NEET की तैयारी करने वाले बच्चों के मन में यह question बार-बार आता है कि Can I crack NEET in 1 year from zero level. चिकित्सा हमेशा से एक सम्मानित और आकर्षक career option रहा है. लेकिन हर साल उम्मीदवारों की बढ़ती हुई संख्या और देश में MBBS की कम सीट होने के कारण सभी इच्छुक छात्र डॉक्टर बनने के सपने को पूरा नहीं कर पाते. आइए जानते हैं Medical Entrance Exams की तैयारी कैसे करें.
नीचे दिए गए 8 Tips का पालन करके आप आसानी से NEET (MBBS entrance exam) crack कर सकते हैं-
MBBS परीक्षा की तैयारी के लिए सबसे महत्वपूर्ण यह है कि आप अपने syllabus से अच्छी तरह से परिचित हों. आपको पता होना चाहिए कि आपको क्या पढ़ना है, किस book से पढना है , कितना पढ़ना है, और Exam का Pattern क्या है. इससे आपको तैयारी करने में मदद तो मिलेगी, साथ में आपका Confidence भी बढ़ेगा. NEET का syllabus पूरी तरह से NCERT के कक्षा 11 और कक्षा 12 के किताबों पर आधारित है. NCERT की किताबें आपकी तैयारी की सीमा निर्धारित करती हैं. इसीलिए NCERT की Class 11 और Class 12 की Biology, Physics और Chemistry की किताबों को अच्छी तरह से पढ़ें. केवल numericals और कुछ particular topics को समझने के लिए ही दूसरी किताबों का सहारा लें. आमतौर पर, Random books और मोटे मोटे reference books के चक्कर में ना पड़े.
अधिकांश छात्र जैसे तैसे syllabus तो cover कर लेते हैं, लेकिन revision करने पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं देते. याद रखिए, आप कितना भी पढ़ लें, लेकिन बिना Revision किये आप की तैयारी पूरी नहीं हो सकती. बार-बार Revision करना आप की तैयारी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होना चाहिए. बार-बार Revision करने से उस subject पर आपकी पकड़ मजबूत हो जाती है. आप उन गलतियों को पहले ही पकड़ लेते हैं जो आप आमतौर पर Exam में करते हैं. इससे आपके Selection का चांस बढ़ जाता है. एक महत्वपूर्ण सवाल उठता है कि कितनी बार रिवीजन करें. इस सवाल का कोई सीधा और स्पष्ट उत्तर नहीं हो सकता. लेकिन केवल 2-3 बार Revision करना काफी नहीं है. आप अपनी जरूरत और समय की उपलब्धता के अनुसार रिवीजन करें. कई टॉपर्स इंटरव्यू में कह चुके हैं कि उन्होंने पूरे syllabus का 10 से 15 बार Revision किया है.
MBBS/NEET परीक्षा में सफल होने के लिए यह जरूरी है कि आपकी तैयारी Balanced हो. अपने जरूरतों के हिसाब से पढ़े, ना कि व्यक्तिगत पसंद और सहूलियत के अनुसार. NEET की तैयारी करने वाले अधिकांश छात्र यह गलती करते हैं कि Biology को आवश्यकता से अधिक पढ़ते (over-reading)हैं, जबकि Physics और Chemistry पर पर्याप्त ध्यान नहीं देते हैं. इसके कारण वह NEET परीक्षा के लिए खुद को पूरी तरह से तैयार नहीं कर पाते. इसीलिए अपने कमजोर subject या topics पर ज्यादा ध्यान दें और अपने निरंतर प्रयास से उन कमजोरियों को दूर करते रहें.
NEET एक बहुत हीं competitive exam है. डॉक्टर बनने का सपना लेकर हर साल लाखों छात्र इसमें appear होते हैं. प्रतियोगिता के स्तर को देखते हुए candidate को, अनिवार्य रूप से, एक दिन में कम से कम 8 घंटे study करनी चाहिए. याद रखें, दुनिया में ऐसी कोई परीक्षा नहीं है जिसे आप रोजाना 8 घंटे लगातार अध्ययन करने पर क्रैक नहीं कर सकते. बस इस consistency को maintain करने की जरूरत है.
सभी छात्र के पास 24 घंटे ही होते हैं. एक टॉपर बन जाता है तो दूसरा Exam clear नहीं कर पाता है. अधिकतर मामलों में, दोनों में फर्क केवल Time Management का होता है. इसीलिए बेहतर तैयारी के लिए एक व्यवहारिक टाइम टेबल बनाएं. Time table बनाने से आपको अपने समय को manage करने और रिकॉर्ड रखने में मदद मिलेगी. टाइम टेबल unrealistic नहीं होना चाहिए, जिसका आप पालन ही नहीं कर पाएं. अपने लिए daily और weekly target निर्धारित करें और उन्हें प्राप्त करने का प्रयास करें. बीच-बीच में ब्रेक जरूर लें. इससे आपका दिमाग फ्रेश रहेगा और आप efficiency के साथ पढ़ाई कर पाएंगे.
Distractions का अर्थ वैसे चीजों से हैं जो आपको ध्यान केंद्रित करने से रोकती हैं. Concentration के अभाव में आप कोई भी काम ठीक से नहीं कर सकते हैं. आज के समय में Student के लिए सबसे बड़ा Distraction cell phone और सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और व्हाट्सएप है. कई टॉपर्स ने इस बात को स्वीकार किया है कि उन्होंने तैयारी के दौरान सेल फोन और सोशल मीडिया के इस्तेमाल से दूरी बना ली थीं.
पिछले कुछ सालों के प्रश्न पत्रों को हल करना आप की तैयारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है, इसे नजरअंदाज ना करें. इससे आपको परीक्षा के पैटर्न और Questions के difficulty level को समझने में आसानी होगी. पिछले 10 साल के question bank निर्धारित समय में solve करने की प्रैक्टिस करें. ऐसा करने से करने से आपका Confusion दूर होगा, Exam को लेकर डर कम होगा और आत्मविश्वास बढ़ेगा.
आमतौर पर, आपके डर की जड़ें आपकी कमजोरियों में होती हैं. इसीलिए अपने strengths and weaknesses को पहचानें. एक बार जब आप इसका पता लगा लें तो अपनी समस्याओं पर काम करना शुरू करें. इससे आपका डर अपने आप खत्म हो जाएगा. अपनी परेशानी का कारण समझें. अनावश्यक खुद का, परिवार का या समाज का अनावश्यक Pressure ना लें. अगर किसी प्रकार का confusion हो, तो अभिभावक और शिक्षकों की सलाह और मार्गदर्शन लें. NEET की तैयारी करना एक मैराथन के लिए दौड़ने जैसा है. इसके लिए लंबी अवधि की तैयारी की आवश्यकता होती है. ऐसे में तनाव होना काफी स्वाभाविक है. इसीलिए धैर्य रखें. अपने लिए समय निकालें. तनाव कम करने के लिए एक स्वस्थ जीवन शैली बनाए रखें. संतुलित भोजन करें, पर्याप्त नींद लें, नियमित रूप से शारीरिक व्यायाम और ध्यान करें.
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Last updated: 22/04/2022 7:10 am
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