भारतीय संस्कृति दुनिया की सबसे पुरानी और समृद्ध संस्कृतियों में से एक है. भारतीय संस्कृति की विशेषता यह है कि जहाँ अन्य देशों की संस्कृतियां समय के साथ नष्ट होती रही है, वहीं भारत की संस्कृति अपने मूल रूप में अपना अस्तित्व बनाये रखने में सफल रही है. हजारों वर्षों के अपने लंबे इतिहास में, भारत कई राजवंशों के उत्थान और पतन का साक्षी रहा है. भारत में कई शक्तिशाली और पराक्रमी राजा हुए जिन्होंने न केवल भारत पर बल्कि उसके बाहर की सीमाओं पर भी शासन किया. इसी क्रम में यहां हम जानेंगे, नाई जाति के राजा कौन थे?
प्राचीन भारत में कई प्रसिद्ध राजवंश हुए जैसे महाजनपद, नंद वंश, मौर्य वंश, पांड्य वंश, चेर वंश, चोल वंश, पल्लव वंश, चालुक्य वंश आदि. इन राजवंशों में कई शक्तिशाली राजा हुए हैं जिन्होंने लंबे समय तक भारत के बड़े भूभाग पर शासन किया. इनमें से कुछ साम्राज्य इतने विशाल थे कि उनका विस्तार भारत की वर्तमान सीमाओं से परे था. इसमें से नंद वंश नाई जाति के गौरवशाली इतिहास का प्रतीक है. नंद वंश के शासकों ने एक विशाल साम्राज्य का निर्माण किया था. सभी भारतीय और विदेशी साक्ष्य नंदो को तत्कालीन महत्वपूर्ण क्षत्रिय नाई (न्यायी) होने का प्रमाणित करते हैं.
महापद्म नंद ने शिशुनाग वंश को समाप्त कर मगध राज्य पर अधिकार कर लिया और नंद वंश (345-321 ईसा पूर्व) की स्थापना की. महापद्म नंद नाई जाति के थे. सम्राट महापद्म नंद ने मगध को एक विशाल साम्राज्य में बदल दिया. नंद वंश के समय में मगध की शक्ति अपने चरमोत्कर्ष पर पहुँच चुकी थी. महापद्म नंद के बाद उनके आठ पुत्रों ने शासन किया. धनानंद अंतिम नंद शासक थे. उनके शासनकाल में नन्दवंश का साम्राज्य अपनी चरम अवस्था में था और इसकी सीमाएं वर्तमान बांग्लादेश, नेपाल और पाकिस्तान तक फैली हुई थी.
बौद्ध, जैन और पुराणिक परंपराओं में कहा गया है कि नंद वंश में 9 राजा हुए. नंद वंश के राजाओं या नाई जाति के राजाओं की सूची इस प्रकार है-
1.महापद्म नंद/उग्रसेन
2.पण्डूक
3.पाण्डुगति
4.भूतपाल
5.राष्ट्रपाल
6.गोविषाणक
7.दशसिद्धक
8.कैवर्त
9.सम्राट घनानंद
References:
•स्मिथ, वीए. द अर्ली हिस्ट्री ऑफ इंडिया.
•Irfan Habib & Vivekanand Jha 2004, p. 13.
•Upinder Singh 2008, p. 273.
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