भारत में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में भारी उछाल आया है. इसके लिए तबलीगी जमात को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है. तबलीगी जमात पर आरोप लगाया जा रहा है कि जमात के लोगों ने जान बूझकर कोरोनावायरस को फैलाया है. सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर “बैन तबलीगी जमात” तथा “कोरोना जिहाद” के नाम से ट्रेंड चलाए जा रहे हैं. जब देश कोरोना महामारी से लड़ रहा है, ऐसी बातें समाज में वैमनस्य पैदा कर सकते हैं, जिसके कारण कोरोना महामारी से लड़ाई कमजोर पड़ सकती है.
वहीं, एक मुस्लिम संगठन पर कोरोना फैलाने के आरोप लगने के बाद ढेर सारे पत्रकार, बुद्धिजीवी, नेता और राजनीतिक दल भी बचाव में उतर आए हैं. कोई इसे जमात को बदनाम करने का प्रोपेगेंडा बता रहा तो कोई आरोप लगा रहा कि इस मामले पर सांप्रदायिक राजनीति हो रही है.
उथल-पुथल के ऐसे माहौल में कुछ तथ्य पर ध्यान देना जरूरी है. स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल के अनुसार, पिछले 2 दिनों में तबलीगी जमात से जुड़े 647 लोगों को कोरोना से संक्रमित पाया गया है. आईसीएमआर के वरिष्ठ वैज्ञानिक का कहना है कि तबलीगी जमात के लोगों के कारण कोरोना के मरीजों की संख्या काफी तेजी से बढ़ सकती है.
केवल राजधानी दिल्ली की बात करें तो पिछले 24 घंटे में 141 कोरोना के नए मामले सामने आए हैं. जिनमें से 129 ऐसे मामले हैं जो तबलीगी जमात से जुड़े हैं. इसीलिए इस पूरे प्रकरण को केवल एक प्रोपेगेंडा या सांप्रदायिक राजनीति का आरोप लगाकर खारिज नहीं किया जा सकता है. जमात के लोगों ने जानबूझकर कोरोना फैलाया या फिर यह एक स्वाभाविक लापरवाही है, यह जांच का विषय है.
इन सबके बीच, वरिष्ठ पत्रकार रोहित सरदाना का दो ट्वीट काफी सुर्खियों में है. तबलीगी जमात के मौलाना साद के कथित वायरल ऑडियो का हवाला देते हुए रोहित सरदाना ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा है। कि “ये मौक़ा इसका नहीं है कि डॉक्टरों की बातों में आ कर नमाज़ें छोड़ो…मुलाक़ातें छोड़ो…” अब पुलिस मुलाक़ात के लिए ढूँढ रही है तो जनाब फ़रार हैं!
एक दूसरे ट्वीट में रोहित सरदाना ने ‘फंसा होना’ और ‘छुपा होना’ में अंतर बताते हुए ट्वीट कहा है कि- “फँसा होना-आदमी निकलना चाहता हो, लेकिन हालात के मारे निकल न पा रहा हो.
छुपा होना-पुलिस जा-जा कर कह रही हो निकलो, तब भी न कोई आदमी निकल रहा हो, ना बता रहा हो कि असल में हैं कितने वो.
*जिनके समझ आ जाए अच्छा, जिनको समझना ही नहीं, उनको किसी भाषा में नहीं समझ आना!”
Last updated: 04/04/2020 12:15 pm
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