प्रतापगढ़, भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित एक जिला है. उत्तर प्रदेश के दक्षिणी भाग में आने वाला यह जिला प्रयागराज (इलाहाबाद) प्रमंडल के अंतर्गत आता है. प्रतापगढ़ शहर (बेला प्रतापगढ़) जिले का प्रशासनिक मुख्यालय है. इस जिले को प्रसिद्ध कवि हरिवंश राय बच्चन के जन्मस्थान होने का गौरव प्राप्त है. यह जिला आंवले की खेती के लिए मशहूर है. इस जिलेे में कितनी तहसील है? कितनी जनसंख्या है? आईये जानते हैं प्रतापगढ़ जिले की पूरी जानकारी
जिले का नाम, प्रतापगढ़ किले पर पड़ा है, जिसका निर्माण 17वीं शताब्दी में स्थानीय राजा अजीत प्रताप सिंह ने करवाया था. सई नदी के किनारे स्थित बेला भवानी मंदिर के नाम पर इस शहर का नाम “बेला प्रतापगढ़” पड़ा.
ये उत्तर प्रदेश का एक पुराना जिला है.1858 में ये जिला एक स्वतंत्र जिले के रूप में अस्तित्व में आया.
बाउंड्री (चौहद्दी)
ये जिला कुल 7 जिलों से घिरा हुआ है.
उत्तर में-अमेठी जिला और सुल्तानपुर जिला
दक्षिण में-प्रयागराज (इलाहाबाद) जिला
पूरब में-जौनपुर जिला
पश्चिम में-रायबरेली जिला, फतेहपुर जिला और कौशाम्बी जिला.
समुद्र तल से ऊंचाई
ये जिला समुद्र तल से लगभग 137 मीटर (449.5 फीट) की औसत ऊंचाई पर स्थित है.
क्षेत्रफल
इस जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल 3717 वर्ग किलोमीटर है.
प्रमुख नदियां:
गंगा नदी, जिले की दक्षिण-पश्चिमी सीमा से बहती है. जिले के उत्तर-पूर्व में गोमती नदी 6 किलोमीटर का घेरा बनाते हुए बहती है.
जिले की प्रमुख नदियां हैं: गंगा, सई, बकुलाही, लोनी और सरकनी.
इस जिले की अर्थव्यवस्था कृषि, पशुपालन, मछली पालन, वन, खनिज, उद्योग और व्यवसाय पर आधारित है.
इस जिले की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर आधारित है. जिले में उगाए जाने वाले प्रमुख फसल हैं: गेहूं, धान, मक्का, ज्वार, बाजरा, जौ, दलहन (चना), तिलहन, आलू और सब्जियां. जिले में उगाए जाने वाले प्रमुख फल हैं: आम और आमला. प्रतापगढ़ जिला आंवले की खेती के लिए मशहूर है.
पशुपालन जिले के लोगों के लिए अतिरिक्त आय का जरिया है. जिले के प्रमुख पशु धन हैं: गाय, बैल, भैंस, सूअर, भेड़, बकरी और पोल्ट्री.
जिले के नदियों, नहरों, तालाबों, टैंको और जलाशयों से प्रचुर मात्रा में विभिन्न प्रकार के मछली का उत्पादन किया जाता है.
जिले में पाए जाने वाले प्रमुख वन उत्पाद हैं: आम, आमला, सागौन, शीशम और जामुन.
प्रतापगढ़ जिला खनिज से समृद्ध नहीं है.
प्रतापगढ़ जिले में बड़े उद्योगों का अभाव है. जिले में कृषि आधारित छोटी-मोटी औद्योगिक इकाइयां कार्यरत है. (आमला प्रोडक्ट)
जिले के प्रमुख औद्योगिक उत्पाद हैं: स्टील पाइप, बर्तन, स्टील के फर्नीचर, प्रेस बटन, साबुन, टूथ पाउडर, कैंडल इंक.
जिले से कृषि उत्पादों का निर्यात किया जाता है.यहां से बड़ी – बड़ी कंपनियों को आंवले की सप्लाई की जाती है.
प्रमंडल: प्रयागराज (इलाहाबाद)
प्रशासनिक सहूलियत के लिए प्रतापगढ़ जिले को 5 तहसीलों (अनुमंडल) और 17 विकासखंडो (प्रखंड/ ब्लॉक) में बांटा गया है.
तहसील (अनुमंडल):
इस जिले को कुल 5 तहसीलों में बांटा गया है: कुंडा, लालगंज, प्रतापगढ़, पट्टी और रानीगंज
विकासखंड (प्रखंड):
प्रतापगढ़ जिले को कुल 17 विकासखंडों (प्रखंडों) में बांटा गया है-कुंडा, कालाकांकर, रामपुर संग्रामगढ़, बाबागंज, बिहार, मान्धाता, लक्ष्मणपुर, सांगीपुर, लालगंज, संडवा चंद्रिका, प्रतापगढ़ सदर, मंगरौरा, शिवगढ़, गौरा, बाबा बेलखरनाथ धाम, पट्टी और आसपुर देवसरा.
पुलिस थानों की संख्या: 21
शहरी निकायों की संख्या: 9
ग्राम पंचायतों की संख्या: 1105
गांवों की संख्या: 2265
निर्वाचन क्षेत्र
लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र: 2,
ये जिला 2 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों का हिस्सा है:
फतेहपुर और कौशांबी (पार्ट)
विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र: 7
इस जिले के अंतर्गत कुल 7 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र आते हैं.
इनमें से 5 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र प्रतापगढ़ लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं: रानीगंज, रामपुर खास, विश्वनाथगंज, पट्टी और प्रतापगढ़.
2 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र कौशांबी लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं: बाबागंज और कुंडा
2011 के आधिकारिक जनगणना के अनुसार इस जिले की जनसांख्यिकी इस प्रकार है-
कुल जनसंख्या: 32.09 लाख
पुरुष: 16.06 लाख
महिला: 16.03 लाख
जनसंख्या वृद्धि (दशकीय): 17.50%
जनसंख्या घनत्व (प्रति वर्ग किलोमीटर): 863
उत्तर प्रदेश की जनसंख्या में अनुपात: 1.61%
लिंगानुपात (महिलाएं प्रति 1000 पुरुष): 998
औसत साक्षरता: 70.09%
पुरुष साक्षरता: 81.88%
महिला साक्षरता: 58.45%
शहरी और ग्रामीण जनसंख्या
शहरी जनसंख्या: 5.46%
ग्रामीण जनसंख्या: 94.54%
2011 के आधिकारिक जनगणना के अनुसार, ये एक हिंदू बहुसंख्यक जिला है. जिले में हिंदुओं की जनसंख्या 85.11% है, जबकि मुस्लिमों की आबादी 14.10% है. अन्य धर्मों की बात करें तो जिले में ईसाई 0.12%, सिख 0.05%, बौद्ध 0.24% और जैन 0.02% हैं.
भाषाएं
इस जिले में बोली जाने वाली प्रमुख भाषाएं हैं: हिंदी, अवधी और उर्दू.
इस जिले में पौराणिक, धार्मिक, पुरातात्विक और ऐतिहासिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण कई दर्शनीय स्थल हैं. जिले में स्थित प्रमुख दर्शनीय स्थलों के बारे में संक्षिप्त विवरण:
शनि देव को समर्पित यह प्राचीन मंदिर प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर है. ये विश्वनाथगंज बाजार से लगभग 2 किलोमीटर की दूरी पर, कुश्फरा के जंगल में स्थित है. मंदिर में स्थापित शनि देव की प्रतिमा के बारे में मान्यता है कि यह प्रतिमा स्वयंभू है. कहा जाता है कि यह प्रतिमा कुश्फरा के जंगल में एक ऊंचे टीले के नीचे गड़ा पाया गया था. ऐसी मान्यता है कि यहां शनि देव की पूजा करने से शनि दोष का प्रभाव कम होता है और परेशानियां दूर होती है.
माता बेल्हा देवी (देवी शक्ति का एक रूप) को समर्पित यह प्रसिद्ध मंदिर प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन से लगभग 2 किलोमीटर की दूरी पर, सई नदी के तट पर स्थित है.
भगवान कृष्ण और राधा को समर्पित यह प्रसिद्ध मंदिर कुंडा तहसील मुख्यालय से लगभग 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है.
भगवान शिव को समर्पित यह प्रसिद्ध मंदिर प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर है.ये लालगंज के कुम्भापुर में स्थित है. सई नदी के किनारे स्थित इस मंदिर का पौराणिक महत्व है.
भगवान शिव को समर्पित यह प्राचीन मंदिर प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन से लगभग 32 किलोमीटर की दूरी पर, कटरा गुलाब सिंह गांव में, बकुलाही नदी के तट पर स्थित है.
भगवान शिव को समर्पित यह मंदिर प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर सई नदी के तट पर स्थित है.
इस मंदिर का पौराणिक महत्व है. यह प्रसिद्ध मंदिर जिला मुख्यालय से लगभग 25 किलोमीटर की दूरी पर उत्तर-पश्चिम दिशा में, प्रतापगढ़-अठेहा मुख्य मार्ग पर स्थित है.
हवाई मार्ग
प्रतापगढ़ जिले का अपना हवाई अड्डा नहीं है. यहां के लिए डायरेक्ट हवाई सेवा उपलब्ध नहीं है.
निकटतम हवाई अड्डा: इलाहाबाद एयरपोर्ट (Code: IXD)
यह हवाई अड्डा प्रतापगढ़ शहर से लगभग 70 किलोमीटर की दूरी पर इलाहाबाद के बमरौली में स्थित है. दूसरा नजदीकी हवाई अड्डा: वाराणसी एयरपोर्ट (Code: VNS) यह हवाई अड्डा प्रतापगढ़ शहर से लगभग 120 किलोमीटर की दूरी पर वाराणसी के बाबतपुर में स्थित है.
रेल मार्ग
ये जिला रेल मार्ग से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ तथा देश के विभिन्न भागों से अच्छे से जुड़ा हुआ है.
निकटतम रेलवे स्टेशन: प्रतापगढ़ जंक्शन रेलवे स्टेशन (Code: PBH), अंतू रेलवे स्टेशन (Code: ANTU), बिशनाथगंज रेलवे स्टेशन (BTJ) और तालाखजुरी रेलवे स्टेशन (Code: TLKH)
सड़क मार्ग
ये जिला सड़क मार्ग से उत्तर प्रदेश और देश के प्रमुख शहरों से अच्छे से जुड़ा हुआ है. यहां के लिए नियमित बस सेवाएं उपलब्ध है. आप यहां अपने निजी वाहन – कार या बाइक से भी आ सकते हैं. नेशनल हाईवे-96 और नेशनल हाईवे-236 प्रतापगढ़ जिले से होकर गुजरती है.
2011 के जनगणना के अनुसार,
1. जनसंख्या की दृष्टि से उत्तर प्रदेश में 30वां स्थान है.
2. लिंगानुपात के मामले में उत्तर प्रदेश में चौथा स्थान है.
3. साक्षरता के मामले में उत्तर प्रदेश में 31वां स्थान है.
4. सबसे ज्यादा बसे गांव वाला तहसील: पट्टी (549).
5. सबसे कम बसे गांव वाला तहसील: रानीगंज (302)
6. जिले में कुल निर्जन गांवों की संख्या: 34.
Last updated: 25/09/2019 1:53 pm
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