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चमार आईएएस | प्रशासनिक सेवाओं में इस समुदाय का प्रतिनिधित्व बढ़ा है

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भारत के दलितों के लिए शिक्षा तक पहुंच सुनिश्चित करना भारत सरकार के लिए जाति व्यवस्था के सामाजिक प्रभावों को कम करने में सबसे बड़ी चुनौती रही है, जो अभी भी भारतीय समाज में व्याप्त है. लेकिन समय के साथ दलित समुदाय के लोग भी शिक्षा के प्रति जागरूक हुए हैं और दलित समुदायों में शिक्षा का काफी विस्तार हुआ है. आइए इसी क्रम में जानते हैं चमार आईएएस के बारे में.

चमार आईएएस

चमार दलित समुदाय की एक प्रमुख जाति है. भारत की 1991 की जनगणना ने बताया कि दलित समुदाय देश में सबसे कम साक्षर सामाजिक समूहों में से एक थे, जिसमें केवल 30% दलित बच्चे बुनियादी रूप से पढ़ने और लिखने में सक्षम थे. उस वक्त का समाज रूढ़िवाद, जात-पात से घिरा हुआ था और दलितों के लिए शिक्षा प्राप्ति के मार्ग में कई बाधाएं थीं. आजादी के बाद जातिगत भेदभाव को खत्म करने के लिए प्रणालीगत प्रयास किए गए. कल्याणकारी योजनाओं और आरक्षण आदि के माध्यम से सरकार ने दलित समूहों के लिए शिक्षा को सुलभ बनाने का प्रयास किया. समय के साथ दलित समुदाय के लोग भी शिक्षा का महत्व समझने लगे. आज दलित समुदाय के लोग शिक्षा के उत्कृष्ट संस्थानों पर दस्तक दे रहा है और प्रशासन में उनका प्रतिनिधित्व भी लगातार बढ़ रहा है. भारत सरकार द्वारा साल 2014 में एक रिपोर्ट जारी किया गया था. इस रिपोर्ट के अनुसार उस वक्त देश में आरक्षित वर्ग- अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित 2,751 आईएएस, आईपीएस और आईएफओएस अधिकारी देश भर में कार्यरत थे. इनमें से 1,200 अधिकारी भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 880 और भारतीय वन सेवा (आईएफओएस) के 671 अधिकारी थे. आईएएस अधिकारियों में अनुसूचित जाति के 447, एसटी के 232 और ओबीसी के 521 अधिकारी थे. आईपीएस अधिकारियों में 352 एससी, 170 एसटी और 358 ओबीसी वर्ग के थे. उपर्युक्त तथ्य से यह स्पष्ट है कि प्रशासनिक सेवाओं में अनुसूचित जातियों की ठीक-ठाक मौजूदगी है. जैसे-जैसे दलित समुदाय में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ेगी, प्रशासनिक सेवाओं में इस समुदाय का प्रतिनिधित्व भी बढ़ेगा.

Chamar Caste IAS officers

आइए अब अपने मूल विषय पर आते हैं और चमार जाति के IAS अधिकारियों के बारे में जानते हैं. चमार जाति के आईएएस अधिकारियों की सूची काफी लंबी है, इसलिए हम यहां केवल महत्वपूर्ण आईएएस अधिकारियों का ही उल्लेख कर रहे हैं.

माता प्रसाद (Mata Prasad)

उत्तर प्रदेश के एक चमार परिवार में जन्मे माता प्रसाद एक सेवानिवृत्त भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी हैं. वह अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के पहले लोगों में से एक थे जो आईएएस अधिकारी बने थे. वह भारत के संघ लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष हैं. उन्होंने जून 1995 से अक्टूबर 1996 तक उत्तर प्रदेश राज्य के मुख्य सचिव के रूप में कार्य किया, इस प्रकार राज्य की नौकरशाही का नेतृत्व करने वाले पहले अनुसूचित जाति अधिकारी बने. भारत सरकार ने उन्हें सिविल सेवा में उनके योगदान के लिए 2012 में पद्म भूषण के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया.

डॉ चंद्रपाल सिंह

जाटव जाति में जन्मे डॉक्टर चंद्रपाल सिंह एक सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी हैं. डॉ सिंह भारत सरकार के पूर्व सचिव रह चुके हैं. वह योजना आयोग के प्रधान सलाहकार भी रह चुके हैं. वर्तमान में वह आदर्श समाज पार्टी नामक राजनीतिक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं.


References:
•https://m.economictimes.com/news/politics-and-nation/dmk-calls-all-party-meet-on-ews-verdict/articleshow/95389714.cms

•”Pulled about”. India Today. 15 January 1994. Retrieved 3 July 2016.

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