Religion

छिपा (Chhipa) जाति का इतिहास, छिपा शब्द की उत्पत्ति कैसे हुई?

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छीपा या छिपा (Chhipa) भारत और पाकिस्तान में पाई जाने वाली एक व्यवसायिक जाति है. इन्हें चिप्पा या छिम्पा (Chippa or Chhimpa) भी कहा जाता है. इनका पारंपरिक व्यवसाय कपड़े रंगना और छपाई करना है. भारत में पाया जाने वाला छीपा समुदाय अभी भी मुख्य रूप से कपड़ों की रंगाई और छपाई के अपने पारंपरिक व्यवसाय में कार्यरत है. समुदाय में कई लोगों ने व्यापार शुरू कर दिया है, या स्थानीय कपड़ा मिलों में कार्यरत हैं. भारत में यह मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान, हरियाणा और मध्य प्रदेश में पाए जाते हैं. गुजरात में यह मुख्य रूप से उत्तरी गुजरात के अहमदाबाद, नडियाद, बड़ौदा और भरूच जिलों में निवास करते हैं यह समुदाय मूल रूप से राजस्थान के नागौर का रहने वाला है, जो बाद में भारत के विभिन्न राज्यों में फैल गए. राजस्थान के अन्य भागों और गुजरात में बसने के बाद इन्होंने कपड़ा रंगने और छपाई करने का काम शुरू किया. पाकिस्तान में यह मुख्य रूप से कराची और सिंध प्रांत में निवास करते हैं.उप विभाजन भारत में निवास करने वाला छिपा समुदाय कई कुलों में विभाजित है, जिसे अतक के रूप में जाना जाता है. इनके प्रमुख कुल हैं-राव, तक, भाटी, दोएरा, चौहान, मोलानी और सोनवा. यह सभी कुल समान स्थिति के हैं, और अंतर्जातीय विवाह करते हैं. अधिकांश छीपा गुजराती भाषा बोलते हैं. गुजराती के अलावा यह कच्छी, मारवाड़ी और हिंदी भाषा भी बोलते हैं. छीपा शब्द की उत्पत्ति गुजराती भाषा के शब्द “छापा” से हुई है, जिसका अर्थ होता है-“प्रिंट करना”. एक प्रचलित पौराणिक मान्यता के अनुसार, यह मूल रूप से क्षत्रिय होने का दावा करते हैं. इस समुदाय के लोगों के अनुसार, इनकी जीवन शैली राजपूतों के समान थी. यह शिकार किया करते थे और युद्ध में भाग लिया करते थे. जब भगवान परशुराम क्षत्रियों का संहार कर रहे थे तो इस समुदाय के दो भाई जान बचाने के लिए एक मंदिर में जाकर छुप गए. उनमें से एक भाई, मंदिर में विराजमान मूर्ति के पीछे जाकर छिप गया. बाद में उसने कपड़ा रंगने और छापने का व्यवसाय अपना लिया. छीपा समुदाय इसी के वंशज है. दूसरी मान्यता के अनुसार, छीपा राजपूत भगवान परशुराम से बचने के लिए नहीं बल्कि तैमूर लंग से बचने के लिए छुप गए. वही बाद में छीपा के नाम से जाने जाने लगे. तीसरी मान्यता के अनुसार, कपड़ा रंगाई और छपाई के करने के अपने पारंपरिक व्यवसाय के कारण यह छीपा कहलाए.

 

 

 

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