1.केशव प्रसाद मौर्य की सबसे खास बात यह है कि वे RSS और विश्व हिन्दू परिषद के लंबे समय तक प्रचारक रहे हैं, इसी वजह से उनकी हिन्दूवादी छवि बनी है।
2.मौर्य एक अच्छे नेता के साथ-साथ एक अच्छे वक्ता भी हैं,जनता से बहुत जल्द जुड़ जाते हैं,इसी वजह से भाजपा ने यूपी विधानसभा चुनाव 2017 जीतने के लिए प्रदेश अध्यक्ष बनाकर,यूपी के जनता के बीच भेजा, मौर्य ने खूब मेहनत किया और जबरदस्त जीत हासिल की। केशव प्रसाद मौर्य की सबसे खास बात यह है कि केशव को हर वर्ग, हर समाज के लोगों पर अच्छी पकड़ है।
3.वे रामजन्म भूमी आंदोलन से भी जुड़े हुए नेता हैं। मौर्य कई बार गौ आंदोलन मे जेल जा चुके हैं। इस तरह वे एक हिन्दूवादी नेता के तौर पर खुद को स्थापित किए हैं। मौर्य हिन्दू धर्म के क्षत्रिय कुशवाहा जाति के हैं। कहा जाता है कि कुशवाहा समाज के लोग खुद को श्री राम के बड़े पुत्र कुश के वंशज मानते हैं। बता दें कि राजस्थान के कछवाहा राजवंश के लोग इसी जाति के थे,कछवाहा का ही आधुनिक नाम कुशवाहा है।
4.केशव प्रसाद मौर्य की सबसे खास बात यह है कि वे विश्व हिन्दू परिषद से मात्र 12-13 वर्ष की उम्र मे जुड़े थे।केशव मौर्य का परिवार उस समय काफी गरीब था,फिर केशव जी का उम्र बढता गया और RSS-VHP जैसे संगठन के माध्यम से स्तर दर स्तर वे समाज और लोगों के बीच पकड़ बनाते गये, इसी वजह से आज केशव प्रसाद मौर्य को लोग इतना पसंद करते हैं।
5.केशव प्रसाद मौर्य को मुख्यमंत्री नही बनाए जाने के कारण,काफी लोगों मे नाराजगी देखने को मिली है। नाराज लोगों का कहना है कि वो भाजपा को वोट उस समय के प्रदेश अध्यक्ष केशव मौर्य के नाम पर दिए थे, लिहाजा मुख्यमंत्री उन्हे बनाया जाना चाहिए था। जनता की नाराजगी अपनी जगह सही ही होगी, मगर यह बात भी सही है,उनकी उम्र अभी ज्यादा नही हुआ है, हो सकता है आज उपमुख्यमंत्री बनाए गये हों, कल कुछ और बन जाएं।
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ भी एक हिन्दूवादी नेता हैं और केशव भी हिन्दूवादी नेता हैं,फिर भी केशव के समर्थक और प्रशंसको ने केशव के लिए यह गाना तक बना डाला है-यूपी का C.M दिलेर चाहिए, केशव मौर्य जैसा शेर चाहिए।
Last updated: 18/08/2020 3:14 am
This website uses cookies.
Read More