कुर्मी बिहार में निवास करने वाली एक महत्वपूर्ण जाति है. प्रदेश के लगभग सभी जिलों में इनकी उपस्थिति है. कुर्मी समाज की अनेक शाखाएं हैं जिन्हें उपजातियों के नाम से जाना जाता है. बिहार में इनकी प्रमुख उपजातियां हैं- अवधिया, समसवार, जसवार, आदि. आइए जिलेवार ढंग से जानते हैं बिहार में रहने वाले कुर्मियों की मुख्य उपजातियों के बारे में.
(1). अररिया – जयसवार ,समसवार, अमात, धानुक.
(2). औरंगाबाद – अवधिया, जयसवार, व्याहुत.
(3). कटिहार – जयसवार.
(4). किशनगंज – जयसवार, धानुक.
(5). कैमूर (भभुआ) – चंदेल ,जयसवार, अवधिया, पटनवार, घोरचढ़े.
(6). खगड़िया– जयसवार, समसवार.
(7). गोपालगंज – अवधिया, जयसवार, सैंथवार,
ढिलफोड़ा, चंदेल, धानुक.
(8). गया – घमैला ,कोचैसा, अवधिया , जयसवार.
(9). जहानाबाद – घमैला, अवधिया, कोचैसा, जयसवार.
(10) जमुई – जयसवार,समसवार, घमैला, दोजवार, धानुक.
(11). दरभंगा – जयसवार, अवधिया, समसवार, तैलंग, चंदेल, चनउ, धानुक.
(12). नवादा – घमैला, कोचैसा,जयसवार.
(13). नालंदा (बिहारशरीफ) – घमैला, कोचैसा, अवधिया, समसवार, जयसवार, धानुक.
(14). पटना – अवधिया, घमैला, कोचैसा, समसवार, जयसवार, धानुक.
[नोट – पटना शहर में सभी शाखा के लोग बसे है.]
(15). पूर्णिया – जयसवार, समसवार, अमात, धानुक, कैवर्त, चंदेल.
(16). पश्चिमी चंपारण (बेतिया) – जयसवार, चंदेल, चनऊ, धानुक, चपरिया.
(17). पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) – जयसवार, धानुक, तैलंग.
(18). बेगुसराय – जयसवार, समसवार, धानुक.
(19). बक्सर – सैंथवार, जयसवार, घोड़चढ़े, चंदेल.
(20). बांका– जसवार
(21). भागलपुर – चंदेल, समसवार, जयसवार, रमैया, धानुक, पटनवार.
(22). भोजपुर (आरा) – सैंथवार, जयसवार, अवधिया, घोडचढ़े, चंदेल.
(23). मधुबनी – जयसवार, तैलंग, अमात, धाम, समसवार, चंदेल, चनउ, काइवर्त.
(24). मधेपुरा – जयसवार, समसवार, धानुक, अमात, काइवर्त.
(25). मुजफरपुर – जयसवार, धानुक, समसवार, तैलंग, चंदेल, गुरु नानक पंथी.
(26). मुंगेर– जयसवार, समसवार ,धानुक, घमैला, दोजवार.
(27). रोहतास (सासाराम)- चंदेल, जयसवार, अवधिया, घोड़चढ़े, पटनवार, गुरुनानक पंथ.
(28). लखीसराय – धानुक
(29). वैशाली– जयसवार, समसवार, अवधिया, तैलंग, गुरु नानक पंथ.
(30). सीवान – जयसवार, अवधिया, धानुक, डिल्फोरा.
(31). सहरसा – समसवार, जयसवार, धानुक.
(32). सुपौल – समसवार,जयसवार, धाlनुक.
(33). सीतामढ़ी – जयसवार, तैलंग, धानुक, चंदेल, कईवर्त.
(34) समस्तीपुर – जयसवर, समसवार, धानुक, चंदेल.
(35). सारण – जयसवार, समसवार, अवधिया, धानुक.
(36). शेखपुरा – धानुक
यहां पर कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं के बारे में स्पष्ट कर देना जरूरी है-
बिहार में कुल 38 जिले हैं लेकिन जानकारी के अभाव में हम यहां बिहार के 36 जिलों के कुर्मी उपजातियों के बारे में जानकारी दे रहे हैं. अरवल और शिवहर जिले के उप जातियों के बारे में जानकारी मिलने पर इस आर्टिकल को अपडेट कर दिया जाएगा. यह जानकारी मुख्य रूप से “सिद्धेश्वर” बाबू नाम के एक लेखक द्वारा लिखी गई पुस्तक पर आधारित है. दूसरी महत्वपूर्ण बात यह है कि कई लोग धानुक जाति को एक स्वतंत्र जाति के रूप में देखते हैं. इसका मुख्य कारण यह है कि आरक्षण व्यवस्था के अंतर्गत कुर्मी को ओबीसी वर्ग में शामिल किया गया है जबकि धानुक को अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) में शामिल किया गया है. लेकिन कुर्मी समाज के कई लोग मानते हैं कि धानुक कुर्मी समुदाय की ही एक उपजाति है और बिहार के कई जिलों जैसे कटिहार, पूर्णिया, अररिया और भागलपुर आदि जिलों में धानुक और कुर्मियों में वैवाहिक संबंध भी होते हैं. “आज तक” में छपी एक रिपोर्ट में भी इस बात की पुष्टि की गई है. रिपोर्ट के अनुसार, धानुक के वंशज कुर्मी जाति के ही माने जाते हैं, लेकिन ये समुदाय अति पिछड़ा वर्ग में शामिल है. बता दें कि बिहार में कुर्मी की अवधिया उपजाति कम संख्या होने के बावजूद भी अत्यंत हीं प्रभावशाली मानी जाती है. बांका, भागलपुर, खगड़िया बेल्ट में जसवार कुर्मी की विधानसभा सीटों पर नतीजे प्रभावित करने की हैसियत रखते हैं. वहीं समसवार बिहारशरीफ, नालंदा क्षेत्र में काफी शक्तिशाली है. लखीसराय, शेखपुरा और बाढ़ जैसे क्षेत्रों में धानुक काफी प्रभावी हैं. बिहार में 1960 और 70 के दशक के बाद से, कुर्मियों ने नौकरशाही, शिक्षा, इंजीनियरिंग और स्वास्थ्य में प्रमुख पदों पर कार्य किया है.
References;
•https://theprint.in/politics/how-vikas-purush-nitish-kumar-favoured-fellow-kurmis-in-bihar-administration-and-politics/457174/
•https://thewire.in/politics/bihar-nitish-kumar-upendra-kushwaha-rlsp-jdu-koiri-kurmi
•https://www.aajtak.in/elections/bihar-assembly-elections/story/bihar-assembly-election-2020-nitish-kumar-love-kush-caste-formula-kurmi-koeri-caste-political-equation-1130601-2020-09-16
Last updated: 28/06/2023 9:44 am
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