भारत में कोरोना वायरस अपना जाल फैलाना शुरू कर दिया है। सरकार जो भी बन रही है वो कर रही है। कोरोना संकट कितना गंभीर है इसका इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि पूरे दुनिया में इस वायरस के 34000 लोग शिकार हो चुके हैं और 5 लाख से ज्यादा लोग इस वायरस से संक्रमित हो चुके हैं। इस मुश्किल हालात में भी कुछ नेता, कुछ बिके हुए पत्रकार, पैसे के बल पर खड़े किए लोग राजनीति करने और सरकार की टांग खींचने में ही लगे हैं।
जब से मोदी प्रधानमंत्री बने हैं मोदी विरोधी लाॅबी पहले पार्ट टाइम और अब फुल टाइम बस एक मौका खोज रहें है की मोदी अब तो गयो। उनके लिए परेशानी की बात ये है कि उन्हे कोई ऐसा बड़ा मौका मिल ही नहीं रहा है। खैर इसमें कोई बड़ी बात नहीं विपक्षी पार्टी सरकार के सबसे बड़ी आलोचक होती है वे सरकार की गलत योजनाओं का विरोध करती है और उसे ऐसा करना भी चाहिए। अब सवाल उठता है कि हर काम का विरोध, तुम जो भी करों हम विरोध ही करेंगे। ये देखे बिना की मुद्दा कितना संवेदनशील है वे बस विरोध और बस विरोध करनें में लगे हैं। कोरोना संकट आया लाॅक डाउन हुआ और विपक्षी पार्टी, बिके हुए पत्रकार , खरीदें गए बुद्धिजीवी और कुछ नासमझ लोग लाॅक डाउन के विरोध करने में लग गए। नेता लोग इसे नोटबंदी से तुलना करने लगें।
कुछ दिन बितें विरोधीयों को समझ आया लाॅक डाउन तो जरूरी था तो अब वो क्या करते। टीवी पर आकर tweet कर लाॅक डाउन को सही ठहराना शुरू कर दिया। अब यह मुद्दा भी हाथ से गया, तो अब क्या? टांग खींचने के अपने रणनीति पर तेजी से काम करना शुरु कर दिया। कोई मुद्दा नहीं मिला तो वे लाॅक डाउन फेल करने पर लग गए।
मीडिया मे कुछ खबरें आ रही है जिसकों माने तो मजदूरों का पलायन लाॅक डाउन फेल करने की साजिश थी। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली में रहने वाले उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों के बिजली पानी कनेक्शन काट दिए गए। उन्हे बिजली पानी के लिए तरसाया गया। उन्हे मजबूर किया गया की वे दिल्ली खाली कर दें।
दिल्ली बीजेपी के नेता ने tweet कर एक विडियो जारी किया। इस विडियो में दिल्ली के बस्तियों में माइक से अनाउंसमेंट कर अफवाह फैलाया जा रहा था। उन्हे यह बताया जा रहा था कि आनंद विहार के लिए बस जा रही हैं, वहां से आगे यूपी बिहार के लिए बस मिलेगी। कपिल मिस्र के इस tweet के अनुसार सोते हुए लोगों को उठा उठाकर बसों से बॉर्डर पर भेजा गया।
सरकार एक्शन में आई और दिल्ली के चार अधिकारीयों पर कारवाई किया है। दो अधिकारीयों को सस्पेंड और बांकी दो को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
Last updated: 30/03/2020 4:12 am
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