माता रानी ये वरदान देना,बस थोड़ा सा प्यार देना,आपकी चरणों में बीते जीवन सारा ऐसा आशीर्वाद देना। आप सभी को नवरात्रि की शुभकामनाएं। नव दुर्गा का पहला रूप शैलपुत्री देवी का है। ये माता पार्वती का ही एक रूप हैं हिमालयराज की पुत्री होने के कारण इन्हें शैलपुत्री भी कहा जाता है। नवरात्रि के पहले दिन मां के शैलपुत्री रूप का पूजन होता है. Jankaritoday.com अब Google News पर। अपनेे जाति के ताजा अपडेट के लिए Subscribe करेेेेेेेेेेेें।
 

Last Updated on 18/12/2021 by Sarvan Kumar

हमारा देश भारत विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में लगातार आगे बढ रहा है। नित नये खोजों से भारतीय वैज्ञानिक देश को नये -नये उपकरणों से सुसज्जित कर रहे हैं। वैज्ञानिकों के लिए भारतीय लोगों के मन में गहरा सम्मान है। आइये जानते हैं कुुछ वैज्ञानिकों के बारे में जो विज्ञान के क्षेत्र में भारत को आगे बढ़ाया।

आर्यभट्ट

आर्यभट्ट प्राचीन भारत के प्रसिद्ध वैज्ञानिक, ज्योतिष, गणितज्ञ और खगोल विज्ञानी थे। इनका हर खोज पूरे विश्व के लिए वरदान साबित हुआ. शून्य के अविष्कार के साथ त्रिकोणमिति, बीजगणित और संख्या पद्धति के क्षेत्र मेें जबरदस्त काम किया। आज से हजारो साल पहले बिना किसी आधुनिक तकनीक के अपने ज्योतिष विद्या की मदद से सबसे पहले यह साबित कर दिया था कि धरती अपने अक्ष पर घूमती है।

जगदीश चंद्र बसु

जगदीश चंद्र बसु पहले वैज्ञानिक थे, जिन्होने रेडियो और सूक्ष्म तरंगो की प्रकाशिकी पर कार्य किया। इन्हे रेडियो विज्ञान का जनक भी कहा जाता है। जगदीश चंद्र बसु के ही एक छात्र, सत्येन्द्र नाथ बोस थे जो आगे चलकर प्रसिद्ध भौतिक शास्त्री बने।

सत्येन्द्र नाथ बोस

भौतिक शास्त्र में दो प्रकार के अणु माने जाते हैं:-बोसाॅन और फर्मियान। बोसाॅन सत्येन्द्र नाथ बोस के नाम पर रखा गया है। वे कण जो बोस-आइंस्टीन साँख्यिकी का पालन करते हैं, बोसॉन कहलाते हैं। बोस तथा आइंस्टीन ने मिलकर इस सांख्यिकी का निर्माण किया था तथा 1920 मे सत्येन्द्र नाथ बोस द्वारा बोस-आइंस्टीन सांख्यिकी प्रतिपादित किया गया था।

सी.वी रमण

सी.वी रमण का पूरा नाम चंद्रशेखर वेंकेटरमण था। Scattering of light के क्षेत्र में इन्होने उत्तकृष्ट कार्य किया और इसमें एक महत्वपूर्ण खोज भी किया जो Raman Effect के नाम से प्रसिद्ध हुआ। इसके लिए उन्हे 1930 मे नोबेल पुरस्कार मिला।

मेघनाद शाह

मेघनाद शाहा भारत के सुप्रसिद्ध खगोल विज्ञानी थे।इन्होने साहा समीकरण का प्रतिपादन किया था। उनकी अध्यक्षता में गठित विद्वानों कि एक समिति ने भारत के राष्ट्रीय शक पंचांग का भी संशोधन किया, जो 22 मार्च 1957 (1 चैत्र 1879 शक) से लागू किया गया।

कुछ और प्रसिद्ध भारतीय वैज्ञानिक 

(1) विक्रम साराभाई: अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र मेें और भारत मेंं Satellite टेलीविजन प्रसारण के क्षेत्र मेें काम किया।

(2) डा.होमी जहांगीर भाभा: परमाणु क्षेत्र मेंं  काम किया।

(3). सतीश धवन: विज्ञान और आभियंत्रिकी के क्षेत्र मेें काम किया।

(4) राजा रमन्ना: परमाणु वैज्ञानिक राजा रमन्ना को भारत सरकार ने 1973 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया था।

(5) ए.पी.जे अब्दुल कलाम: कलाम मिसाइल मैन के नाम से  जाने जाते हैं।

 

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