Sarvan Kumar 21/03/2019

जीवन एक सफर है…..

जीवन एक सफर है और अच्छी यादें उस सफर में मिलने वाले उन अनमोल मोतियों के तरह है जिसे देखकर हम सफर के थकान भुला देते हैं. यादों की बस एक समस्या है ये अच्छी और बुरी दोनों हो सकती है. जीवन के इस सफर में हमे अच्छी और बुरी दोनों परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है.जहां अच्छे परिस्थिति हमारे जीवन को आसान और खुशनुमा बना देती है वहीं बुरी परिस्थिति हमारे जीवन को विकट और दुखद बना देते हैं.

रात के 2 बजे हैं

रात के 2 बजे हैं सारी दुनिया सो रही हैं.हम बिस्तर पर अपने यादों मे खोये हैं.ये यादे या तो हमें रूला रही है या तो हमें मन ही मन गुदगुदाया रही है.हमारा शरीर भले ही बिस्तर पर है पर हमारा मन अपनी यादों में खोया है. अक्सर हम ऐसे समय में अपने बिस्तर से उठकर बाहर बालकनी में आ जाते हैं.अपने घर के बालकनी से हम बाहर की दुनिया को देखते है. अगर हमारी यादें अच्छी है तो बाहर की दुनिया हमें काफी अच्छा लगता है पर अगर यादें बुरी है तो काली रातें और भी काली नज़र आने लगती है.

हम स्वार्थी बन जाते हैं..

बाहर सोयी दुनिया हमें बिलकुल भी अच्छा नहीं लगता है. ऐसा लगता है वो हमें चिढा रही हो.उस समय हमें अपना दुख सबसे बड़ा लगता है.हमे ये भी एहसास नहीं होता है कि हो सकता है कोई और भी हमारे ही तरह की परिस्थितियों का सामना कर रहा हो. हम तो बस अपने से मतलब रह जाता है यूं कहें की हम स्वार्थी बन जाते हैं..

 

यादों का हमारे जीवन पर गहरा असर….

इससे तो ऐसा ही लगता है की यादों का हमारे जीवन पर गहरा असर होता है. हम में से कोई भी दुख को जानबूझकर अपने जीवन में नहीं लाना चाहता पर हमारे किए गए अच्छे और बुरे कर्मों से दुख और सुख अपने आप ही तय हो जाते हैं. आज हम आपको कुछ ऐसे उपायों के बारे में बताएंगे जिससे कि आप बुरे यादों से बच सकते हैं. बुरी यादों की नींव तो हम वही रख देते हैं जब हम अज्ञानता बस कुछ गलत कर देते हैं. हमें अगर हमें बुरी यादों से बचना है तो हमें अपने भूतकाल में काम भी अच्छे करने होंगे.अच्छा किया गया काम ही हमारे दिमाग में अच्छी यादों को संख्या बढ़ाएगा और बुरी यादें हमें परेशान नहीं कर पाएगा.

बुरी यादों को बदले अच्छी यादों में….

आज हम एक ऐसे ही परिस्थिति पर चर्चा करेंगे जब हम अपने सूझ -बूझ से एक खराब प्रस्थिति को अच्छी यादों में बदल पाएंगे.
दिल्ली से एक बहन हमें लिखती है.

” मेरा नाम दिया है (बदला हुआ नाम) मै 28 साल की हूँ. मै एक लड़के से प्यार करती थी.हमारे जीवन में एक दूसरा लड़का आया जिसे हमारे घर वालों ने ढूंढा था. वो किसी अच्छी नौकरी पर था. हालांकि मैं अपने बॉयफ्रेंड से बहुत प्यार करती थी पर हमने घरवाले के दबाब में आकर उनके ढूंढे हुए लड़के से शादी कर ली.अब समस्या ये है की मै उसकी यादों को नहीं भूला पा रही हूँ. जीवन दुखों का पहाड़ लगने लगा है.मर जाने का मन करता है”

जानकारी टुडे एक्सपर्ट क्या कहते हैं

पहले तो मैं ये कहना चाहूँगा की ऐसे परिस्थितियों का सामना किसी को भी करना पड़ सकता है. ऐसे में अगर हमें कोई मदद कर सकता है तो वो भगवान है. मै इस स्थिति में यही कहना चाहूँगा जो हुआ वो अच्छे के लिए हुआ. दुख और सुख बारी बारी से आते हैं. अभी आपकी उम्र कम है इंतजार कीजिये हो सकता हैं उपर वाले ने कुछ अच्छा सोचने रखा हो.अपने खुशियां वापस लाने के लिए मैं आपको कुछ उपाय बता रहा हूँ उसका अनुसरण करें.भगवान ने चाहा तो आप दुबारा मुस्करा सकेंगे.

1.कम से कम दो साल हौसला रखें.

2.उस लड़के से जुड़ी कुछ भी चीज अपने पास न रखें.

3.किसी अपने को अपनी सारा बातें बताते रहे ख्याल रखें वो आपकी बात सुने और सारी बातें अपने तक ही सीमित रखें.

4.चाहे जिस भी धर्म में विश्वास रखती हो धार्मिक होने की कोशिश करें.

5.हर समय घर में ना रहे कभी कभी बाहर घूमने जाया करें.

6.दोस्तों आपसे मिलता हूँ एक दूसरे लेख में किसी और मुद्दों के साथ. तब तक हम इस बहन के मंगलकामना के लिए भगवान से विनती करते हैं.

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