Ranjeet Bhartiya 15/09/2019

अमेठी भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित एक जिला है. उत्तर प्रदेश राज्य के मध्य भाग में स्थित यह जिला अयोध्या (फैजाबाद) प्रमंडल के अंतर्गत आता है. गौरीगंज जिले का प्रशासनिक मुख्यालय है. राजनीतिक दृष्टिकोण से यह जिला अत्यंत ही महत्वपूर्ण है. जवाहरलाल नेहरू के नाती संजय गांधी और राजीव गांधी, राजीव गांधी की पत्नी सोनिया गांधी और पुत्र राहुल गांधी ने लोकसभा में जिले का प्रतिनिधित्व किया है. नेहरू-गांधी खानदान के पारंपरिक लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र होने के कारण अमेठी प्रसिद्ध है. जिले में कितनी तहसील है? कितनी जनसंख्या है? आईये जानते हैं अमेठी जिले की पूरी जानकारी.

नामकरण

जिले के गठन के शुरुआत में इसका नाम छत्रपति शाहूजी महाराज नगर रखा गया था. परंतु बाद में इसका नाम बदलकर फिर से अमेठी कर दिया गया.

अमेठी जिला कब बना

एक स्वतंत्र जिले के रूप में अस्तित्व में आने से पहले अमेठी सुल्तानपुर जिले तथा रायबरेली जिले का हिस्सा हुआ करता था. 1 जुलाई 2010 को सुल्तानपुर जिले के तीन तहसीलों (अमेठी, गौरीगंज और मुसाफिरखाना) तथा रायबरेली जिले के 2 तहसीलों (सलोन और तिलोई) का विलय करके इसका गठन किया गया था.
इस प्रकार से यह जिला  उत्तर प्रदेश के 72वें जिले के रूप में अस्तित्व में आया.

अमेठी जिले की भौगोलिक स्थिति

बाउंड्री (चौहद्दी)
यह जिला 5 जिलों से घिरा हुआ है.
उत्तर में-अयोध्या (फैजाबाद) जिला और बाराबंकी जिला
दक्षिण मेंप्रतापगढ़ जिला और रायबरेली जिला
पूरब में-सुल्तानपुर जिला
पश्चिम में-रायबरेली जिला

समुद्र तल से ऊंचाई
यह जिला समुद्र तल से 101 मीटर (331 फीट) की औसत ऊंचाई पर स्थित है.

क्षेत्रफल
इस जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल 2329.11 वर्ग किलोमीटर है.

प्रमुख नदियां: गोमती.

अर्थव्यवस्था-कृषि, उद्योग और उत्पाद

जिले की अर्थव्यवस्था कृषि, पशुपालन, वन, खनिज, उद्योग और व्यवसाय पर आधारित है.

कृषि

इस जिले की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर आधारित है. जिले में उगाए जाने वाले प्रमुख फसल हैं: धान, गेहूं, मक्का, ज्वार, बाजरा, बार्ली, दलहन (मसूर, चना, मूंग, उरद, अरहर और मटर), तिलहन (मूंगफली, सरसों और तिल), आलू और सब्जियां. जिले में उगाए जाने वाले प्रमुख फल हैं: आम, अमरूद, नींबू, पपीता और केला.

पशुपालन

ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन जिले के लोगों के लिए आय का एक महत्वपूर्ण जरिया है. जिले के प्रमुख पशु धन हैं: गाय, बैल, भैंस, सूअर, भेड़, बकरी और पोल्ट्री.

वन

जिले में पाए जाने वाले प्रमुख वन संपदा हैं: आम, महुआ, जामुन और यूकेलिप्टस.

खनिज

अमेठी जिला खनिज से समृद्ध नहीं है. जिले में पाए जाने वाले प्रमुख खनिज हैं: बालू और पत्थर.

उद्योग

जिले में स्थित प्रमुख उद्योग हैं: हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड, ऑर्डिनेंस फैक्ट्री, सीमेंट उद्योग, भारत हेवी इलेक्ट्रॉनिक लिमिटेड और इंडो गल्फ फर्टिलाइजर्स.

व्यवसाय

यह जिला कृषि उत्पादों, अनाज और खाद्य तेल का व्यापार केंद्र है.

प्रशासनिक सेटअप

प्रमंडल: अयोध्या (फैजाबाद)
प्रशासनिक सहूलियत के लिए इस अमेठी को 4 तहसीलों (अनुमंडल) और 13 विकासखंडो (प्रखंड/ ब्लॉक) में बांटा गया है.

तहसील (अनुमंडल):
जिले को कुल 4 तहसीलों में बांटा गया है:
मुसाफिरखाना, तिलोई, गौरीगंज और अमेठी.
(नोट: 5 जुलाई 2013 को सलोन तहसील को अमेठी से फिर अलग करके रायबरेली जिले में शामिल किया गया.)

विकासखंड (प्रखंड):
इस जिले को कुल 13 विकासखंडों (प्रखंडों) में बांटा गया है-मुसाफिरखाना,तिलोई, अमेठी, गौरीगंज जगदीशपुर, बाजार शुकुल, भेटुआ, भादर, संग्रामपुर, शाहगढ़, जामो, सिंहपुर और बहादुरपुर

ग्राम पंचायतों की संख्या: 682
गांवों की संख्या: 1000

निर्वाचन क्षेत्र
लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र: 1, अमेठी

विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र: 4
अमेठी जिले के अंतर्गत कुल 4 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र आते हैं: अमेठी, गौरीगंज, जगदीशपुर और तिलोई.

अमेठी जिले की डेमोग्राफीक्स 

इस जिले की जनसांख्यिकी इस प्रकार है-
कुल जनसंख्या: 18.67 लाख
पुरुष: 9.45 लाख
महिला: 9.22 लाख

भाषाएं
इस जिले में बोली जाने वाली प्रमुख भाषाएं हैं: हिंदी, अवधि और उर्दू.

अमेठी जिले में आकर्षक स्थल 

इस जिले में पौराणिक, धार्मिक, पुरातात्विक और ऐतिहासिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण कई दर्शनीय स्थल हैं. जिले में स्थित प्रमुख दर्शनीय स्थलों के बारे में संक्षिप्त विवरण:

मलिक मोहम्मद जायसी का मजार

अमेठी जिले को प्रसिद्ध सूफी संत मलिक मोहम्मद जायसी के जन्म स्थली होने का गौरव प्राप्त है. मलिक मोहम्मद जायसी का जन्म अमेठी से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर जायस कस्बे में हुआ था. जायस कस्बे में स्थित जायसी का मजार जिले का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है.

नंद महार धाम

जिला मुख्यालय से लगभग 16 किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस स्थल का पौराणिक महत्व है. ऐसी मान्यता है कि भगवान श्री कृष्ण, बलराम, नंद बाबा और भगवान कृष्ण के पिता वासुदेव ने यहां इस स्थान पर विश्राम किया था.

कालिकन धाम मंदिर

यह प्राचीन मंदिर अमेठी शहर से लगभग 12 किलोमीटर की दूरी पर संग्रामपुर में स्थित है.

गढ़ामाफी

यह प्रसिद्ध स्थल गौरीगंज से लगभग 5 किलोमीटर पूरब में स्थित है. हनुमान जी, भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और शिव-पर्वती की विशाल प्रतिमा यहां पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण हैं.

अमेठी कैसे पहुंचे?

हवाई मार्ग
अमेठी जिले का अपना हवाई अड्डा नहीं है. यहां के लिए डायरेक्ट हवाई सेवा उपलब्ध नहीं है. निकटतम हवाई अड्डा: चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट, लखनऊ (Code: LKO). यह हवाई अड्डा गौरीगंज से लगभग 122 किलोमीटर की दूरी पर लखनऊ में स्थित है.

रेल मार्ग
अमेठी रेल मार्ग से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ तथा देश के विभिन्न हिस्सों से अच्छे से जुड़ा हुआ है.निकटतम रेलवे स्टेशन: निहालगढ़ रेलवे स्टेशन (Code: NHH) और अमेठी रेलवे स्टेशन (Code: AME).

सड़क मार्ग
अमेठी सड़क मार्ग से उत्तर प्रदेश और देश के प्रमुख शहरों से अच्छे से जुड़ा हुआ है. यहां के लिए नियमित बस सेवाएं उपलब्ध है. आप यहां अपने निजी वाहन कार या बाइक से भी आ सकते हैं.

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