Ranjeet Bhartiya 06/03/2024
Jankaritoday.com अब Google News पर। अपनेे जाति के ताजा अपडेट के लिए Subscribe करेेेेेेेेेेेें।
 

Last Updated on 06/03/2024 by Sarvan Kumar

क्या जेल जाएंगे मौलाना तौकीर राजा?
Will Maulana Tauqeer Raza go to jail?

भारत विविधताओं से भरा देश है जहां विभिन्न धर्मों के लोग रहते हैं जिनकी अलग-अलग धार्मिक मान्यताएं हैं। ऐसे में भारत में सांप्रदायिक सौहार्द और शांति बनाए रखना बेहद चुनौतीपूर्ण काम है। यह समस्या तब और भी गंभीर हो जाती है जब कोई धार्मिक गुरु या मौलाना अपने नफरती, घृणास्पद और भड़काऊ बयानों से देश की शांति भंग करने और समाज में नफरत पैदा करने की कोशिश करता है। कई बार इन भड़काऊ बयानों के कारण देश में दंगे भी हो चुके हैं। ऐसा ही एक दंगा 2010 में बरेली में हुआ था। ‌ अब इस मामले में मौलाना तौकीर राजा का नाम सामने आ रहा है, जिन्हें कोर्ट ने दंगों का मास्टरमाइंड माना है और कयास लगाए जा रहे हैं कि मौलाना को जेल हो सकती है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला।

मार्च 2010 में लेक के प्रेमनगर थाना क्षेत्र में दंगे भड़क उठे थे। इस दंगे को याद करके लोग आज भी सिहर उठते हैं। ‌इस दंगे में दंगाइयों ने कुतुबखाना बाजार के पास सब्जी मंडी में करीब 20 दुकानों को आग लगा दी थी। इस दौरान शहर में लूटपाट की घटनाओं को भी अंजाम दिया गया था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन को शहर के सभी स्कूल-कॉलेजों को बंद करने के आदेश जारी करने पड़े थे। स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि ऐसा लग रहा था कि यह सांप्रदायिक दंगा पूरे मंडल में फैल जाएगा। ‌ इसीलिए अशांत इलाकों की हेलीकॉप्टर के माध्यम से निगरानी करनी पड़ी थी और शहर में कई दिनों तक कर्फ्यू लगाना पड़ा था। अब कोर्ट ने इसके लिए आईसीएमसी के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा को मुख्य साजिशकर्ता माना है।

अदालतने मौलाना तौकीर को तलब करते हुए इस बात पर हैरानी जताई कि पुलिस की चार्जशीट से उनका नाम कैसे गायब हो गया। ऐसे में तत्कालीन अधिकारियों पर कार्रवाई की संभावना भी बढ़ गयी है।
कोर्ट ने कहा कि जानबूझकर दंगा भड़काने वाले मौलाना तौकीर रजा खान का नाम जांच में पर्याप्त सबूत होने के बावजूद आरोप पत्र में शामिल नहीं किया जाना साबित करता है कि अधिकारियों ने सही ढंग से कार्य नहीं किया। ऐसा प्रतीत होता है कि तत्कालीन पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने अपने कर्तव्यों का पालन नहीं किया और जानबूझकर मास्टरमाइंड मौलाना तौकीर रजा खान का सहयोग किया।

कोर्ट ने अपने आदेश में इस बात का उल्लेख किया है कि जब मौलाना तौकीर रजा ने कोहाड़ापीर तिराहा के पास मंच बनाकर भड़काऊ भाषण दिया तो एक समुदाय विशेष के लोगों की भीड़ गुस्से से भर गई और हिंसक हो गई। ‌ हिंसक भीड़ ने वहां मौजूद पुलिस और प्रशासन के लोगों के साथ भीड़ ने मारपीट शुरू कर दी। जुलूस में शामिल लोगों ने कोहाड़ापीर पुलिस चौकी में आग लगा दी और चौकी के मंदिर की मूर्ति को तोड़ दिया। इस दौरान एक समुदाय विशेष के लोगों की दुकानें तोड़ी गई।‌ भीड़ ने अपने साथ लाए गैस सिलेंडरों और बोतलों में भरे पेट्रोल से दुकानों में आग लगा दी और लूटपाट किया।

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि सभी तथ्यों और विश्लेषणों को ध्यान में रखते हुए यह निष्कर्ष निकलता है कि दंगे और लूटपाट मौलाना तौकीर रजा खान के इशारे पर की गई थी। न्याय के हित में, मौलाना तौकीर रज़ा खान को मुकदमे के लिए बुलाने के लिए पर्याप्त आधार पाए जाते हैं। मौलाना तौकीर रजा के खिलाफ कोर्ट ने समन जारी किया है। उन्हें 11 मार्च को कोर्ट में पेश होना है। आपको बता दें कि मौलाना तौकीर रजा का विवादों से पुराना रिश्ता है। वह आए दिन भड़काऊ बयान देकर मुस्लिम समुदाय को भड़काने की कोशिश करते हैं और खून-खराबा करने की धमकी देते रहते हैं। ऐसे में अगर बरेली दंगा मामले की जांच आगे बढ़ती है और मौलाना दोषी पाए जाते हैं तो संभावना बढ़ गई है कि उन्हें जेल जाना पड़ सकता है।

Leave a Reply

Discover more from Jankari Today

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading