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सारण जिला में लगता है ऐतिहासिक सोनपुर मेला.सारण जिले की पूरी जानकारी

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सारण भारत के बिहार राज्य में स्थित एक जिला है. उत्तरी बिहार में आने वाला यह जिला सारण प्रमंडल का हिस्सा है,जिसका मुख्यालय छपरा है.ये वो जगह है जहां विश्व प्रसिद्ध सोनपुर  मेला लगता है. यह मेला एक पखवाड़े से अधिक समय तक चलता है.सारण जिला का मुख्यालय छपरा काफी प्रसिद्ध है और इसे अक्सर छपरा जिला के नाम से जाना जाता है. सारण प्रमंडल के अंतर्गत 3 जिले आते हैं: सारण, सिवान और गोपालगंज.

सारण जिला का इतिहास

नामकरण
सारण जिले के नाम की उत्पत्ति के बारे में विभिन्न परिकल्पना है.
कहा जाता है कि प्राचीन काल में सारण की भूमि पर घने जंगलों का विस्तार था और इसमें विचरने वाले हिरणों के कारण यह बहुत प्रसिद्ध था. सरंगा (हिरण) + अरण्य ( जंगल) को मिलाकर इसे सारंग अरण्य कहा गया जो कालांतर में सारण हो गया. ब्रिटिश विद्वान जर्नल कनिंघम  केेे अनुसार  सारण को  शरण के नाम से जाना जाता था. ये सम्राट अशोक द्वारा निर्मित स्तूप के नाम पर दिया गया था.

गठन
1829 में पटना कमिश्नर डिवीजन स्थापित की गयी थी , जिसमे सारण को शामिल किया गया था. 1866 में इसे चंपारण से अलग करके  जिला बनाया गया था. 1908 में तिरहुत डिवीजन की स्थापना के बाद सारण को तिरहुत डिवीजन का हिस्सा बनाया गया. इस समय तक इस जिले में तीन उपखंड थे-सारण, सीवान और गोपालगंज. 1972 में पुराने सारण जिले के प्रत्येक उपखंड को  स्वतंत्र जिला बनाया गया.

सारण जिले की भौगोलिक स्थिति

क्षेत्रफल
सारण जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल 2641 वर्ग किलोमीटर है.

बाउंड्री चौहद्दी
सारण जिला गंगा, गंडक और घाघरा नदियों से घिरा एक त्रिकोणीय भूभाग है.
उत्तर में- सिवान और गोपालगंज जिला
दक्षिण में- गंगा और घाघरा नदियों के पार पटना और भोजपुर जिला
पूर्व मेंमुजफ्फरपुर और वैशाली जिला
पश्चिम में- सिवान और उत्तर प्रदेश का बलिया जिला

प्रमुख नदियां
गंगा ,घाघरा और गंडक.

अर्थव्यवस्था – कृषि और उत्पाद

सारण जिले की अर्थव्यवस्था कृषि पर निर्भर है. जिले की मिट्टी समतल और उपजाऊ है. यहां पर गेहूं और धान की खेती सबसे ज्यादा होती है. जिले में उगाए जाने वाले प्रमुख फसलें हैं: गेहूं, धान, मक्का , आलू, गन्ना , दलहन और तिलहन.जिले में आम, इमली और सीसम के पेड़ों को भी लगाया जाता है.

प्रशासनिक सेटअप

सारण जिले के वर्तमान डीएम कौन है?

प्रमंडल : सारण
अनुमंडल : सारण जिले को 3 अनुमंडल में बांटा गया है- छपरा सदर, सोनपुर और मढौरा.

प्रखंड : सारण जिले को 20 प्रखंडों में बांटा गया है- छपरा, मांझी, दिघवारा, रिविलगंज, परसा, बनियापुर, अमनौर, तरैया, सोनपुर, गडखा, एकमा, दरियापुर, जलालपुर, मढौरा, मशरक, मकेर, नगरा, पानापुर, इसुआपुर और लहलादपुर.

नगर परिषद : 1
नगर पंचायत : 6
ग्राम पंचायतों की संख्या : 323
गांवों की संख्या : 1807

सारण जिले की डेमोग्राफी (जनसांख्यिकी)

अधिकारीक जनगणना 2011 के अनुसार,
कुल जनसंख्या : 39.52 लाख
पुरुष : 20.22 लाख
महिला : 19.29 लाख
जनसंख्या वृद्धि (दशकीय) : 21.64%

जनसंख्या घनत्व (प्रति वर्ग किलोमीटर) : 1496
बिहार की जनसंख्या में अनुपात : 3.80%
लिंग अनुपात (महिलाएं प्रति 1000 पुरुष) : 954

औसत साक्षरता : 65.96%
पुरुष साक्षरता : 77.03%
महिला साक्षरता : 54.42%

शहरी और ग्रामीण जनसंख्या
शहरी जनसंख्या : 8.94%
ग्रामीण जनसंख्या : 91.06%

भाषाएं : हिंदी और भोजपुरी

धर्म

आधिकारिक जनगणना 2011 के अनुसार सारण एक हिंदू बहुसंख्यक जिला है.सारण जिले में 89.05% हिंदू है. जिले में मुस्लिमों की जनसंख्या 10.28 % है. अन्य धर्मों की बात करें तो जिले में ईसाई 0.06%, सिख 0.01%, बौद्ध 0.01% और जैन 0.01% है.

सारण जिला के पर्यटन स्थल

चिरांद
चिरांद छपरा से 11 किलोमीटर दूर, दक्षिण पूर्व में, डोरीगंज बाजार के समीप, घाघरा नदी के उत्तरी तट पर स्थित एक महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थल है.यहां पर खुदाई के दौरान पाषाण युग के लगभग 4000 साल पुरानी विकसित संस्कृति का पता चला था.

गौतम आश्रम
गौतम ऋषि का आश्रम छपरा से लगभग 5 किलोमीटर दूर पश्चिम में घाघरा नदी के किनारे स्थित है.

ऐसी मान्यता है कि गौतम ऋषि ने अपनी पत्नी अहिल्या को श्राप देख कर पत्थर में बदल दिया था. इसी स्थान पर भगवान राम ने अहिल्या का उद्धार किया था.

ढोढ आश्रम/दधेश्वर नाथ मंदिर
पुरातात्विक महत्व का यह स्थान परसागढ के उत्तर में स्थित है. यहां गंडक नदी के किनारे भगवान दधेश्वर नाथ मंदिर हैं जिसमे पत्थर का एक विशाल शिवलिंग स्थापित है.

सोनपुर मेला

प्रतिवर्ष कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर लगने वाला पशु मेला विश्व प्रसिद्ध है. भागवत पुराण के मान्यताओं के अनुसार हरिहर क्षेत्र के इसी स्थान पर भगवान विष्णु के परम भक्त गज और ग्राह के बीच लड़ाई हुई थी. जिसमें भगवान विष्णु ने ग्राह (घड़ियाल) को मुक्ति देखकर गज (हाथी) को जीवनदान दिया था. यह मेला एक पखवाड़े से अधिक समय तक चलता है. यहां पर भारी संख्या में देश -विदेश से पर्यटक और श्रद्धालु आते हैं.

अंबा स्थान, आमी
यह प्राचीन देवी मंदिर छपरा से 37 किलोमीटर दूर, पूर्व दिशा में और दिघवारा से 4 किलोमीटर दूर स्थित है. अंबा स्थान के पास बगीचे में एक कुआं बना हुआ है जिसका पानी कभी नहीं सूखता. नवरात्र के दौरान यहां पर दूर दूर से श्रद्धालु आते हैं.

हरिहरनाथ मंदिर
हरिहरनाथ मंदिर सोनपुर में स्थित है. बाबा हरिहर नाथ का यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है. यहां पर काली मंदिर और अन्य मंदिर भी हैं.

बाबा शिलानाथ मंदिर , शिलौढी
यह मंदिर मढौरा से लगभग 28 किलोमीटर दूर स्थित है. शिव पुराण के मान्यताओं के अनुसार इसी स्थान पर नारद का मोह भंग हुआ था . हर वर्ष यहां शिवरात्रि के अवसर पर भारी संख्या में श्रद्धालुगण बाबा शिलानाथ के मंदिर में जल अर्पण करने आते हैं.

सारण कैसे पहुंचे

हवाई मार्ग
सबसे नजदीकी हवाई अड्डा :छपरा से 70 किलोमीटर दूर जय प्रकाश नारायण हवाई अड्डा पटना में स्थित है.

रेल मार्ग
सारण रेल मार्ग से देश के अन्य हिस्सों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है.नजदीकी रेलवे स्टेशन : छपरा जंक्शन रेलवे स्टेशन ( CPR)

सड़क मार्ग
सारण जिला सड़क मार्ग से देश के विभिन्न हिस्सों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है. यहां आप चाहे तो अपने निजी वाहन कार कार्य बाइक से भी आ सकते हैं.

Last updated: 06/09/2020 8:28 am

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