रायबरेली भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित एक जिला है. उत्तर प्रदेश राज्य के मध्य भाग में स्थित यह जिला लखनऊ प्रमंडल के अंतर्गत आता है. रायबरेली शहर जिले का प्रशासनिक मुख्यालय है. यह जिला अपने गौरवशाली ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, इंदिरा गांधी तथा सोनिया गांधी के पारंपरिक निर्वाचन क्षेत्र होने के कारण और समसपुर पक्षी अभयारण्य के लिए प्रसिद्ध है. जिले में कितने तहसील है? कितनी जनसंख्या है? आईये जानते हैं रायबरेली जिले की पूूरी जानकारी.
इस शहर की स्थापना भर शासकों ने किया था. जिसके कारण यह शहर भरौली या बरौली के नाम से जाना जाता था. कालांतर में अपभ्रंश के कारण इसे “बरेली” के नाम से जाना जाने लगा. समय के साथ इसके नाम में और बदलाव आए और इसे “रायबरेली” के नाम से जाना जाने लगा. उपसर्ग “राय” कायस्थ और मनिहारों का सरनेम है, जिनका काफी समय तक इस शहर पर शासन रहा.
गठन
इस जिले का गठन 1858 ईस्वी में ब्रिटिश सरकार के द्वारा किया गया था.
बाउंड्री (चौहद्दी)
रायबरेली 7 जिलों से घिरा हुआ है.
उत्तर में-लखनऊ जिला और बाराबंकी जिला
दक्षिण में-प्रतापगढ़ जिला, कौशांबी जिला और फतेहपुर जिला
पूरब में-अमेठी जिला
पश्चिम में-उन्नाव जिला और फतेहपुर जिला
समुद्र तल से ऊंचाई
सामान्य रूप से जिले का ढलान उत्तर-पश्चिम से दक्षिण-पूर्व की ओर है. यह जिला समुद्र तल से 285-395 फीट की औसत ऊंचाई पर स्थित है.
क्षेत्रफल
इस जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल 4609 वर्ग किलोमीटर है.
प्रमुख नदियां:
गंगा नदी जिले के दक्षिणी सीमा का निर्माण करती है और इसे फतेहपुर जिले से अलग करती है. जिले की प्रमुख नदियां है: गंगा, सई और लोनी.
रायबरेली जिले की अर्थव्यवस्था कृषि, पशुपालन, मछली पालन, वन, खनिज, उद्योग और व्यवसाय पर आधारित है.
इस जिले की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर आधारित है. जिले में उगाए जाने वाले प्रमुख फसल हैं: धान, गेहूं, मक्का, ज्वार, बाजरा, बार्ली, दलहन (मसूर, चना, मूंग, उरद, अरहर और मटर), तिलहन (मूंगफली, सरसों और तिल), गन्ना, तंबाकू, आलू, लहसुन, प्याज और सब्जियां. जिले में उगाए जाने वाले प्रमुख फल हैं: आम, अमरूद, नींबू, पपीता और केला.
ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन जिले के लोगों के लिए आय का एक महत्वपूर्ण जरिया है. जिले के प्रमुख पशु धन हैं: गाय, बैल, भैंस, सूअर, भेड़, बकरी और पोल्ट्री.
जिले के नदियों, नहरों, तालाबों, टैंको और जलाशयों से विभिन्न प्रकार के मछली का उत्पादन किया जाता है.
जिले में पाए जाने वाले प्रमुख वन संपदा हैं: ढाक, खैर, बबूल, महुआ, आम, जामुन, यूकेलिप्टस, नीम और अर्जुन.
यह जिला खनिज से समृद्ध नहीं है. जिले में पाए जाने वाले प्रमुख खनिज हैं: कंकर, रेह और बालू.
जिले में स्थित प्रमुख उद्योग हैं: NTPC (ऊंचाहार), रेल कोच फैक्ट्री (लालगंज) और इंडियन टेलीफोन इंडस्ट्रीज. जिले में भारी संख्या में लघु औद्योगिक इकाइयां कार्यरत हैं जिसमें लोहा और इस्पात के सामान, लकड़ी के सामान, इलेक्ट्रिकल गुड्स, प्लास्टिक के सामान, जूते, होजरी, तेल और साबुन बनाने का कार्य, बीड़ी, आयुर्वेदिक दवाइयां, चटाई, टोकरी और मिट्टी के बनने के बर्तन बनाने का कार्य किया जाता है.
जिले से निर्यात किए जाने वाले प्रमुख पदार्थ हैं: कृषि उत्पाद, अनाज, चीनी, खाद्यान्न, तंबाकू, टेलीफोन उपकरण, और तेल. जिले में आयात किए जाने वाले प्रमुख पदार्थ हैं: केरोसिन, गैस, नमक, कोयला और दवाई.
प्रमंडल: लखनऊ
प्रशासनिक सहूलियत के लिए इस जिले को 6 तहसीलों (अनुमंडल) और 18 विकासखंडो (प्रखंड/ ब्लॉक) में बांटा गया है.
तहसील (अनुमंडल):
इस जिले को कुल 6 तहसीलों में बांटा गया है:
महाराजगंज, रायबरेली, लालगंज, डलमऊ, सलोन और
ऊंचाहार.
विकासखंड (प्रखंड):
जिले को कुल 18 विकासखंडों (प्रखंडों) में बांटा गया है-शिवगढ़, बछरावां, महाराजगंज, अमावा, हरचंदपुर, सतांव, खीरों, सरेनी, लालगंज, डलमऊ, राही, छतोह, डीह, दीनशाह गौरा, जगतपुर, सलोन, रोहनिया और ऊंचाहार.
पुलिस थानों की संख्या: 19
नगर निकायों की संख्या: 9
न्याय पंचायतों की संख्या: 155
ग्राम पंचायतों की संख्या: 989
गांवों की संख्या: 1574
निर्वाचन क्षेत्र
लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र: 1, रायबरेली
विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र: 6
रायबरेली जिले के अंतर्गत कुल 6 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र आते हैं: बछरावां, हरचंदपुर, रायबरेली, सरेनी, ऊंचाहार और सलोन.
2011 के आधिकारिक जनगणना के अनुसार, इस जिले की जनसांख्यिकी इस प्रकार है-
कुल जनसंख्या: 34.06 लाख
पुरुष: 17.52 लाख
महिला: 16.53 लाख
जनसंख्या वृद्धि (दशकीय): 18.56%
जनसंख्या घनत्व (प्रति वर्ग किलोमीटर): 739
उत्तर प्रदेश की जनसंख्या में अनुपात: 1.70%
लिंगानुपात (महिलाएं प्रति 1000 पुरुष): 943
औसत साक्षरता: 67.25%
पुरुष साक्षरता: 77.63%
महिला साक्षरता: 56.29%
शहरी और ग्रामीण जनसंख्या
शहरी जनसंख्या: 9.04%
ग्रामीण जनसंख्या: 90.96%
2011 के आधिकारिक जनगणना के अनुसार, यह एक हिंदू बहुसंख्यक जिला है. जिले में हिंदुओं की जनसंख्या 87.39% है, जबकि मुस्लिमों की आबादी 12.13% है. अन्य धर्मों की बात करें तो जिले में ईसाई 0.11%, सिख 0.07%, बौद्ध 0.02%, जैन 0.01% और अन्य 0.02% हैं.
भाषाएं
जिले में बोली जाने वाली प्रमुख भाषाएं हैं: हिंदी, अवधि और उर्दू.
इस जिले में पौराणिक, धार्मिक, पुरातात्विक और ऐतिहासिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण कई दर्शनीय स्थल हैं. जिले में स्थित प्रमुख दर्शनीय स्थलों के बारे में संक्षिप्त विवरण:
दूसरा जलियांवाला बाग नाम से प्रसिद्ध यह ऐतिहासिक स्थल जिले के मुंशीगंज में स्थित है.
गंगा नदी के तट पर स्थित यह ऐतिहासिक स्थल रायबरेली रेलवे स्टेशन से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है.
यहां के प्रमुख आकर्षण हैं-राजा डल का किला, महेश गिरी मठ, निराला स्मारक संस्थान और नवाब पैलेस.
लगभग 57 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला यह सुंदर बोटैनिकल गार्डन रायबरेली रेलवे स्टेशन से 14 किलोमीटर की दूरी पर सई नदी के किनारे स्थित है.
लगभग 800 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला यह खूबसूरत पक्षी अभयारण्य रायबरेली रेलवे स्टेशन से लगभग 44 किलोमीटर की दूरी पर रोहनिया विकासखंड में स्थित है.
रायबरेली रेलवे स्टेशन से लगभग 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह पुल जिले के बाहरी इलाके में स्थित है. यहां शारदा नहर और सई नदी एक दूसरे को क्रॉस करती है.
हवाई मार्ग
इस जिले का अपना हवाई अड्डा नहीं है. यहां के लिए डायरेक्ट हवाई सेवा उपलब्ध नहीं है. निकटतम हवाई अड्डा: चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट, लखनऊ (Code: LKO). यह हवाई अड्डा रायबरेली से लगभग 80 किलोमीटर की दूरी पर लखनऊ में स्थित है.
रेल मार्ग
यह जिला रेल मार्ग से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ तथा देश के विभिन्न हिस्सों से अच्छे से जुड़ा हुआ है. निकटतम रेलवे स्टेशन: रायबरेली जंक्शन रेलवे स्टेशन (Code: RBL).
सड़क मार्ग
रायबरेली सड़क मार्ग से उत्तर प्रदेश और देश के प्रमुख शहरों से अच्छे से जुड़ा हुआ है. यहां के लिए नियमित बस सेवाएं उपलब्ध है. आप यहां अपने निजी वाहन कार या बाइक से भी आ सकते हैं.
2011 के जनगणना के अनुसार,
1. जनसंख्या की दृष्टि से उत्तर प्रदेश में 27वां स्थान है.
2. लिंगानुपात के मामले में उत्तर प्रदेश में 16वां स्थान है.
3. साक्षरता के मामले में उत्तर प्रदेश में 43वां स्थान है.
4. सबसे ज्यादा बसे गांव वाला तहसील: रायबरेली (340).
5. सबसे कम बसे गांव वाला तहसील: डलमऊ (193)
6. जिले में कुल निर्जन गांवों की संख्या: 40.
Last updated: 25/09/2019 1:43 pm
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