चाहे दैनिक जीवन हो या सामाजिक व्यवस्था या राजनीति, जाति या जाति व्यवस्था बिहारी समाज के हर क्षेत्र को प्रभावित करती है. हालांकि अलग-अलग आंकलनों में विभिन्न जातियों की अलग-अलग संख्या बताई जाती है, लेकिन फिर भी आइए जानते हैं मोटे तौर पर बिहार में किस जाति की कितनी जनसंख्या है तथा बिहार में सबसे ज्यादा किस जाति की जनसंख्या है.
पिछड़ी जातियों में अन्य पिछड़ी जातियां (OBC) और अत्यंत पिछड़ी जातियां (EBC) शामिल हैं. बिहार में लगभग 130 अत्यंत पिछड़ी जातियाँ (EBCs) हैं. पिछड़ी जातियाँ बिहार की कुल जनसंख्या का 48-50% हैं. इसमें यादव 16% हैं. जनसंख्या के लिहाज से यह बिहार की सबसे बड़ी जाति है. पिछड़े वर्ग की अन्य जातियों की बात करें तो कुर्मी 4%, धानुक 3.5%, कुशवाहा (कोईरी, कच्छी, मुराव आदि) 8-9% हैं.
अगड़ी जातियाँ बिहार की कुल जनसंख्या का लगभग 18% हैं. जनसंख्या की बात करें तो सवर्ण जातियों में ब्राह्मण-6%, भूमिहार-7.2%, राजपूत– 7.2% और कायस्थ (लाला)-1% हैं.
बिहार की कुल आबादी में अनुसूचित जातियां 16 फीसदी हैं. इसमें दुसाध– 5%, चमार– 5%, मुसहर– 2.8% और अन्य शामिल हैं. भारत की 2011 की जनगणना के अनुसार, अनुसूचित जातियां (Schedule Castes) बिहार की कुल आबादी का 15-16% हैं. इस जनगणना में, 22 दलित उप-जातियों में से 21 को महादलित के रूप में पहचान की गई थी. पासवान जाति को शुरू में महादलित श्रेणी से बाहर रखा गया था. लेकिन बाद में पासवान (दुसाध) जाति को भी महादलित श्रेणी में शामिल कर लिया गया. इस प्रकार से बिहार में महादलित श्रेणी में अब अनुसूचित वर्ग की सभी 22 जातियां शामिल हैं. महादलित समुदाय में निम्नलिखित उप-जातियां शामिल हैं: बंतर, बौरी, भोगता, भुइया, चौपाल, दबगर, डोम (धंगड़), घासी, हलालखोर, हरि (मेहतर, भंगी), कंजर, कुरारियार, लालबेगी, मुसहर, नट, पान (स्ववासी), रजवार, तुरी, धोबी, पासी, चमार और दुसाध.
अनुसूचित जनजाति (Scheduled Tribes) बिहार की आबादी का लगभग 1.3% हैं. इनमें गोंड, संथाल और थारू समुदाय शामिल हैं.
बिहार में मुस्लिम समुदाय की अच्छी खासी-आबादी है. यह कुल आबादी का 16.7% हैं. मुस्लिम समुदाय के प्रमुख जातियों में अशरफी, सैय्यद, शेख, मुगल और पठान आदि जातियां शामिल हैं. अन्य: 0.4%, इसमें ईसाई सिख जैन और बौद्ध शामिल हैं.
महत्वपूर्ण सूचना:
बिहार जातीय गणना की रिपोर्ट और जातियों-समुदायों की आबादी के आंकड़े जारी कर दिए गए हैं। राज्य में अत्यंत पिछड़ा वर्ग की आबादी 36.01 फीसदी, पिछड़ा वर्ग की आबादी 27.12 फीसदी, अनुसूचित जाति की आबादी 19.65 फीसदी, अनुसूचित जनजाति की आबादी 1.68 फीसदी, वहीं अनारक्षित यानी सवर्ण वर्ग की आबादी 15.52 फीसदी है। जातीय गणना सर्वे में कुल 13,07,25,310 लोग शामिल हुए।
जातिवार देखें तो कुल 215 जातियों की गिनती हुई है। इसमें 1 परसेंट से ज्यादा आबादी वाली जातियों की 13.07 करोड़ की आबादी में हिस्सेदारी देखें तो यादव सबसे आगे हैं। बिहार की आबादी में शेयर के हिसाब से यादव- 14.27%, दुसाध, धारी, धरही- 5.31%, मोची, चमार, रविदास- 5.26 %, कुशवाहा (कोइरी)- 4.21%, ब्राह्मण- 3.66%, मोमिन- 3.55%, राजपूत- 3.45%, शेख- 3.82%, मुसहर- 3.09%, कुर्मी- 2.88%, भूमिहार- 2.87%, तेली- 2.81%, मल्लाह- 2.61%, बनिया- 2.32%, कानू- 2.21%, धानुक- 2.14%, नोनिया- 1.91%, सुरजापुरी मुस्लिम- 1.87%, पान, सवासी, पानर- 1.70%, चन्द्रवंशी- 1.65%, नाई- 1.59%, बढ़ई- 1.45%, धुनिया- 1.43%, प्रजापति- 1.40% और कुंजरा- 1.40% हैं। सवर्ण जातियों में कायस्थ की आबादी एक परसेंट से कम 0.60 परसेंट के आसपास आई है।
धर्मवार देखें तो लगभग 82 परसेंट हिंदू, 17.70 परसेंट मुसलमान, ईसाई 0.05 परसेंट, सिख 0.01 परसेंट, बौद्ध 0.08 परसेंट, जैन 0.009 परसेंट, अन्य धर्म 0.12 परसेंट और कोई धर्म नहीं मानने वाले 0.0016 परसेंट हैं।
Jati Janganana Bihar 2023 PDF Download
References;
Last updated: 04/10/2023 7:21 am
This website uses cookies.
Read More