पटेल-पाटीदार (Patel-Patidar) भारत में पाई जाने वाली एक महत्वपूर्ण जाति है. आइए जानते हैं पटेल जाति का गोत्र क्या है?
मुख्य विषय पर आने से पहले यहां यह उल्लेख करना अनिवार्य है कि पटेल सिर्फ एक जाति नहीं है बल्कि यह पारंपरिक रूप से जमींदारों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली उपाधि/पदवी (Title) का भी प्रतिनिधित्व करता है. यानी कि यानी पटेल जमींदारों का एक टाइटल है. बड़े जमींदार विशेष रूप से गुजरात के पाटीदार और कोली, उत्तर प्रदेश और बिहार के कुर्मी यहां तक की मुस्लिम जमींदारों द्वारा भी इस टाइटल का प्रयोग किया जाता है. इस लेख में हम पाटीदारों की बात कर रहे हैं. पाटीदार/ पटेल पारंपरिक रूप से एक जमींदार और कृषि प्रधान जाति है. गुजरात में इनकी बहुतायत आबादी है. यह समुदाय भारत में व्यापक रूप से वितरित है और भारत के 22 से अधिक राज्यों में इनकी उपस्थिति है. मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान आदि राज्यों में भी इनकी उल्लेखनीय आबादी है. पटेल उपनाम इनमें काफ़ी इस्तेमाल होता है. पटेल पाटीदार गुजरात में प्रमुख जातियों में से एक हैं. कहा जाता है कि इनकी उत्पत्ति गुजराती कुनबी से हुई जिन्होंने ब्रिटिश राज के दौरान अपनी पहचान को फिर से स्थापित किया. इस समुदाय के लोग भगवान श्री राम के पुत्रों लव और कुश से अपनी वंशावली का दावा करते हैं. खुद को भगवान श्री राम का वंशज बताने वाला यह समुदाय गुजरात में सियासी ताकत रखता है. यहां इनकी आबादी लगभग 15% है और यह पूरे गुजरात में फैले हुए हैं. यह समुदाय कई उप जातियों में विभाजित है जिसमें प्रमुख हैं-लेउवा पटेल और कड़वा पटेल. आइए अब पाटीदार-पटेल के गोत्र बारे में जानते हैं.
हिंदू धर्म में जाति को पितृवंशीय गोत्र में विभाजित किया गया है जो सैद्धांतिक रूप से आपस में समान स्थिति वाले हैं, हालांकि व्यवहार में कुछ गोत्र दूसरों की तुलना में अधिक शक्तिशाली होते हैं. पाटीदार-पटेल में भी कई गोत्र पाए जाते हैं. पाटीदार-पटेल के गोत्र के बारे में अलग-अलग बातें कहीं जाती हैं. कुछ लोगों का मानना है कि पाटीदार जाति का गौत्र कश्यप है, कश्यप ऋषि ब्रह्मा के पौत्र ऋषि मरिची के पुत्र थे. कहा जाता है कि समस्त कूर्मक्षत्रियों का गौत्र कश्यप ही है. पदवी परिचय नामक पुस्तक में उल्लेख किया गया है कि लेवा पाटीदार पटेल का गोत्र गौतम और मरीच है और इनकी कुल देवी महालक्ष्मी हैं. पाटीदार-पटेल समुदाय के लोग बताते हैं कि इन में पाए जाने वाले प्रमुख गोत्र इस प्रकार हैं- भार्गव, गौतम, पाराशर, अंगिरा, वशिष्ठ, विश्वामित्र, लोकाक्ष, शांडिल्य, मारीच, भारद्वाज, मार्कंडेय और अगस्ती.
References;
By Dr. Prabir Kumar Das
Last updated: 11/04/2023 10:27 am
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