कहावतें या लोकोक्तियां विश्व की हर भाषा में पाईं जाती हैं. इनके प्रयोग से भाषा में संजीवता और स्फूर्ति आती है, इसीलिए इन्हें “भाषा का श्रृंगार” कहा जाता है. कहावतों और लोकोक्तियों का रूढ़ अर्थ होता है. कहावतें प्रायः सांकेतिक रूप में होती हैं और बेहद कम शब्दों में जीवन के दीर्घकाल के अनुभव को सटीकता के साथ प्रभावी ढंग से कह जाती हैं. राजस्थानी/मारवाड़ी भाषा में भी एक रोचक कहावत है- “अगम बुद्धि बाणियो, पिछम बुद्धि जाट। तुंरत बुद्धि तुर्कड़ो, बामण सम्पट पाट।”
इसमें बनियों के लिए “अगम बुद्धि” का प्रयोग किया गया है. तो आइए विस्तार से जानते हैं “अगम बुद्धि बनिया” का क्या अर्थ होता है?
इससे पहले कि हम आगे बढ़ें और इस लेख के मुख्य विषय पर चर्चा करना शुरू करें, सबसे पहले उपर्युक्त कहावत का अर्थ जान लेते हैं. उपर्युक्त कहावत का अर्थ इस प्रकार है- ” बनिया दूरदर्शी होता है. अर्थात, बनिया भविष्य को समझकर योजना बनाता है और फिर उसी के अनुसार कार्य पूरा करता है. जाट को बुद्धि बाद में आती है, मतलब जाट किसी काम को करने के बाद यह सोचता है कि काश इस कार्य दूसरे ढंग से किया जाता तो अच्छा रहता, अर्थात कार्य पूर्ण हो जाने के बाद उसकी योजना बनाता है. मुसलमान तुरंत ताड़ लेता है, अर्थात मुसलमान किसी बात को तुरंत समझ जाता है, भांप लेता है या कोई बात बगैर बताए हुए मालूम कर लेता है. ब्राह्मण बुद्धि के मामले में साफ होता है, अर्थात बुद्धि के मामले में ब्राह्मण बिल्कुल स्पष्ट होते हैं”.रूढ़/पारंपरिक/स्थापित (stereotyped/ Conventional/established) अर्थ की बात करें तो इस कहावत या लोकोक्ति में “अगम बुद्धि बनिया” का अर्थ है “दूरदर्शी बनिया”. अर्थात, बनिया को दूरदर्शी (Visionary) बताया गया है. दूरदर्शिता या दूरदर्शी होने की व्यापक परिभाषा यह है कि वह जो भविष्य की कल्पना कर सकता है या भविष्य को देख सकता है या भविष्य के बारे में सटीकता से अनुमान लगा सकता है.
एक दूरदर्शी प्रौद्योगिकी या सामाजिक / राजनीतिक व्यवस्था या व्यापार जगत से संबंधित व्यक्ति भी हो सकता है जो क्षेत्र विशेष में भविष्य की स्पष्ट और विशिष्ट दृष्टि रखता हो. बनिया जाति के लोग पारंपरिक व्यवसायी हैं. यह अपने व्यापार कौशल के लिए प्रसिद्ध हैं. इस समुदाय के लोगों को व्यापार के क्षेत्र में दूरदर्शी माना जाता है. व्यवसायिक क्षेत्र में भविष्य की स्पष्ट तस्वीर समझने की इनमें अद्भुत क्षमता होती है. भारत में बिजनेस के क्षेत्र में जितने भी नवाचार हुए हैं इसमें बनिया समुदाय के लोगों का अहम योगदान रहा है. अपने समय से आगे जाकर; पैटर्न, प्रवृत्तियों और अवसरों की पहचान करके, व्यवसाय के क्षेत्र में भविष्य की स्पष्ट तस्वीर देख लेने की अद्भुत क्षमता के कारण ही इस समुदाय के लोगों को “अगम बुद्धि बनिया” कहा जाता है.
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