अगर NEET में सफलता पाना चाहते हैं तो यह सब गलतियां ना करें (If you want to crack NEET then don’t make all these mistakes) अगर यह सब गलतियां की तो जिंदगी में कभी नहीं मिलेगी NEET में सफलता (If you do all these mistakes then you will never get success in NEET) आइए जानते हैं मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कैसे करे? यह सब गलतियां ना करें
मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए सबसे महत्वपूर्ण NCERT की किताबें हैं जिसे आप बिल्कुल भी ignore नहीं कर सकते हैं. आपकी तैयारी NCERT की किताबों पर ही आधारित होनी चाहिए. अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो अपने लक्ष्य से भटकने की संभावना ज्यादा रहेगी. मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी करने वाले स्टूडेंट सबसे बड़ी गलती यह करते हैं कि NCERT कि किताबों को नजरअंदाज करके तरह-तरह की किताबों की जंजाल में फसकर अपना कीमती समय और कैरियर बर्बाद कर लेते हैं.NCERT की किताबें 100 प्रतिशत आपका सिलेबस कवर करती हैं. NEET की तैयारी कराने वाले एक्सपर्ट टीचरों का मानना है कि इस परीक्षा में पूछे जाने वाले 95% questions NCERT से आते हैं. इस बात को मन में बिठा लीजिए की NCERT की 11वीं और 12वीं की किताबें NEET में सफलता का सीधा रास्ता हैं. इसे छात्र गीता, बाइबल और कुरान समझकर पढ़े और इसके एक-एक शब्द पर ध्यान दें. याद रखिए NCERT की किताबें बड़े-बड़े विद्वानों द्वारा लिखी गई हैं, इनमें विश्वविद्यालयों के वाइस चांसलर और प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के प्रोफेसर शामिल हैं. इसीलिए विश्वास कीजिए, उन्होंने किताबें, कुछ सोच समझकर, आपके आवश्यकता के अनुरूप हीं लिखी होंगी.
बहुत छात्र ऐसे हैं जो इस भ्रम में रहते हैं कि NCERT की किताबें केवल Biology के लिए हीं महत्वपूर्ण हैं. इस बात को मन से निकाल दीजिए, क्योंकि NCERT की किताबें Physics और Chemistry के लिए उतना ही महत्वपूर्ण है जितना Biology के लिए.
अधिकांश छात्र मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए विभिन्न कोचिंग संस्थानों में 1 साल या 2 साल का क्लासरूम कोर्स ज्वाइन करते हैं. यहां पढ़ाने वाले शिक्षक उन्हें सारे कांसेप्ट अच्छी तरह से समझाते हैं और नोट्स देते हैं, जो exams की दृष्टि से महत्वपूर्ण होते हैं. इन शिक्षकों द्वारा दिए गए नोट्स उनके वर्षों के अनुभव और exam pattern के analysis पर आधारित होता है. कई छात्र अपने शिक्षकों द्वारा दिए गए नोट्स को नजरअंदाज करके दूसरे किताबों से पढ़ने लगते हैं, जिससे उनका समय बर्बाद होता है और तैयारी भी अच्छी नहीं हो पाती है. इसीलिए इधर-उधर भटकने के बजाय अपने टीचर्स के नोट्स को अच्छी तरह से समझ लें और याद कर लें.
मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्र अपना दायरा समझें. आपके लिए हर टॉपिक depth में जाना जरूरी नहीं है, सारे टॉपिक्स डिटेल में पढ़ने की जरूरत नहीं है. आपके लिए depth से ज्यादा, अपने सिलेबस का length और breadth कवर करना करना ज्यादा आवश्यक है.
कई छात्र अपने जिज्ञासा को शांत करने के लिए तरह के reference books का सहारा लेते हैं. याद रखिए reference books जैसे Trueman’s Biology, Campbell Biology, Morrison and Boyd Organic Chemistry और Inorganic Chemistry (JD Lee) जैसे books तभी पढ़ें जब आप किसी खास टॉपिक को समझ नहीं पा रहें हो.आमतौर ये किताबें आपके टीचर पढ़ते हैं और क्लास रूम में आपके आवश्यकता के अनुसार नोट्स दे देते हैं. यहां यह स्पष्ट कर देना जरूरी है कि Reference Book बहुत अच्छी किताबें होती हैं, लेकिन इसमें आमतौर पर आपके आवश्यकता से ज्यादा लिखा रहता है. इस बात को हमेशा ध्यान रखिए कि NEET की तैयारी के लिए आपके पास limited time होता है और आपको एक बड़ा सिलेबस कवर करना होता है. इसीलिए आप उतना ही पढ़ें जितना आपको जरूरत है.
तैयारी में संतुलन का अर्थ है, सभी विषयों- Biology, physics और Chemistry- को कवर करके मजबूत करना. कई छात्र ऐसे होते हैं जो एक सब्जेक्ट को आवश्यकता से अधिक पढ़ते हैं. उदाहरण के तौर पर वह NCERT की Biology पढ़ लेंगे, फिर Trueman’s Biology और बाद Campbell Biology भी पढ़ने लगते हैं. ऐसा करना आपके लिए घातक सिद्ध होगा. इस प्रकार की गलती से बचें. सबसे पहले NCERT से सारे सब्जेक्ट कवर कर लें तभी किसी reference book को गहराई से पढ़ें. क्योंकि एक्स्ट्रा पढ़ने से आपका ज्यादा समय बर्बाद होगा और कुछ नहीं. संतुलित रूप से सभी सब्जेक्ट; Physics, Chemistry और Biology; पर ध्यान देने से आप अच्छे स्कोर कर पाएंगे, जिससे आपको अपने पसंद के मेडिकल कॉलेज में दाखिला लेने में सहूलियत होगी.
“Practice makes a man perfect”. MCQ की प्रैक्टिस किए बिना आप सफलता नहीं पा सकते, इसीलिए ज्यादा से ज्यादा प्रैक्टिस करें. इसके लिए आप NCERT exemplar तथा Previous years के question bank से प्रैक्टिस कर सकते हैं. सभी चैप्टर्स पर पकड़ बनाना चाहते हैं तो चैप्टर वाइज प्रैक्टिस जरूर करें. MCQ की किताबों में आमतौर पर कई mistakes होते हैं. इसीलिए प्रतिष्ठित पब्लिकेशन जैसे Arihant और MTG आदि की किताबें ले सकते हैं. इस बात का ध्यान रखें कि पिछले 10 साल का ही क्वेश्चन पेपर solve करना है. क्योंकि सिलेबस बदलता रहता है. 10 साल से ज्यादा के क्वेश्चन पेपर हल करने से आपका नॉलेज बढ़ सकता है लेकिन एग्जाम में किसी प्रकार के फायदे की गुंजाइश बहुत कम है.
बहुत अच्छा तो ऐसे होते हैं जो अपनी पूरी सिलेबस तो कवर कर लेते हैं लेकिन रिवीजन पर ध्यान नहीं देते. आप अगर NEET toppers के इंटरव्यू को देखेंगे वह साफ कहते हैं कि उन्होंने 10 से 15 तक रिवीजन किया है. इसीलिए रिवीजन पर ध्यान दें, और बार-बार अपने सिलेबस को रिवाइज करें. याद रखिए; Limited पढ़िए, अच्छी क्वालिटी के स्टडी मटेरियल पढ़िए, और बार-बार रिवीजन कीजिए; यही सफलता की कुंजी है.
आप अपने आवश्यकता हिसाब से Handwritten notes बनाते जाएं. Handwritten नोट्स कम समय में रिवीजन करने में बहुत उपयोगी साबित होते हैं. इससे आपके दिमाग में Photographic memory बनती है जो चीजों को याद रखने में मदद करती है.
कई छात्र विदेशी लेखकों द्वारा लिखी गई किताबों के लिए क्रेजी होते हैं. याद रखिए मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए complete content की एक ही किताब है- NCERT. मजे की बात यह है कि अति बृहत होने के बावजूद भी विदेशी लेखकों द्वारा लिखी गई किताब आपके पूरे सिलेबस को कवर नहीं करती है. इसीलिए अपने दायरे को समझिए.
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