भारत के विभिन्न क्षेत्रों में खाए जाने वाले भोजन में बहुत विविधता है. भारत में विभिन्न समुदायों की खान-पान की आदतें अलग-अलग हैं. इन आदतों को निर्धारित करने वाला कोई एक नियम नहीं है.
लेकिन भारतीय खानपान पर भूगोल, विदेशी प्रभाव, जलवायु, धार्मिक मान्यताओं जैसे कई कारकों का प्रभाव रहा है. हिंदू धर्मावलंबी शाकाहारी और मांसाहारी दोनों होते हैं. इसी क्रम में हम यहां जानेंगे कि क्या उत्तराखंड के ब्राह्मण मांस खाते हैं.
भारत के उत्तरी भाग में स्थित उत्तराखंड एक ऐसा राज्य है जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और खूबसूरत घाटियों के लिए प्रसिद्ध है. राज्य में कई प्रसिद्ध हिंदू मंदिर और तीर्थ स्थल हैं. इसीलिए उत्तराखंड को देवभूमि भी कहा जाता है. उत्तराखंड में ब्राह्मणों की बहुतायत आबादी है. राज्य का अधिकांश भाग वृहत हिमालय श्रृंखला का हिस्सा है, जो हिमालय की ऊंची चोटियों से आच्छादित है. उत्तराखंड की जलवायु, इसकी स्थलाकृति और ऊंचाई के साथ बदलती रहती है, लेकिन यह क्षेत्र ठंडे जलवायु क्षेत्र की श्रेणी में आता है.
ठंडे प्रदेशों में लोग मांसाहारी भोजन अधिक करते हैं क्योंकि इसमें वसा अधिक होती है, जो शरीर को गर्म रखने में सहायक होती है. तो क्या उत्तराखंड के लोग सिर्फ मांस खाते हैं? भारत के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा वर्ष 2014 में एक रिपोर्ट जारी की गई थी. इस रिपोर्ट में बताया गया कि पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में केवल 25.5% पुरुष और 29.2% महिलाएं शाकाहारी हैं. यानी उत्तराखंड में 74.5% पुरुष और 70.8% महिलाएं मांसाहारी हैं. यानी उत्तराखंड की ज्यादातर आबादी मांसाहारी भोजन का सेवन करती है.
आइए अब मुख्य विषय पर आते हैं और जानते हैं कि क्या उत्तराखंड के ब्राह्मण मांस खाते हैं. अपनी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार उत्तराखंड के ब्राह्मण शाकाहारी होने के साथ-साथ मांसाहारी भी होते हैं. बंगाली ब्राह्मणों की तरह उत्तराखंड के ब्राह्मण भी मांस खाने से परहेज नहीं करते हैं. जलवायु परिस्थितियों के कारण उत्तराखंड में रहने वाले ब्राह्मण आमतौर पर मांसाहारी होते हैं.
References:
•https://pauri.nic.in/hi/
•https://timesofindia.indiatimes.com/city/dehradun/is-ukhand-one-of-the-topmost-meat-consumers-in-north-india/articleshow/52944796.cms
Last updated: 28/06/2023 9:38 am
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