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तीन तलाक़ बिल क्या है? तीन तलाक़ कानून की पूरी जानकारी

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विपक्षी पार्टियों के विरोध के बावजूद तीन तलाक़ बिल राज्यसभा में पास हो गया। देश के लिए यह एक ऐतिहासिक क्षण था। मुस्लिम महिलाओं के लिए 2019 एक सौगात लेकर आया। इस सामाजिक बुराई को खत्म करना जरूरी था। छोटी-छोटी बातों को लेकर मुस्लिम महिलाओं को उनके पति तीन बार (तलाक -तलाक- तलाक) तलाक कह कर तलाक दे दिया करते थे। आइए जानते हैं तीन तलाक़ बिल क्या है? तीन तलाक़ कानून की पूरी जानकारी।

नरेंद्र मोदी सरकार की बड़ी सफलता

कोई पक्का कानून ना होने कारण महिलाएं चुप रह जाती थी और फिर पूरी जिंदगी उन्हें दुख में काटना पड़ता था। नरेंद्र मोदी पार्ट -2 में सरकार ने इस बिल को पास कराने में सफलता हासिल कर ली। बीजेपी सरकार ने आखिर इसे कैसे कर लिया? लोकसभा में तो बीजेपी बहुमत में थी पर राज्य सभा में वह बहुमत में नहीं थी। अमित शाह और नरेंद्र मोदी की जोड़ी ने इसे असंभव से संभव कर दिया।

तीन तलाक़ बिल क्या है?

इस बिल के पास हो जाने के बाद अब मुस्लिम पति तीन बार तलाक कह कर तलाक नहीं दे पाएंगे। अब यह अपराध की श्रेणी में गिना जाएगा। आइए जानते हैं तीन तलाक कानून के मुख्य बातें:

हो सकती है 3 साल का जेल।

मौखिक, इलेक्ट्रॉनिक, लिखित या किसी भी माध्यम से तीन तलाक कहने पर यह अवैध होगा। अगर कोई मुस्लिम पति ऐसा करता है तो महिलाएं कानून का सहारा ले सकती है। इसके लिए अधिकतम 3 साल की सजा हो सकती है। सजा के साथ-साथ जुर्माने का भी  प्रावधान रखा गया है।

बिना वारंट की हो होगी गिरफ्तारी

थाने में शिकायत के बाद गिरफ्तारी हो सकती है। इसके लिए पुलिस को कोई वारंट की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसे संज्ञेय अपराध  के दर्जे में रखा गया है। ऐसे मामलों में पुलिस को वारंट की जरूरत नहीं होती। ये गंभीर किस्म के अपराध होते हैं इसमें तुरंत कार्रवाई करनी होती है।

पुलिस नहीं दे सकेगी जमानत

गिरफ्तारी के बाद मजिस्ट्रेट के द्वारा ही जमानत मिल सकेगी। मजिस्ट्रेट पत्नी के पक्ष सुनने के बाद यह फैसला कर सकते है। मजिस्ट्रेट को सुलह करने का अधिकार है। इससे शादी बरकरार रह सकती है। सुलह के लिए महिला का रजामंदी जरूरी है।

बच्चे रहेंगे मां के सरंक्षण में

अंतिम फैसला आ जाने तक बच्चे मां के सरंक्षण में रहेंगे।

देना होगा गुजारा भत्ता

पीड़ित महिलाओं को पति से गुजारा भत्ता मिलेगा। यह गुजारा भत्ता पत्नी और बच्चों के लिए भी होगा। राशी कितनी होगी यह  मजिस्ट्रेट तय करेंगे।

ऐसा नहीं है की तीन तलाक़ बिल सिर्फ भारत में लाया गया है। दुनिया के लगभग 22 देशों में तीन तलाक बैन है।

Last updated: 02/08/2019 1:02 am

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