सोनभद्र भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित एक जिला है. उत्तर प्रदेश के दक्षिण-पूर्वी छोर पर स्थित यह जिला मिर्जापुर (विंध्याचल) प्रमंडल के अंतर्गत आता है. रॉबर्ट्सगंज जिले का प्रशासनिक मुख्यालय है. सोनभद्र जिला, जीवाश्म पार्क, ऐतिहासिक किलों, प्राकृतिक सुंदरता और मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है. सलखान जीवाश्म पार्क में है दुनिया के सबसे पुराने जीवाश्म. ये लगभग 150 करोड़ साल पुराने हैं.आइए जानते हैं सोनभद्र कैसे पहुंचे? इसकी जनसंख्या कितनी है सोनभद्र जिले की पूरी जानकारी.
नामकरण
सोनभद्र जिला मुख्यालय का नाम ब्रिटिश मिलिट्री कमांडर फ्रेडरिक रॉबर्ट्स के नाम पर रखा गया है.
एक स्वतंत्र जिले के रूप में अस्तित्व में आने से पहले सोनभद्र मिर्जापुर जिले का हिस्सा हुआ करता था. 4 मार्च, 1989 को इसे मिर्जापुर जिले से अलग करके स्वतंत्र जिला बनाया गया.
बाउंड्री (चौहद्दी)
उत्तर में-मिर्जापुर जिला और चंदौली जिला
दक्षिण में-छत्तीसगढ़ का बलरामपुर जिला
पूरब में-बिहार का कैमूर जिला और झारखंड का गढ़वा जिला
पश्चिम में-मध्य प्रदेश का सिंगरौली जिला
“सोनभद्र भारत का इकलौता ऐसा जिला है जिसकी सीमा 4 राज्यों से लगती है: बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश”
समुद्र तल से ऊंचाई
सोनभद्र जिला समुद्र तल से लगभग 87 मीटर (285 फीट) की औसत ऊंचाई पर स्थित है.
क्षेत्रफल
सोनभद्र जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल 6905 वर्ग किलोमीटर है.
क्षेत्रफल की दृष्टि से यह जिला उत्तर प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा जिला है.
प्रमुख नदियां: सोन, कर्मनाशा, चंद्रप्रभा, रिहंद और कनहर.
सोनभद्र जिले की अर्थव्यवस्था कृषि, पशुपालन, वन, खनिज और उद्योग पर आधारित है.
कृषि
सोनभद्र जिले की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर आधारित है. जिले में उगाए जाने वाले प्रमुख फसल हैं: गेहूं, धान, मक्का, चना, जौ, बाजरा, अरहर, मूंगफली, आलू, प्याज, टमाटर, बैंगन, मिर्च, गन्ना और सब्जियां.
पशुपालन
पशुपालन जिले के लोगों के लिए अतिरिक्त आय का जरिया है. जिले के प्रमुख पशु धन हैं: गाय, भैंस, सूअर, भेड़ और बकरी.
वन
सोनभद्र जिला वन संपदा से समृद्ध है. जिले का बड़ा भूभाग वनों से आच्छादित है. जिले में पाए जाने वाले प्रमुख वन उत्पाद हैं: बरगद, पीपल, शीशम, नीम, बांस, जामुन, पलाश, महुआ आमला, सखुआ, कुलु, सेमल और तेंदू. तेंदू के पत्तों से बीड़ी बनाया जाता है.
खनिज
सोनभद्र जिला खनिज संपदा से समृद्ध है. यहां पाए जाने वाले प्रमुख खनिज हैं: चूना पत्थर, संगमरमर, लोहा, अभ्रक, कोयला, मैग्नेटाइट, डोलोमाइट, पत्थर और सैंड स्टोन (गिट्टी बोल्डर).
उद्योग
सोनभद्र जिले में कई विद्युत परियोजनाएं स्थित हैं, जिसके कारण जिले को “एनर्जी कैपिटल ऑफ इंडिया” (ऊर्जा की राजधानी) या ऊर्जांचल कहा जाता है. जिले में स्थित प्रमुख उद्योग हैं: थर्मल पावर प्लांट, सीमेंट उद्योग, एलुमिनियम उद्योग, केमिकल उद्योग और कोयला उद्योग.
प्रमंडल: मिर्जापुर (विंध्याचल)
प्रशासनिक सहूलियत के लिए सोनभद्र जिले को 3 तहसीलों (अनुमंडल) और 8 विकासखंडो (प्रखंड/ ब्लॉक) में बांटा गया है.
तहसील (अनुमंडल):
सोनभद्र जिले को कुल 3 तहसीलों में बांटा गया है:
रॉबर्ट्सगंज, घोरावल और दुद्धी.
विकासखंड (प्रखंड):
सोनभद्र जिले को कुल 8 विकासखंडों (प्रखंडों) में बांटा गया है-नगवां, चतरा, रॉबर्ट्सगंज, घोरावल, चोपन, म्योरपुर, बभनी और दुद्धी.
पुलिस थानों की संख्या: 21
नगर पालिका की संख्या:
कुल ग्राम पंचायतों की संख्या: 501
कुल गांवों की संख्या: 1441
निर्वाचन क्षेत्र
लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र: 1, रॉबर्ट्सगंज
विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र: 4
सोनभद्र जिले के अंतर्गत कुल 4 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र आते हैं- घोरावल, रॉबर्ट्सगंज, ओबरा और दुद्धी.
2011 के आधिकारिक जनगणना के अनुसार सोनभद्र जिले की जनसांख्यिकी इस प्रकार है-
कुल जनसंख्या: 18.63 लाख
पुरुष: 9.71 लाख
महिला: 8.91 लाख
जनसंख्या वृद्धि (दशकीय): 27.27%
जनसंख्या घनत्व (प्रति वर्ग किलोमीटर): 270
उत्तर प्रदेश की जनसंख्या में अनुपात: 0.93%
लिंगानुपात (महिलाएं प्रति 1000 पुरुष): 918
औसत साक्षरता: 64.03%
पुरुष साक्षरता : 74.92%
महिला साक्षरता: 52.14%
शहरी और ग्रामीण जनसंख्या
शहरी जनसंख्या : 16.88%
ग्रामीण जनसंख्या: 83.12%
2011 के आधिकारिक जनगणना के अनुसार, सोनभद्र एक हिंदू बहुसंख्यक जिला है. जिले में हिंदुओं की जनसंख्या 93.35% है, जबकि मुस्लिमों की आबादी 5.56% है.अन्य धर्मों की बात करें तो जिले में ईसाई 0.21%, सिख 0.09%, बौद्ध 0.09%, जैन 0.03% और अन्य 0.10% हैं.
इस जिले में बोली जाने वाली प्रमुख भाषाएं हैं: हिंदी और उर्दू.
सोनभद्र जिले में पौराणिक, धार्मिक, पुरातात्विक और ऐतिहासिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण कई दर्शनीय स्थल हैं. जिले में स्थित प्रमुख दर्शनीय स्थलों के बारे में संक्षिप्त विवरण:
जिले के चोपन प्रखंड के अंतर्गत आने वाले बड़ागांव तथा सलखान गांव में लगभग 150 करोड़ पुराने जीवाश्म पार्क (फॉसिल पार्क) पाए गए हैं. लगभग 25 हेक्टेयर में फैला यह जीवन पार्क सोनभद्र जिले का भूवैज्ञानिक विरासत है.
खंडहर में तब्दील हो चुका यह ऐतिहासिक किला जिला मुख्यालय राबर्ट्सगंज से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर दक्षिण-पूर्व में स्थित है.
यह ऐतिहासिक किला राबर्ट्सगंज से लगभग 35 किलोमीटर दूरी पर तथा चोपन से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर, सोन नदी के तट पर स्थित है.
ज्वाला देवी को समर्पित यह प्रसिद्ध मंदिर रॉबर्ट्सगंज से लगभग 119 किलोमीटर की दूरी पर शक्ति नगर में स्थित है.
आधिकारिक रूप से इस मंदिर को उमा महेश्वर मंदिर के नाम से जाना जाता है. माता पार्वती और भगवान शिव को समर्पित यह मंदिर घोरावल से लगभग 10 किलोमीटर दूरी पर स्थित है.
भगवान शिव को समर्पित यह मंदिर सोनभद्र जिले के रेणुकूट में रिहंद नदी के किनारे स्थित है.
यह मंदिर राबर्ट्सगंज से लगभग 76 किलोमीटर की दूरी पर तथा रेणुकूट से लगभग 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है.
हवाई मार्ग
इस जिले का अपना हवाई अड्डा नहीं है. यहां के लिए डायरेक्ट हवाई सेवा उपलब्ध नहीं है.
निकटतम हवाई अड्डा: लाल बहादुर शास्त्री एयरपोर्ट (Code: VNS).
यह हवाई अड्डा रॉबर्ट्सगंज से से लगभग 108 किलोमीटर की दूरी पर वाराणसी के बाबतपुर में स्थित है.
दूसरा नजदीकी एयरपोर्ट: इलाहाबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Code: IXD). यह हवाई अड्डा रॉबर्ट्सगंज से लगभग 183 किलोमीटर की दूरी पर इलाहाबाद के बमरौली में स्थित है.
रेल मार्ग
सोनभद्र, रेल मार्ग से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ तथा देश के विभिन्न भागों से अच्छे से जुड़ा हुआ है.
निकटतम रेलवे स्टेशन: शक्ति नगर टर्मिनल रेलवे स्टेशन (Code: SKTN).
सड़क मार्ग
सोनभद्र, सड़क मार्ग से उत्तर प्रदेश और देश के प्रमुख शहरों से अच्छे से जुड़ा हुआ है. यहां के लिए नियमित बस सेवाएं उपलब्ध है. आप यहां अपने निजी वाहन कार या बाइक से भी आ सकते हैं.
2011 के जनगणना के अनुसार,
1. जनसंख्या की दृष्टि से उत्तर प्रदेश में 51वां स्थान है.
2. लिंगानुपात के मामले में उत्तर प्रदेश में 22वां स्थान है.
3. साक्षरता के मामले में उत्तर प्रदेश में 52वां स्थान है.
4. सबसे ज्यादा बसे गांव वाला तहसील: रॉबर्ट्सगंज (770).
5. सबसे कम बसे गांव वाला तहसील: दुद्धी (279)
6. जिले में कुल निर्जन गांवों की संख्या: 38
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