महाराजगंज भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित एक जिला है. राज्य के उत्तर-पूर्वी छोर पर स्थित यह जिला नेपाल सीमा पर स्थित है. गोरखपुर प्रमंडल के अंतर्गत आने वाले इस जिले का प्रशासनिक मुख्यालय महाराजगंज शहर है.महाराजगंज जिले में कितने तहसील है? कितनी जनसंख्या है? आईये जानते हैं महाराजगंज जिले की पूरीजानकारी.
एक स्वतंत्र जिला के रूप में अस्तित्व में आने से पहले ये जिला गोरखपुर जिला का हिस्सा हुआ करता था. 2 अक्टूबर 1989 को इसे गोरखपुर से अलग करके एक स्वतंत्र जिला बनाया गया.
बाउंड्री (चौहद्दी)
ये जिला नेपाल सीमा पर स्थित है.
उत्तर में – नेपाल
दक्षिण में – गोरखपुर जिला
पूरब में- कुशीनगर जिला और बिहार का पश्चिम चंपारण जिला
पश्चिम में – सिद्धार्थ नगर जिला और संत कबीर नगर जिला
समुद्र तल से ऊंचाई :
महाराजगंज समुद्र तल से लगभग 67 मीटर की औसत ऊंचाई पर स्थित है.
क्षेत्रफल
महाराजगंज जिला का भौगोलिक क्षेत्रफल 2952 वर्ग किलोमीटर है.
प्रमुख नदियां : नारायणी (बड़ी गंडक), छोटी गंडक, राप्ती, चंदन, घोंघी, पोह, प्यास और महुआ.
इस जिले की अर्थव्यवस्था कृषि, पशुपालन, वन और उद्योग पर आधारित है.
कृषि
जिले की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर आधारित है. जिले में उगाए जाने वाले प्रमुख फसल हैं:गेंहू, धान, गन्ना, आलू, तिलहन और सब्जियां.
जिले में उगाए जाने वाले प्रमुख फल हैं : आम, अमरूद और केला
पशुपालन
पशुपालन जिले के लोगों के लिए अतिरिक्त आय का जरिया है. जिले के प्रमुख पशु धन हैं: गाय, भैंस, बैल, बकरी और सूअर.
वन
महाराजगंज जिला में पाए जाने वाले प्रमुख वन उत्पाद हैं: साल, महुआ, तेंदू, जामुन, शीशम, सेमल, इमली, नीम और अमलतास.
उद्योग
उद्योगों की बात करें तो जिले में कई कृषि आधारित छोटे मोटे उद्योग हैं, जैसे- फूड प्रोसेसिंग उद्योग, डेयरी, पोल्ट्री फार्म और मत्स्य पालन, इत्यादि.
प्रमंडल: गोरखपुर
प्रशासनिक सहूलियत के लिए इस जिले को 4 तहसीलों (अनुमंडल) और 12 विकासखंडो (प्रखंड/ ब्लॉक) में बांटा गया है.
तहसील (अनुमंडल):
जिले को कुल 4 तहसीलों में बांटा गया है:
महाराजगंज सदर, फरेंदा, निचलौल और नौतनवा.
विकासखंड (प्रखंड):
महाराजगंज सदर तहसील के अंतर्गत कुल 4 विकासखंड आते हैं : महाराजगंज, घुघली, पनियरा और परतावल.
फरेंदा तहसील के अंतर्गत कुल तीन विकासखंड आते हैं: बृजमनगंज, धानी और फरेंदा.
निचलौल तहसील के अंतर्गत कुल 3 विकासखंड आते हैं: निचलौल, मिठौरा और सिसवा.
नौतनवा तहसील के अंतर्गत कुल दो विकासखंड आते हैं : नौतनवा और लक्ष्मीपुर.
पुलिस थानों की संख्या : 18
नगर पालिका की संख्या : 2, महाराजगंज और नौतनवा.
नगर पंचायतों की संख्या : 7
गांवों की संख्या: 1262
निर्वाचन क्षेत्र
लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र : 1, महाराजगंज
विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र : 5
इस जिले के अंतर्गत कुल पांच विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र आते हैं: महाराजगंज सदर, सिसवा बाजार, आनंद नगर, नौतनवा और पनियारा.
2011 के आधिकारिक जनगणना के अनुसार इस जिले की जनसांख्यिकी इस प्रकार है-
कुल जनसंख्या : 26.85 लाख
पुरुष : 13.81 लाख
महिला: 13.02 लाख
जनसंख्या वृद्धि (दशकीय): 23.50%
जनसंख्या घनत्व (प्रति वर्ग किलोमीटर): 909
उत्तर प्रदेश की जनसंख्या में अनुपात: 1.34%
लिंगानुपात (महिलाएं प्रति 1000 पुरुष) : 943
औसत साक्षरता: 62.76%
पुरुष साक्षरता : 75.85%
महिला साक्षरता: 48.92%
शहरी और ग्रामीण जनसंख्या
शहरी जनसंख्या : 5.02%
ग्रामीण जनसंख्या: 94.98%
2011 के आधिकारिक जनगणना के अनुसार, ये एक हिंदू बहुसंख्यक जिला है. जिले में हिंदुओं की जनसंख्या 81.83% है, जबकि मुस्लिमों की आबादी 17.08% है. अन्य धर्मों की बात करें तो जिले में ईसाई 0.13%, सिख 0.05%, बौद्ध 0.60%, और जैन 0.01% हैं.
भाषाएं
इस जिले में बोली जाने वाली प्रमुख भाषाएं हैं: हिंदी और भोजपुरी.
जिले में पुरातात्विक और धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण कई दर्शनीय स्थान हैं. जिले में स्थित महत्वपूर्ण दर्शनीय स्थलों के बारे में संक्षिप्त विवरण-
मिनी बाबा धाम के नाम से प्रसिद्ध भगवान शिव को समर्पित यह प्राचीन मंदिर निचलौल तहसील में स्थित है.
देवी दुर्गा को समर्पित यह शक्तिपीठ फरेंदा तहसील मुख्यालय से लगभग 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. ऐसा कहा जाता है कि माता के इस मंदिर का संबंध महाभारत काल से है. ऐसी मान्यता है कि अज्ञातवास के दौरान पांडवों ने यह यह समय बिताया था और इस मंदिर को अर्जुन स्थापित किया था.
यह प्राचीन उभय शिवलिंग जिला मुख्यालय के पश्चिम दिशा में लगभग 12 किलोमीटर की दूरी पर, कटहरा गांव के नजदीक, दो समांतर टीलों पर स्थित है.
भगवान विष्णु को समर्पित यह मंदिर जिला मुख्यालय के दक्षिण में स्थित है. इस मंदिर की खास बात यह है कि मंदिर में स्थापित भगवान विष्णु की मूर्ति अति प्राचीन है.
भगवान जगन्नाथ को समर्पित लगभग 230 वर्ष पुराना यह प्राचीन मंदिर इस जिले के सिसवा विकासखंड में स्थित है.
महाराजगंज और कुशीनगर के बीच स्थित यह अभयारण्य एक लोकप्रिय पर्यटन आकर्षण है.यहां आप तेंदुआ, चीतल, सांभर, काकड़, नीलगाय, बंदर, लंगूर, मोर, जंगली बिल्ली, लोमड़ी, खरगोश डॉल्फिन, भेड़िया, नेवला, मगरमच्छ, इत्यादि को देख सकते हो.
हवाई मार्ग
इस जिले का अपना हवाई अड्डा नहीं है.यहां के लिए डायरेक्ट हवाई सेवा उपलब्ध नहीं है.
निकटतम हवाई अड्डा : महायोगी गोरखनाथ एयरपोर्ट, गोरखपुर (Code: GOP).
यह हवाई अड्डा महाराजगंज से लगभग 56 किलोमीटर की दूरी पर गोरखपुर में स्थित है.
रेल मार्ग
महाराजगंज पूर्वोत्तर रेलवे के माध्यम से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ तथा देश के विभिन्न भागों से अच्छे से जुड़ा हुआ है.
सड़क मार्ग
ये जिला , सड़क मार्ग से उत्तर प्रदेश और देश के प्रमुख शहरों से अच्छे से जुड़ा हुआ है. यहां के लिए नियमित बस सेवाएं उपलब्ध है. आप यहां अपने निजी वाहन कार या बाइक से भी आ सकते हैं.
1. जनसंख्या की दृष्टि से उत्तर प्रदेश में 34वां स्थान है.
2. लिंगानुपात के मामले में उत्तर प्रदेश में 17वां स्थान है.
3. साक्षरता के मामले में उत्तर प्रदेश में 55वां स्थान है.
4. सबसे ज्यादा बसे गांव वाला तहसील : महाराजगंज (442).
5. सबसे कम बसे गांव वाला तहसील : फरेंदा (225).
6. जिले में बिना आबादी वाले गांव की संख्या : 50.
Last updated: 07/09/2020 7:16 am
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