Religion

गंगोता (Gangota) समाज का इतिहास, गंगोता की उत्पति कैसे हुई?

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यह इतिहास 1891 मे लिखी गई किताब The Tribes and Castes of Bengal volume के आधार पर लिखी गई है.इस किताब के लेखक हैं H.H Risley.

गंगोता (Gangota) भारत में पाया जाने वाला एक जाति समुदाय है. इन्हें गंगोत्री (Gangotri) के नाम से भी जाना जाता है. सामाजिक स्थिति में यह कोइरी (Koeri), कुर्मी (Kurmi)  के समान हैं. यह पारंपरिक रूप से एक कृषक जाति है. जिनके पास जमीन है वह खेती बाड़ी करके अपना जीवन यापन करते हैं. जबकि भूमिहीन गंगोता खेतिहर मजदूर के रुप में काम करके अपना जीवन यापन करते हैं. इनमें से कई गंगोता जिनके पास कम जमीन है या भूमिहीन हैं, वह जमींदारों से जमीन लेकर बटाईदार (Sharecropping) के रूप में खेती करते हैं. बता दें कि बटाईदारी कृषि की एक व्यवस्था है जिसमें जमींदार या जमीन का मालिक एक किरायेदार को उसके जमीन पर उत्पादित फसलों के हिस्से के बदले में भूमि का उपयोग करने की अनुमति देता है. इनमें से कुछ ठेके पर जमीन लेकर भी खेती करते हैं.  आइए जानते हैं गंगोता समाज का इतिहास, गंगोता की उत्पति कैसे हुई?

गंगोता समाज एक परिचय

सकारात्मक भेदभाव की प्रणाली आरक्षण के अंतर्गत इन्हें भारत सरकार द्वारा अन्य पिछड़ा वर्ग (Other Backward Class, OBC) के केंद्रीय सूची (Central list) में रखा गया है. जबकि बिहार में इन्हें अत्यंत पिछड़ा वर्ग (Economically Backward Class) के रूप में वर्गीकृत किया गया है.यह मुख्य रूप से बिहार में पाए जाते हैं. यह हिंदू धर्म का पालन करते हैं. माता जगदंबा में इनकी विशेष आस्था है. साथ ही यह अन्य हिंदू देवी देवताओं की की पूजा करते हैं. यह हिंदू त्योहारों जैसे शिवरात्रि, होली, दिवाली, जन्माष्टमी, छठ आदि को बड़े धूमधाम से मनाते हैं. 19वीं शताब्दी के अंत में, यह समुदाय दो उप जातियों में विभाजित था-गंगाजी (Gangaji) और जाह्नवी (Jahnavi). पुनर्विवाह की अनुमति है. विधुर अपनी दिवंगत पत्नी की छोटी बहनों से विवाह कर सकते हैं. विधवाएं अपने दिवंगत पति के छोटे भाई से विवाह कर सकती हैं.

गंगोता शब्द की उत्पत्ति कैसे हुई?

एक प्रचलित मान्यता के अनुसार, संभवत इस जाति के नाम की उत्पत्ति “गंगा” (Ganges) शब्द से हुई है. गंगा नदी के किनारे बहुतायत संख्या में बसे होने के कारण इनका नाम गंगोता पड़ा.

पाठकों के राय

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Last updated: 17/06/2023 7:05 pm

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