (Code: VNS).
यह हवाई अड्डा चंदौली से लगभग 52 किलोमीटर की दूरी पर वाराणसी के बाबतपुर में स्थित है.
दूसरा नदी की हवाई अड्डा: इलाहाबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Code:IXD).
यह हवाई अड्डा चंदौली से लगभग 170 किलोमीटर की दूरी पर इलाहाबाद के बमरौली में स्थित है.
रेल मार्ग
चंदौली रेल मार्ग से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ तथा देश के विभिन्न भागों से अच्छे से जुड़ा हुआ है.
चंदौली मझवार रेलवे स्टेशन
(Station Code : CDMR) और पंडित दीनदयाल उपाध्याय रेलवे स्टेशन/मुगलसराय जंक्शन ( Station Code: DDU/MGS).
सड़क मार्ग
चंदौली सड़क मार्ग से उत्तर प्रदेश और देश के प्रमुख शहरों से अच्छे से जुड़ा हुआ है. यहां के लिए नियमित सरकारी और प्राइवेट बस सेवाएं उपलब्ध है. आप यहां अपने निजी वाहन कार या बाइक से भी आ सकते हैं.
2011 की जनगणना के अनुसार,
1. जनसंख्या की दृष्टि से उत्तर प्रदेश में 48वां स्थान है.
2. लिंगानुपात के मामले में उत्तर प्रदेश में 21वां स्थान है.
3. साक्षरता के मामले में उत्तर प्रदेश में 23वां स्थान है.
4. सबसे ज्यादा बसे गांव वाला तहसील : चकिया (531).
5. सबसे कम बसे गांव वाला तहसील : चंदौली (438).
6. जिले में कुल निर्जन गांवों की संख्या : 204.
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