कतर ने आठ पूर्व भारतीय नौसैनिक अधिकारियों को रिहा कर दिया है, जिन्हें पहले इजरायल के लिए जासूसी करने के आरोप में मौत की सजा सुनाई गई थी। दिल्ली के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को इसके लिए दोहा को धन्यवाद दिया और बताया कि इन आठ पूर्व भारतीय नौसेना अधिकारियों में से सात पहले ही भारत लौट आए हैं। हालांकि पूर्व नौसैनिक की गिरफ्तारी, दोषसिद्धि और सजा से संबंधित विवरण अस्पष्ट हैं, लेकिन इसे लोकसभा चुनाव से ठीक पहले भारत सरकार और विशेष रूप से प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के लिए एक बड़ी कूटनीतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है। इस बीच एक पाकिस्तानी एक्सपर्ट ने अपने प्रधानमंत्री मोदी को लेकर कुछ ऐसा कहा है जिसकी खूब चर्चा हो रही है।
आपको बता दें कि पूर्व भारतीय नौसैनिक अधिकारियों को कथित तौर पर अगस्त 2022 में गिरफ्तार किया गया था। उन पर पनडुब्बी से जुड़ी संवेदनशील जानकारी कथित तौर पर इजरायली खुफिया एजेंसी को देने का आरोप था। देश में उस वक्त हंगामा मच गया जब 26 अक्टूबर 2023 को जासूसी के आरोप में 8 पूर्व भारतीय नौसैनिकों को मौत की सजा सुनाई गई। हालाँकि, न तो कतर और न ही भारत ने इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि की। कतर में आठ पूर्व भारतीय नौसेना कर्मियों को मौत की सजा दिए जाने के बाद कांग्रेस ने मोदी सरकार की विदेश नीति की आलोचना की थी और केंद्र सरकार से अपील की थी कि भारत को अपने राजनयिक और राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल करके इन भारतीयों की रिहाई सुनिश्चित करें।
इस मुद्दे पर नरेंद्र मोदी के कट्टर विरोधी पत्रकार रवीश कुमार का जिक्र करना जरूरी है। इस मसले पर उन्होंने क्या कहा, ये बताना और समझना जरूरी है। उन्होंने बिना किसी सबूत के केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया था. उन्होंने कहा था, ”यह कोई सामान्य मामला नहीं है. एक तो ये सभी भारतीय नौसेना के रिटायर लोग हैं, दूसरे इन पर इजराइल के लिए जासूसी करने का आरोप है। उन पर लगे आरोपों की सही जानकारी किसी के पास नहीं है, इसमें भारत सरकार भी शामिल है। पांच महीने पहले विदेश मंत्री का बयान था कि हम आरोपों की पूरी तस्वीर को लेकर स्पष्ट नहीं हैं। सवाल उठ रहे हैं कि क्या भारत सरकार के पास इन सभी को मौत की सजा से बचाने का कोई विकल्प बचा है? कतर के साथ भारत के रिश्ते अच्छे हैं लेकिन उतने अच्छे नहीं हैं जितने यूएई और सऊदी अरब के साथ बताए गए हैं।”
इससे पता चलता है कि सिर्फ राजनीतिक दल के लोग ही नहीं बल्कि पत्रकारों का एक वर्ग भी है जो मोदी विरोध में इतना अंधा हो गया है कि मोदी को घेरने के लिए हर हद तक जा जाता है। मोदी का विरोध करते हुए उन्हें इस बात की चिंता नहीं है कि उनके बयानों से भारत की छवि खराब हो सकती है, और उन्हें भारत की क्षमताओं पर कोई भरोसा नहीं है। कांग्रेस ने आठ पूर्व नौसेना अधिकारियों की रिहाई और उनकी घर वापसी पर खुशी तो जताई लेकिन केंद्र सरकार के प्रयासों की किसी भी तरह से सराहना नहीं की। भारत की इस कूटनीतिक जीत पर रवीश कुमार जैसे पत्रकारों ने भी चुप्पी साध ली। लेकिन इस मुद्दे पर पाकिस्तानी विशेषज्ञ डॉ. कमर चीमा ने कुछ ऐसा कहा कि सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा होने लगी। आइये जानते हैं कमर सीमा ने क्या कहा।
पाकिस्तान के राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञ कमर चीमाकमर चीमा ने इस मुद्दे पर मोदी सरकार की तारीफ की और कहा कि कतर में ‘मोदी मैजिक’ काम कर गया है। कतर में 8 पूर्व नौसैनिकों पर गंभीर आरोप लगे थे जिसके बाद उन्हें मौत की सजा सुनाई गई थी। ऐसा लग रहा था कि ये लोग फिर कभी भारत नहीं लौट पाएंगे। लेकिन नरेंद्र मोदी हैं तो सबकुछ मुमकिन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कतर के अमीर से अच्छे रिश्ते हैं। इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी ने कतर के अमीर से खास बातचीत की, जिसके बाद पूर्व नौसैनिकों की रिहाई संभव हो सकी। भारत में चुनाव से पहले ये पीएम मोदी की बड़ी कूटनीतिक जीत है।
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