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कोइरी (Koeri) जाति का इतिहास, कोइरी की उत्पत्ति कैसे हुई?

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कोइरी (Koeri, Koiry or Koiri) भारत में पाया जाने वाला एक जाति समुदाय है. यह एक मूल निवासी क्षत्रिय जाति है. परंपरागत रूप से यह प्रभावशाली जाति है. 1941 में छपी एक आधिकारिक रिपोर्ट में इस जाति की भूरी भूरी प्रशंसा की गई है. इन्हें बिहार में “सबसे उन्नत” कृषक के रूप में वर्णित किया है, जो अपनी आदतों में सरल, मितव्ययी और बागवानी कला में दक्ष होते हैं. साथ ही इन्हें भारत में कहीं भी सबसे उत्कृष्ट कृषकों में से एक माना गया है. आजादी के बाद बिहार, झाारखण्ड और उत्तर प्रदेश आदि राज्यों में राजनीतिक रूप से सक्रिय भूमिका निभाने लगे हैं. इनमें से कई अब अपने परंपरागत व्यवसाय कृषि को छोड़कर व्यापार, शिक्षा, चिकित्सा, सेना और पुलिस सेवा आदि में कार्यरत हैं. इन्हें सेना में शामिल होकर देश की रक्षा करना बहुत पसंद है.आइए जानते हैं कोइरी (Koeri) जाति का इतिहास, कोइरी की उत्पत्ति कैसे हुई?

कोइरी जाति की लड़कियां शादी समारोह में भाग लेती हुई

कोइरी जाति की वर्तमान परिस्थिति

भारत सरकार के सकारात्मक भेदभाव की प्रणाली आरक्षण के अंतर्गत इन्हें बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, मध्य प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के रूप में वर्गीकृत किया गया है. बिहार और उत्तर प्रदेश में इनकी बहुतायत आबादी है. बीबीसी में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में कोइरी समाज पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आगरा से लेकर पूर्वी उत्तर प्रदेश में गोरखपुर तक फैला हुआ है. उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, गाजीपुर, वाराणसी, मऊ, आजमगढ़, जौनपुर, मिर्जापुर, बस्ती, बलिया, महाराजगंज, प्रयागराज और कुशीनगर जिलों में इस समाज की अच्छी खासी आबादी है. इन क्षेत्रों में यह राजनीतिक रूप से मजबूत हैं और हार और जीत का निर्णय करते हैं. बिहार में इनकी अनुमानित आबादी 7-8% है. राज्य के लगभग हर जिले में इनकी अच्छी खासी आबादी है. राज्य में मुसलमानों (17%), दलितों (15%) और यादवों (14 %) के बाद यह चौथा सबसे बड़ा जाति समूह है. राजनीतिक जानकारों के अनुसार, बिहार की 40 लोकसभा सीटों में से 15 से 20 पर उनका दबदबा है.भारत के बाहर, मॉरीशस और नेपाल में भी इनकी महत्वपूर्ण आबादी है. अधिकांश कोइरी  हिंदू धर्म का पालन करते हैं. यह हिंदी, भोजपुरी और नेपाली भाषा बोलते हैं. यह कई उपनाम का प्रयोग करते हैं. कोइरी समुदाय द्वारा प्रयोग किया जाने वाला प्रमुख उपनाम है- शाक्य सैनी, मेहता, मौर्य, रेड्डी, महतो, वर्मा और कुशवाहा.

कोइरी की उत्पत्ति कैसे हुई?

कोइरी भगवान राम के पुत्र कुश से अपनी उत्पत्ति का दावा करते हैं. एक अन्य मान्यता के अनुसार, यह गौतम बुध के वंशज हैं. कोइरी समाज में कई प्रसिद्ध लोगों ने जन्म लिया है, जिनमें प्रमुख हैं- उपेन्द्र कुशवाहा, केशव प्रसाद मौर्य, बाबू सिंह कुशवाहा, महाबली सिंह, सम्राट चौधरी, संघमित्रा मौर्या
स्वामी प्रसाद मौर्य, बाबा सत्यनारायण मौर्य.


References: 

India’s Silent Revolution: The Rise of the Lower Castes in North India
Christophe Jaffrelot

https://www.bbc.com/hindi/india-59967724

https://www.patrika.com/elections-news/resignation-of-swami-prasad-and-dara-singh-chouhan-big-blow-to-bjp-in-purvanchal-7273404/

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