कुशवाहा भारत में पाई जाने वाली एक महत्वपूर्ण जाति है. यह समुदाय व्यापक रूप से पूरे भारत में फैला हुआ है. बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब और उत्तराखंड आदि राज्यों में इनकी उपस्थिति है. यूपी- बिहार जैसे राज्यों में यह राजनीतिक रूप से अत्यंत ही प्रभावशाली हैं और चुनाव में हार और जीत का फैसला करते हैं. यहां एक महत्वपूर्ण सवाल उठता है कि पूरे भारत में कुशवाहा की जनसंख्या कितनी है.
यह एक पेचीदा सवाल है. कारण यह है कि भारत के अधिकांश राज्यों में कुशवाहा जाति को अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के रूप में वर्गीकृत किया गया है. भारत में जातीय जनगणना (Caste census) की मांग काफी समय से हो रही है. आपको यह जानकर हैरानी होगी कि देश में जाति आधारित जनगणना आजादी से पहले साल 1931 में की गई थी. साल 1951 से 2011 तक की जनगणना में हर बार अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की गणना की गई, लेकिन OBC और दूसरी जातियों का नहीं. इसके परिणामस्वरूप हमें
1931 के जातीय जनगणना के आधार पर विभिन्न जातियों की आबादी के बारे में अनुमान लगाना पड़ता है. मंडल आयोग के रिपोर्ट के अनुसार, भारत में ओबीसी की आबादी 52% है. आइए, मूल प्रश्न पर आते हैं कि भारत में कुशवाहा की जनसंख्या कितनी है. कुशवाहा समाज से आने वाले और बिहार सरकार में मंत्री रहे सम्राट चौधरी के एक दावे के अनुसार, पूरे भारत में कुशवाहा समुदाय की जनसंख्या 17% है अगर इस दावे को सही मान लिया जाए तो विश्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार साल 2020 में भारत की आबादी 138 करोड़ थी इस प्रकार से, भारत में कुशवाहा समाज की जनसंख्या 23-24 करोड़ के बीच हो सकती है.वहीं इंटरनेट पर मौजूद कई स्रोतों के अनुसार, भारत में कुशवाहा समाज की जनसंख्या 9 -10 करोड़ के बीच हो सकती है याद रखिए, ओबीसी (और सामान्य वर्ग) की जातियों की जनसंख्या की विश्वसनीय जानकारी जातीय जनगणना के आंकड़ों से ही संभव है. फिर भी, आइए देश के कुछ महत्वपूर्ण राज्यों के आंकड़ों के विश्लेषण से पूरे भारत में कुशवाहा जाति की जनसंख्या की तस्वीर को स्पष्ट रुप से समझने का प्रयास करते हैं.
राज्य में मुसलमानों (17%), दलितों (15%) और यादवों (14%) के बाद यह चौथा सबसे बड़ा जाति समूह हैं. बिहार की 40 लोकसभा सीटों में से 15-20 पर इनका दबदबा है. अनुमान के मुताबिक, कुशवाहा राज्य की कुल जनसंख्या का 7-8% है वर्तमान में (2022 में), बिहार की अनुमानित जनसंख्या लगभग 13 करोड़ है. इस प्रकार से, बिहार में कुशवाहा समाज की आबादी 90 लाख से 1 करोड़ के बीच हो सकती है.
अगर 1931 की जातीय जनगणना के आधार पर देखा जाए तो वर्तमान में उत्तर प्रदेश राज्य में इस समाज की आबादी लगभग 6 से 8 प्रतिशत है . उत्तर प्रदेश की अनुमानित जनसंख्या लगभग 25 करोड़ (2022) है. इस प्रकार से, उत्तर प्रदेश में कुशवाहा समुदाय की जनसंख्या 1.5 करोड़ से 2 करोड़ के बीच हो सकती है.
एक दावे के अनुसार, झारखंड में 15 प्रतिशत आबादी कुशवाहा जाति की है . झारखंड की अनुमानित आबादी लगभग 4 करोड़ (2022) है. इस प्रकार से, यहां कुशवाहा जाति की कुल जनसंख्या लगभग 60 लाख हो सकती है.
2022 में राजस्थान की अनुमानित आबादी 8.3 करोड़ है. यहां कुशवाहा जाति के कई संगठन इस बात का दावा करते हैं कि राज्य की आबादी में सैनी, कुशवाहा, शाक्य और मौर्य समाज का 12% योगदान है. इस हिसाब से राज्य में इस समुदाय की आबादी 1 करोड़ के आसपास हो सकती है.
References;
(A).
https://www.aajtak.in/india/politics/story/caste-census-in-state-government-nitish-akhilesh-karnataka-model-narendra-modi-obc-ntc-1334380-2021-09-30
(B).
https://m.thewire.in/article/politics/uttar-pradesh-polls-no-yadav-obc-votes/amp
(C ).
(D).
https://www.prabhatkhabar.com/state/bihar/jamui/274453
(F).
(G)
https://joshuaproject.net/people_groups/17236/in
(I).
https://datacommons.org/place/country/IND?utm_medium=explore&mprop=count&popt=Person&hl=en
Last updated: 27/06/2023 10:15 am
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