ये ब्राह्मण ही थे जिन्होंने हमारी संस्कृति, पांडुलिपियों को बचाया। उन्होंने कभी भी इस्लामवादियों की तरह व्यवहार नहीं किया, फिर भी उन्हें दोष देना है। प्राचीन जमाने में क्षत्रियों को शास्त्र , अस्त्र- शस्त्र की शिक्षा देने का दायित्व ब्राह्मणों पर ही था। राजा के मुख्य सलाहकार ब्राह्मण ही थे जो उन्हें न्याय कूटनीति, धर्म आदि मुद्दों पर सलाह देते थे। मंत्रोचार, हवन, यज्ञ आदि से वे राजा को एक महान योद्धा बनाते थे। विश्व के सबसे बड़े ग्रंथ महाभारत की रचना महान ब्राह्मण व्यास ने ही की थी। तुलसीदास ने रामायण को जनसाधारण भाषा में लिखकर रामायण को घर- घर तक पहुंचाया। खगोल और गणितशास्त्र, इन दोनों क्षेत्र में आर्यभट के महत्त्वपूर्ण योगदान के स्मरणार्थ भारत के प्रथम उपग्रह का नाम आर्यभट रखा गया था। वराहमिहिर ईसा की पाँचवीं-छठी शताब्दी के भारतीय गणितज्ञ एवं खगोलज्ञ थे। इन्होंने तीन महत्वपूर्ण पुस्तकें बृहज्जातक, बृहत्संहिता और
पंचसिद्धांतिका, लिखीं। इन पुस्तकों में त्रिकोणमिति के महत्वपूर्ण सूत्र दिए हुए हैं।महान राजनीतिज्ञ कौटिल्य (चाणक्य) को कौन भुला सकता है जिन्होनें मौर्य साम्राज्य की नींव रखी और चन्द्रगुप्त मौर्य, सम्राट अशोक जैसे महान योद्धाओं को उदय हुआ। संस्कृत भाषा के जन्म दाता ब्राह्मण ही है जो सारे भाषाओं की जननी है। कालिदास जिन्हें प्राचीन भारत का सबसे बड़ा नाटककार माना जाता है। विद्यापति भारतीय साहित्य की ‘शृंगार-परम्परा’ के साथ-साथ ‘भक्ति-परम्परा’ के प्रमुख स्तंभों मे से एक और मैथिली के सर्वोपरि कवि के रूप में जाने जाते हैं। महेश दास जो बीरबल के नाम से अधिक प्रसिद्ध हैं, मुगल बादशाह अकबर के दरबार में प्रमुख वज़ीर और अकबर के परिषद के नौ सलाहकारों (नवरत्नोंमें) से एक थे) देश की आजादी में सर्वाधिक योगदान ब्राह्मण समाज का रहा। ब्राह्मण समाज के लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी। चंद्रशेखर आजाद, बाल गंगाधर तिलक इत्यादि को भला कौन भुला सकता है। मध्य प्रदेश में 42 सालों में 20 साल ब्राह्मण मुख्यमंत्री रहे।. आजादी के बाद यूपी की सियासत में 1989 तक ब्राह्मण के 6 मुख्यमंत्री बने. हुसैनी ब्राह्मण जो इमाम हुसैन की मदद के लिए हज़ारों मील दूर करबला पहुंचे और मुस्लिम धर्म की रक्षा के लिए बलिदान दिया। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, केन्द्रीय मंत्री जैसे उच्च पदों पर रहकर देश सेवा की। रवींद्रनाथ टैगोर और दूसरे ब्रह्माणों ने विश्व प्रसिद्ध नोबेल पुरस्कार जीतकर देश का नाम विदेशों तक फैलाया। इंदिरा नूयी जैसे ब्रााह्मण (भारतीय अमेरिकी व्यापार कार्यकारी और पेप्सिको की पूर्व सीईओ) ने व्यापार क्षेत्र मेें रहकर देश का नाम गौरवान्वित किया। दया नायक (भारतीय पुलिस निरीक्षक और जासूस जो मुठभेड़ विशेषज्ञ होने के लिए प्रसिद्ध हैं) ने मुंबई अंडरवर्ल्ड में 80 से अधिक अपराधियों को मार गिराया और मुंबई में अंडरवर्ल्ड राज को खत्म किया। ऐसे अनगिनत नाम है जिसके कारण ही भारत आज विश्व में अपना एक अलग पहचान बनाया है। देश निर्माण में ब्राह्मण का योगदान कितना है ये आपको निचे दिए Brahanin Famous persons list से पता चलेगा।
ये ब्राह्मण समाज के कुछ नाम है जो काफी प्रसिद्ध हैं।
कपिल शर्मा, परेश रावल, संजय दत्त, स्वर्गीय सुनील दत्त, अनुपम खेर, कमल हासन , शर्मन जोशी जेमिनी गणेशन, राजकुमार, मनोज बाजपेई, बासु भट्टाचार्य, ऋषिकेश मुखर्जी अनुष्का शर्मा, दीपिका पादुकोण, माधुुरी दीक्षित इत्यादि कई ऐसेेेे ब्राह्मण है जिन्होंने बॉलीवुड में बहुत बड़ी पहचान बनाई है।
रोहित शर्मा , सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ , सौरव गांगुली , सुनील गावस्कर , सुरेश रैना , वीवीएस लक्ष्मण , रवि शास्त्री, अनिल कुंबले , इशांत शर्मा ,आर अश्विन , जवागल श्रीनाथ , क्रिस श्रीकांत, दिलीप वेंगेस्कर , वेंकटेश प्रसाद , मनोज प्रभाकर , दिलीप सरदेसाई , जोगिंदर शर्मा , प्रज्ञान ओझा , अजीत अगरकर , चेतन शर्मा इत्यादि।
के.बी. हेडगेवार (RSS के संस्थापक), श्रीपद अमृत डांगे(भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सह संस्थापक), मंत्री श्यामा प्रसाद मुखर्जी। ( भारतीय जन संघ/ भाजपा के संस्थापक), वोमेश चंदर बनर्जी (सह-संस्थापक और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के पहले अध्यक्ष), एम. एस. गोलवलकर ( RSS के दूसरे प्रमुख) ऐसे कई Brahamins हैं जिन्हने राजनीति में रहकर देश निर्माण में योगदान दिया।
ममता बनर्जी, शीला दीक्षित, देवेंद्र फडणवीस, मनोहर जोशी, जगन्नाथ मिश्रा, हेमवती नंदन बहुगुणा, गोपीनाथ बोरदोलोई, जय नारायण व्यास, बी.जी खेर, मनोहर पर्रिकर, जयललिता जयरामन, वी.एन.जानकी, बिनोदानंद झा, सदाशिव त्रिपाठी, ई. एम. एस. नंबूदरीपाद, गोविंद बल्लभ पंत, तंगुतुरी प्रकाशम, तंगुतुरी प्रकाशम, सी. राजगोपालाचारी, बरगुला रामकृष्ण राव, पी. वी. नरसिम्हा राव, श्री कृष्ण सिन्हा, एन.डी. तिवारी, कमलापति त्रिपाठी।
शंकर दयाल शर्मा, प्रणब मुखर्जी, वी. वी. गिरि, रामास्वामी वेंकटरमन।
जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, मोरारजी देसाई, राजीव गांधी, पी.वी. नरसिम्हा राव, अटल बिहारी वाजपेयी।
1 कैलाश सत्यार्थी (2014 नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित
रवींद्रनाथ टैगोर (1913 साहित्य में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित)
2. सी. वी. रमन (1930 भौतिकी के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित)
3. सुब्रमण्यम चंद्रशेखर (अमेरिकी खगोल भौतिकीविद्, को 1983 में भौतिकी के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
4.वी.एस. नायपुल (2001साहित्य में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित)
रविशंकर, किशोर कुमार, जसराज, भीमसेन जोशी, शंकर महादेवन, एस.पी. बालसुब्रमण्यम
Last updated: 29/09/2021 1:36 pm
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