पूर्णिया भारत के बिहार राज्य में स्थित एक जिला है. पूर्वोत्तर बिहार में आने वाले पूर्णिया प्रमंडल का मुख्यालय भी है. पूर्णिया प्रमंडल के अंतर्गत 4 जिले आते हैं- पूर्णिया, अररिया, किशनगंज और कटिहार.ये वही धरती है जहां भगवान नरसिंह ने अवतार लिया था और भक्त प्रह्लाद को हिरण्यकश्यप से बचाया था. पूर्णिया जिले में कितने प्रखंड है? कितनी जनसंख्या है? आइए जानते हैं पूर्णिया जिले की पूरी जानकारी.
जिले के नामकरण के बारे में अलग-अलग धारणाएं हैं. यहाँ माता पुराण देवी का प्राचीन मंदिर है अधिकांश लोगों का मानना है इस जिले का नाम, माता के इसी मंदिर के नाम पर पड़ा है. एक दूसरे विचार के अनुसार लोगों का मानना है यह जगह पहले एक घना वन क्षेत्र था. जिले का नाम संस्कृत के शब्द ‘पूर्ण+अरण्य’ से लिया गया है जिसका अर्थ होता है ‘पूर्ण जंगल’.
गठनः पूर्णिया जिला भारत के सबसे पुराने जिलों में से एक है. यह जिला 1770 ई0 में ईस्ट इंडिया कंपनी के द्वारा अस्तित्व में आया.
क्षेत्रफल– पूर्णिया जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल 3229 वर्ग किलोमीटर है.
बाउंड्री (चौहद्दी)
उत्तर में-अररिया जिला.
दक्षिण में- कटिहार और भागलपुर जिला.
पूर्व में- किशनगंज जिला और पश्चिम बंगाल का पश्चिम दिनाजपुर जिला.
पश्चिम में- मधेपुरा जिला.
प्रमुख नदियां-
कोसी ,महानंदा, सुआड़ा काली और कोली.
पूर्णिया जिले की अर्थव्यवस्था कृषि, पशुपालन और कृषि पर आधारित उद्योगों पर आश्रित है.
कृषि
कृषि यहां के लोगों का मुख्य व्यवसाय है. यहां पर उगाये जाने वाले प्रमुख फसल हैं- धान, गेहूं, मक्का मसूर, सरसों, गन्ना ,आलू , तंबाकू इत्यादि. इसके अलावा यहां पर जूट, नारियल, केला ,अमरूद, नींबू ,कटहल, अनानास और अन्य फलों की भी खेती होती है.
पशुपालन-
कृषि के अलावा यहां पर पशुपालन लोगों के आय का मुख्य स्रोत है. यहां बकरी, गाय, सूअर और मुर्गी इत्यादि पाले जाते हैं.
उद्योग
जिले में चीनी मिल है और अन्य ,लघु उद्योग हैं जो पूर्णिया जिले के लोगों को रोजगार प्रदान करते हैं.
यहां पर बैल गाड़ियों के पहिए, चटाई और जूट के सामान बनाए जाते हैं.
प्रशासनिक सहूलियत के लिए पूर्णिया जिले को चार अनुमंडलों और 14 प्रखंडों में बांटा गया है.
प्रमंडल: पूर्णिया
अनुमंडल: पूर्णिया जिले को 4 अनुमंडलों में बांटा गया है- पूर्णिया सदर, धमदाहा, बैसी और बनमनखी.
प्रखंड: पूर्णिया जिले को कुल 14 प्रखंडों में बांटा गया है.
पूर्णिया सदर अनुमंडल में कुल 5 प्रखंड है: पूर्णिया ईस्ट, जलालगढ़, कस्बा, कृत्यानंद नगर और श्रीनगर.
धमदाहा अनुमंडल में कुल 4 प्रखंड हैं: धमदाहा, रुपौली, भवानीपुर और बरहरा.,
बैसी अनुमंडल में कुल 4 प्रखंड हैं: अमौर, बैसा, बैसी और डगरूआ.
बनमनखी अनुमंडल में एक प्रखंड है: बनमनखी.
नगर निगम की संख्या : 1 ,पूर्णिया
नगर पंचायतों की संख्या: 2 ,कस्बा और बनमनखी
गांव की संख्या: 1273
निर्वाचन क्षेत्र
लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र: 1, पूर्णिया
विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र: 7. अमौर, बैसी, कस्बा ,बनमनखी, रुपौली, धमदाहा और पूर्णिया.
अधिकारीक जनगणना 2011 के अनुसार:
कुल जनसंख्या : 32.65 लाख
पुरुष : 16.99 लाख
महिला: 15.65 लाख
जनसंख्या वृद्धि (दशकीय): 28.33%
जनसंख्या घनत्व (प्रति वर्ग किलोमीटर): 1011
बिहार की जनसंख्या में अनुपात : 3.14%
लिंग अनुपात (महिलाएं प्रति 1000 पुरुष): 921
औसत साक्षरता: 51.08%
पुरुष साक्षरता : 59.06%
महिला साक्षरता: 42.34%
शहरी और ग्रामीण जनसंख्या
शहरी जनसंख्या: 10.51%
ग्रामीण जनसंख्या: 89.49%
आधिकारिक जनगणना 2011 के अनुसार, पूर्णिया एक हिंदू बहुसंख्यक जिला है. पूर्णिया जिले में हिंदुओं की जनसंख्या 60.94% है, जबकि मुस्लिमों की आबादी 38.46% है. अन्य धर्मों की बात करें तो जिले में ईसाई 0.24%, सिख 0.02%, बौद्ध 0.01% और जैन 0.04% हैं.
रानी सती मंदिर
यह प्रसिद्ध मंदिर पूर्णिया जिले के कस्बा प्रखंड में स्थित है.
मां पूरण देवी मंदिर
मां पूरण देवी मंदिर पूर्णिया जिला मुख्यालय से लगभग 5 किलोमीटर की दूरी पर पूर्णिया सिटी में स्थित है. 600 साल पुराने इस मंदिर की गिनती उत्तर बिहार के सबसे पुराने मंदिरों में की जाती है. इतिहासकारों का मानना है पूर्णिया जिले का नाम इसी मंदिर के नाम पर पड़ा.इस मंदिर के पीछे एक बड़ा तालाब है. ऐसी मान्यता है निःसंतान स्त्री अगर इसमें एक बार स्नान कर लेती हैं तो उन्हें संतान की प्राप्ति हो जाती है.
पीर बाबा मजार
इंसानियत, भाईचारे और सांप्रदायिक एकता का प्रतीक पीर बाबा का यह ऐतिहासिक मजार अमौर प्रखंड में स्थित है.
नरसिंह अवतार मंदिर, बीकोथी
यह पौराणिक स्थान बनमनखी रेलवे स्टेशन से 4 किलोमीटर और पूर्णिया-सहरसा सड़क ( नेशनल हाईवे 107 ) से लगभग आधे किलोमीटर दूरी पर स्थित है. ऐसी मान्यता है भक्त प्रह्लाद को बचाने के लिए भगवान भगवान विष्णु ने यहीं पर नरसिंह अवतार लेकर हिरण्यकश्यप का संहार किया था.
माता मंदिर आदमपुर
यह प्रसिद्ध मंदिर ढाई सौ साल पुराना हैं. यहां पर आपरूपी मां दुर्गा की प्रतिमा की पूजा की जाती है.
काली मंदिर काली स्थान
यह प्रसिद्ध काली मंदिर बनमनखी प्रखंड में स्थित है. इसे सिद्धिदात्री मंदिर के नाम से भी जाना जाता है.
काझा कोठी
अंग्रेजों ने काझा कोठी का निर्माण यहां से दूर-दूर तक फैली नील की खेती देखने के लिए करवाया था.
जलालगढ़ का किला
यह किला जिला मुख्यालय से 24 किलोमीटर उत्तर में स्थित है. इस किले का निर्माण चौदहवीं शताब्दी में सैयद राजा जलालुद्दीन खान ने करवाया था .
वायु मार्ग
पूर्णिया जिले का कोई अपना हवाई अड्डा नहीं है. सबसे नजदीकी हवाई अड्डा 165 किलोमीटर की दूरी पर पश्चिम बंगाल में बागडोगरा मे स्थित है.दूसरा नजदीकी हवाई अड्डा पटना एयरपोर्ट (PAT) है जो 231 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है.
रेल मार्ग
पूर्णिया रेल मार्ग से देश के विभिन्न हिस्सों से जुड़ा हुआ है.
निकटतम रेलवे स्टेशन -पूर्णिया जंक्शन (PRNA)
सड़क मार्ग
पूर्णिया नेशनल हाईवे 31, 57, 107 और 113A से देश के विभिन्न हिस्सों से जुड़ा हुआ है. यहां बस या अपने निजी वाहन कार या बाइक से आ सकते हैं.
Last updated: 06/09/2020 4:17 am
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